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कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों का इस तरह रखें ख्याल, स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी की गाइडलाइन

कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर को लेकर तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं। कई रिपोर्टस में कहा जा रहा है कि संभावित तीसरी लहर का असर बच्चों पर ज्यादा देखने को मिल सकता है।

कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों का इस तरह रखें ख्याल, स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी की गाइडलाइन

नई दिल्ली. देश में कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर को लेकर तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं। कई रिपोर्टस में कहा जा रहा है कि संभावित तीसरी लहर का असर बच्चों पर ज्यादा देखने को मिल सकता है। इसके पीछे बच्चों के लिए वैक्सीन की उपलब्धता न हो पाने को एक कारण के रूप में देखा जा रहा है। तो क्या वास्तव में इस बार बच्चों पर ज्यादा खतरा हो सकता है? इस संबंध में सामने आया एक सर्वे काफी राहत देने वाला है।

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बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने एक सीरो सर्वे की रिपोर्ट में बताया है कि यहां तकरीबन 51 फीसदी बच्चों में कोरोना के खिलाफ एंटीबॉडीज मिली है। यह सर्वे 18 साल तक के बच्चों पर किया गया है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक इस सर्वे के दो मायने हैं।

पहला- मुंबई में 50 फीसदी से ज्यादा बच्चों को कोरोना का संक्रमण हो चुका है और दूसरा जिन बच्चों को संक्रमण हुआ है उनमें कोरोना के खिलाफ एंटीबॉडीज पाई गई हैं। ऐसे में अगर तीसरी लहर आती है तो इन बच्चों को  काफी हद तक सुरक्षित माना जा सकता है।

बच्चों में कोरोना के कौन से लक्षण:

स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी की गई गाइडलाइन के मुताबिक बच्चों में कोरोना के आम लक्षणों में सर्दी, हल्का बुखार, शरीर में दर्द, कमजोरी, पेट में दर्द, डायरिया, उल्टी, स्मेल या स्वाद का चले जाना शामिल है।

अगर बच्चा किसी कोरोना संक्रमित के संपर्क में आया है या 3 दिन से लगातार बुखार में है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और घर में आइसोलेट करें।

कोरोना संक्रमित बच्चे का कैसे रखें ध्यान:

अगर बच्चा कोरोना संक्रमित पाया गया है तो उसे परिवार के बाकी लोगों से अलग रखें और डॉक्टर से बात करें. इस दौरान परिवार के बाकी लोग बच्चे से वीडियो कॉल या कॉल के जरिए सकारात्मक बातें करें।

अगर मां और बच्चा, दोनों कोरोना संक्रमित हैं तो बच्चा अपनी मां के साथ रह सकता है. वहीं अगर मां पॉजिटिव है और बच्चा नेगेटिव है और घर में बच्चे की देखभाल करने वाला कोई और नहीं है तो मां मास्क पहनकर बच्चे का ख्याल रख सकती है. वहीं माताएं अपने शिशु को जितना संभव स्तनपान जारी रख सकती हैं।

कोरोना संक्रमित बच्चे की मेंटल हेल्थ का भी काफी ज्यादा ध्यान रखने की सलाह दी गई है।
वहीं इम्यून सिस्टम को मजबूत रखने के लिए सब्जियों और फलों सहित स्वस्थ और पौष्टिक खाना और हाइड्रेशन बनाए रखना जरूरी है। 6 महीने से कम उम्र के बच्चों के लिए, केवल स्तनपान उनके स्वास्थ्य के लिए सबसे अच्छा पोषण है। 6 महीने के बाद बच्चों को स्तनपान के साथ पूरक आहार दिया जा सकता है। बच्चों के लिए नियमित टीकाकरण जारी रखा जाना चाहिए।

 

Tina Chouhan

Author, Editor, Web content writer, Article writer and Ghost writer

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