मुंबईस्पोर्ट्स

Sonu sood special day: रील लाइफ से रियल लाइफ हीरो बने सोनू सूद, जाने उनके स्ट्रगल की कहानी

Sonu sood special day:सोनू सूद के परिवार की स्थिति सामान्य थी तो इसलिए घर से ज्यादा पैसे भी नहीं मिले। सपना एक्टर बनने का था तो मुंबई जैसे शहर में दिन भी गुजारने थे।

Sonu sood special day:

मुंबई. बॉलीवुड में अपनी एक्टिंग का लोहा मनवा चुके एक्टर सोनू सूद (Sonu Sood) अब रीयल लाइफ में जरूरतमंद लोगों के लिए मसीहा बन चुके हैं। कोरोना की पहली लहर के दौरान सोनू सूद ने प्रवासियों को उनके घर तक पहुंचने में मदद की। वहीं दूसरी लहर के दौरान वो फिर लोगों की मदद करते नजर आए हैं। इस दौरान सोनू सूद कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए ऑक्सीजन से लेकर दवाओं तक की मदद की। यहां तक कि सोनू सूद (Sonu Sood) खुद कोरोना संक्रमित हो गए, लेकिन लोगों की मदद करना नहीं छोड़ें। आज बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद अपना 48वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस मौके पर करोड़ों फैंस उन्हें बधाई दे हैं और उनकी लंबी उम्र की कामना कर रहे हैं।

सोनू को इंजीनियर बनाना चाहते थे पिता:

आज एक कामयाब एक्टर बन चुके सोनू सूद का जन्म पंजाब के मोगा में 30 जुलाई 1973 में हुआ था। सोनू के पिता एक कपड़े की दुकान चलाते थे जो एक आम पिता की तरह अपने बेटे को इंजीनियर बनाना चाहते थे। पिता के कहने पर सोनू इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने नागपुर पहुंच गए। सोनू ने पढ़ाई तो पूरी कर ली लेकिन उनकी मंजिल कुछ और ही थी।

यह भी पढ़े, Daniel Redcliffe’s Birthday: हैरी पॉटर के नाम से मशहूर डैनियल रेडक्लिफ आज अपना 32 वां जन्मदिन मना रहे है, जाने उनसे जुड़ी दिलचस्प बातें

एक साल तक रिजेक्शन झेलते रहे एक्टर:

पढ़ाई पूरी करने के बाद सोनू ((Sonu Sood) ) हीरो बनने का सपना देखकर लाखों नौजवानों की तरह 1996 में सपनों की नगरी मुंबई पहुंच गए। 2020 में प्रवासियों के लिए मसीहा बने सोनू का एक लोकल ट्रेन का पास खूब वायरल हुआ था। ये पास 1997 का था जिसके जरिए सोनू कई किलोमीटर का सफर लोकल ट्रेन के धक्के खाते हुए पूरा करते थे। इस पास को खुद सोनू ने भी शेयर किया था।

कई महीनों तक मुंबई में रिजेक्शन का सामना करने के बाद सोनू हैदराबाद पहुंचे। यहां उन्हें काम मिलना शुरू हो गया। सोनू ने साल 1999 में तमिल फिल्म काल्लाझगर और नैंजीनीले से डेब्यू करने का मौका मिला। इसके बाद सोनू के टैलेंट को देखते हुए उन्हें की फिल्मों में विलेन की भूमिका निभाने का मौका मिला। साल 2002 में सोनू ने बॉलीवुड फिल्म शहीद-ए-आजम में भगत सिंह की भूमिका निभाकर सबका दिल जीता। इसके बाद एक्टर युवा, आशिक बनाया आपने, जोधा अकबर, सिंह इज किंग, दबंग, आर राजकुमार, शूटआउट एट वडाला, तूतक तूतक तूतिया, पलटन और सिंबा जैसी फिल्मों में नजर आए।

एक्टर बनने का सपना लेकर मुंबई पहुंचे सोनू सूद:

इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद 1996 में सोनू सूद मुंबई आ गए हैं क्योंकि उनका सपना एक्टर बनने का था। सोनू सूद (Sonu Sood) के परिवार की स्थिति सामान्य थी तो इसलिए घर से ज्यादा पैसे भी नहीं मिले। सपना एक्टर बनने का था तो मुंबई जैसे शहर में दिन भी गुजारने थे। इस वजह से सोनू सूद शेयरिंग के कमरें में रहने लगे। जिसमें सोन सूद के साथ तीन से चार लोग रहते थे। यानी की सोनू सूद के स्ट्रगल की शुरुआत हो चुकी थी। इसके बाद वो ऑडिशन देने और काम की तलाश में लोकल ट्रेन का धक्का खाने लगे। कई जगह पर उन्होंने मॉडलिंग के लिए ऑडिशन दिया पर सफलता नहीं मिली। लेकिन सोनू सूद ने हिम्मत नहीं हारी।

कुछ समय पहले स्टारडस्ट मैग्जीन ने सोनू सूद का एक्सक्लूसिव इंटरव्यू अपने कवर पेज पर छापा था। ये वही मैग्जीन थी जिसने सोनू की तस्वीरों को अपनी मैग्जीन में प्रिंट करने से इंकार कर दिया था। इंटरव्यू सामने आने के बाद सोनू ने इसे रीपोस्ट करते हुए लिखा, एक दिन था, जब पंजाब से मैंने अपने कुछ फोटो स्टारडस्ट के ऑडिशन के लिए भेजे थे। लेकिन मुझे रिजेक्ट कर दिया गया। आज स्टारडस्ट का शुक्रिया करना चाहता हूं, इस प्यारे कवर के लिए। आभार। सोनू पर स्टार डस्ट की इस कवर स्टोरी के साथ कैप्शन लिखा है- क्या रीयल हीरो सोनू सूद ने बाकी रील हीरोज से स्टारडम चुरा लिया है।

 

 

Tina Chouhan

Author, Editor, Web content writer, Article writer and Ghost writer