15 देशों ने ब्रह्मोस की मांग की, ऑपरेशन सिंदूर ने भारत की रक्षा क्षमता को उजागर किया

Sabal SIngh Bhati
By Sabal SIngh Bhati - Editor

नई दिल्ली। अब तक हमें आमतौर पर यही लगता था कि ऑपरेशन सिंदूर ने सैन्य क्षेत्र में भारत की नई और उभरती ताकत से पूरी दुनिया का परिचय करवाया है। जिस तरह से सिर्फ चार दिनों के भीतर भारतीय सशस्त्र सेना ने पाकिस्तान का गेम ओवर किया, उससे खुद को सुपर पावर कहने वाले देश भी हक्के-बक्के रह गए। लेकिन, अब ऐसी रिपोर्ट आ रही हैं कि ऑपरेशन सिंदूर ने सिर्फ हमारी सैन्य ताकत को ही बयां नहीं किया, रक्षा निर्यात के क्षेत्र में भी भारत के लिए नए द्वार खोल दिए हैं।

यह इसलिए संभव हुआ है कि भारत ने अपने कई स्वदेशी हथियारों का इस ऑपरेशन में सफल परीक्षण किया है। इनमें ऐसे हथियार भी शामिल हैं, जो अभी निर्माण की ही प्रक्रिया में हैं। लाइव टेस्टिंग ने तस्वीर बदली : एएफपी की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय सेना के एक बड़े अधिकारी ने बताया है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जो भारत का सैन्य प्रदर्शन रहा, उसकी वजह से दुनिया को इसकी ताकत को समझने का एक अच्छा मौका मिला है। सैन्य अधिकारी के अनुसार, ये हमारे लिए और हमारे तेजी से बढ़ते औद्योगिक साझेदारों के लिए गोल्डन इनसाइट्स थे।

दरअसल, ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सशस्त्र सेना को अपने दो अत्याधुनिक हथियारों को आजमाने का मौका मिला और दोनों ने ही कमाल कर दिया। ब्रह्मोस, आकाशतीर की धमक : ऑपरेशन सिंदूर में भारत को स्वदेशी आकाशतीर मिसाइल डिफेंस सिस्टम के परीक्षण का मौका मिला। हालांकि, तबतक इसपर सिर्फ 60 प्रतिशत ही काम हुआ था। यह वाहन पर लगा आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस आधारित एक ऐसा एयर डिफेंस सिस्टम है, जो दुश्मन की मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही मार गिराता है। इसने पाकिस्तान की ओर से आ रहे कई मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही सफलतापूर्वक रोक दिया।

इसके अलावा भारत ने पाकिस्तान के कई एयरबेस पर ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल भी दागी, जिससे पाकिस्तानी एयरफोर्स की लंबे समय के लिए कमर टूट गई। करीब 15 देशों को चाहिए ब्रह्मोस : ब्रह्मोस मिसाइल को भारत ने रूस के साथ मिलकर बनाया है। फिलीपींस इसका पहले से खरीदार था, लेकिन रिपोर्ट के अनुसार ऑपरेशन सिंदूर में शानदार प्रदर्शन की वजह से करीब 15 देश इसे खरीदने के लिए लालायित हो रहे हैं। एशिया ग्रुप कंसल्टेंसी के अशोक मलिक के अनुसार, इस संघर्ष ने मार्केट डिमॉन्सट्रेटर की तरह काम किया है।

उन्होंने ब्रह्मोस को लेकर कहा, मेरे लिए आपकी बनाई कोई चीज खरीदना एक बात है। आपकी बनाई हुई और फील्ड में सफलतापूर्वक इस्तेमाल की गई कोई चीज खरीदना दूसरी बात है। भारत आज अमेरिका, रूस, फ्रांस समेत 100 से ज्यादा देशों को सैन्य हथियार और रक्षा उपकरण निर्यात कर रहा है। भारत के जिन हथियारों की अंतरराष्ट्रीय सैन्य बाजार में ज्यादा डिमांड है, उनकी फेहरिस्त लंबी होती जा रही है।

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