केरल

Night curfew in Kerla: कोविड 19 के बढ़ते मामलों के चलते सरकार ने लगाया रात 10 से सुबह 6 बजे तक का रात्रिकालीन कर्फ्यू

Night curfew in Kerla: पिछले दो रविवारों से स्वतंत्रता दिवस और ओणम त्योहार के कारण कोई लॉकडाउन लागू नहीं था। इन दिनों, केरल में प्रतिदिन 30,000 से अधिक सकारात्मक मामले सामने आ रहे हैं। 

Night curfew in Kerla:

तिरुवनंतपुरमः केरल में कोविड-19 संक्रमण के तेजी से बढ़ते मामलों के मद्देजनर राज्य सरकार ने सोमवार रात दस बजे (Night curfew ) से सुबह छह बजे तक रात्रिकालीन कर्फ्यू (Night curfew ) लगाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने शनिवार शाम यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए नई पाबंदियों की जानकारी दी।

इससे पहले, सरकार ने ओणम त्योहार और स्वतंत्रता दिवस के बाद कोरोना संक्रमण के मामलों की बढ़ती संख्या और मौतों से कोई राहत नहीं मिलने के बाद हर रविवार को ‘ट्रिपल लॉकडाउन’ के समान सख्त उपाय करने का फैसला किया था। कोरोना की वर्तमान स्थिति की समीक्षा के लिए 24 अगस्त को आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में इस संबंध (Night curfew ) में निर्णय लिया गया।

पिछले दो रविवारों से स्वतंत्रता दिवस और ओणम त्योहार के कारण कोई लॉकडाउन लागू नहीं था। इन दिनों, केरल में प्रतिदिन 30,000 से अधिक सकारात्मक मामले सामने आ रहे हैं।

सीएम पिनराई विजयन ने बताया कि पिछले 24 घंटों में कोरोना के 1,67,497 सैंपल टेस्ट किए गए हैं, जिसमें से 31,265 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इस दौरान राज्य में 153 संक्रमित मरीजों की मौत हुई है।

मुख्यमंत्री विजयन ने इलके लिए लॉकाडाउन (Night curfew ) में ढील को वजह बताते हुए कहा, ”लॉकडाउन में ढील के बाद से मामलों में उछाल आया है। हमने राज्य में इलाज की सुविधाओं में इजाफा किया है। टीकाकरण (Night curfew) भी तेज रफ्तार से हो रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही हम हर्ड इम्यूनिटी हासिल कर लेंगे।”

आपको बता दें कि केरल में कोरोना वायरस संक्रमण की बढ़ती हुई दर और नए मामलों में वृद्धि को लेकर राज्य सरकार चौतरफा आलोचना का सामना कर रही है। कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (Night curfew) के अलावा भारतीय जनता पार्टी भी राज्य की वामपंथी सरकार की आलोचना कर रही है।

इसका जवाब देते हुए विजयन ने कहा कि केरल में ऑक्सीजन की कमी के कारण एक भी व्यक्ति की मौत नहीं हुई है। यहां कोविड-19 (Night curfew ) के कारण मृत्यु दर 0.5 प्रतिशत से भी कम है। हम सभी को स्वास्थ्य सेवाएं मुहाया करा रहे हैं और टीकाकरण में तेजी लाई जा रही है।

Tina Chouhan

Author, Editor, Web content writer, Article writer and Ghost writer