अपराध

फैक्ट-फाइंडिंग टीम भेजने के भाजपा के फैसले को लेकर बंगाल में सियासी उबाल

कोलकाता, 13 अप्रैल ()। पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के हंसखाली में में एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म और बाद में उसकी मौत हो जाने के मामले की स्वतंत्र जांच के लिए भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने नई दिल्ली से पांच सदस्यीय तथ्य खोजने वाली टीम भेजने का फैसला लिया। इसके बाद राज्य की राजनीति में उबाल आ गया है।

पांच सदस्यीय जांच दल अपराध स्थल का दौरा करेगा, एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगा और इसे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को सौंपेगा।

भाजपा के फैसले के तुरंत बाद, तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पार्टी प्रवक्ता कुणाल घोष ने कड़े शब्दों में बयान दिया और तथ्य खोजने वाली टीम भेजने के पीछे की मंशा पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जब कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) इस मामले की जांच करने के लिए तैयार है, तब इसकी क्या जरूरत है।

घोष ने पत्रकारों से कहा, अपनी तथ्यखोजी टीम राज्य में भेजने के पार्टी के फैसले के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इस बात की बहुत अधिक संभावना है कि टीम के प्रमुख मामले में सीबीआई जांच को प्रभावित करने के लिए आ रहे हों, ताकि केंद्रीय जांच एजेंसी सबूतों के आधार पर नहीं, बल्कि भाजपा नेतृत्व की सुविधा के अनुसार आरोप तय करे। तथ्यखोजी दल भेजने का इरादा एक लड़की के दुखद अंत पर सरासर राजनीति है, जिसकी हम सभी पहले ही निंदा कर चुके हैं।

उन्होंने यह भी पूछा कि भाजपा शासित राज्य उत्तर प्रदेश में जब उन्नाव और हाथरस कांड हुआ था, तब भगवा नेतृत्व ने वहां तथ्यखोजी दल क्यों नहीं भेजा।

हालांकि, तथ्यखोजी दल के पांच सदस्यों में से एक पश्चिम बंगाल के भाजपा विधायक श्रीरूप मित्र चौधरी ने कुणाल घोष के आरोपों को खारिज कर दिया। उनके अनुसार, जब एक राज्य की महिला मुख्यमंत्री नाबालिग से बलात्कार को एक छोटी सी घटना के रूप में बताती है और इस मुद्दे को प्रेम-कोण देने की कोशिश करती हैं, तो यह स्पष्ट है कि राज्य में कोई भी महिला सुरक्षित नहीं है।

उन्होंने कहा, हम चाहते हैं कि केंद्र सरकार राज्य में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाए।

टीम के अन्य चार सदस्य हैं- उपाध्यक्ष और पार्टी सांसद रेखा वर्मा, अभिनेत्री खुशबू सुंदर, उत्तर प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य और तमिलनाडु से भाजपा विधायक वनथी श्रीनिवासन।

एसजीके/एएनएम