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दूसरा डोज लेने पर हो रहे ज्यादा साइड इफेक्ट, बदन दर्द, थकान व प्यास लगना जैसे है लक्षण

दूसरा डोज एक खास तरीके पर काम करता है, जिसे इम्युनोलॉजिकल मैमोरी कहते हैं. हमारा इम्यून सिस्टम उस वैक्सीन को याद रखता है, जो शरीर को पहले दिया जा चुका है।

दूसरा डोज लेने पर हो रहे ज्यादा साइड इफेक्ट, बदन दर्द, थकान व प्यास लगना जैसे है लक्षण

नई दिल्ली. कोई भी वैक्सीन लेने पर उसके हल्के साइड इफेक्ट दिखते हैं, जैसे बुखार या बदन दर्द. कोरोना वायरस से बचाने वाली वैक्सीन का मामला भी कुछ अलग नहीं, हालांकि देखा जा रहा है कि पहले डोज की बजाए दूसरा डोज लेने पर लोग ज्यादा परेशान हो रहे हैं. पहले डोज में जो नियमित तौर पर अपना काम करते रहे, वो लोग भी दूसरे डोज के बाद एक या दो दिनों तक बुखार या दर्द जैसी बातों से बेहाल हो रहे हैं. तो आखिर क्या वजह है जो एक ही वैक्सीन की महज दो खुराक होने के बाद भी दोनों के साइड इफेक्ट में फर्क दिखता है?

कोशिकाओं की याददाश्त पर काम करती है:

वैक्सीन का पहला डोज लेने पर शरीर में एंटीबॉडी बननी शुरू हो जाती है. वहीं दूसरी बार जब वैक्सीन हमारे भीतर जाती है तो हमारी कोशिकाएं उसे पहचान जाती हैं. असल में दूसरा डोज एक खास तरीके पर काम करता है, जिसे इम्युनोलॉजिकल मैमोरी कहते हैं. हमारा इम्यून सिस्टम उस वैक्सीन को याद रखता है, जो शरीर को पहले दिया जा चुका है. ऐसे में तयशुदा समय के बाद वैक्सीन की दूसरी खुराक का लगना इम्यून सिस्टम को तुरंत सचेत करता है और वो ज्यादा प्रतिक्रिया करता है. यही कारण है कि दूसरा डोज लेने पर ज्यादातर लोग हल्के-फुल्के साइड इफेक्ट की बात कर रहे हैं.

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अलग फॉर्मूला भी एक वजह:

विशेषज्ञ ये भी मान रहे हैं कि साइड इफेक्ट ही हैं, जो कोरोना की वैक्सीन को, दूसरे टीकों से अलग कर रहे हैं. बाकी इंफेक्शन्स को हमारा शरीर पहचानता है, इसलिए उनका टीका लेने पर साइड इफेक्ट उतना ज्यादा नहीं दिखता. वहीं कोरोना वायरस का ये रूप नया है, इसलिए उसकी वैक्सीन भी नई है. साथ ही वैक्सीन अलग-अलग फॉर्मूला पर भी काम करती है. यही कारण है कि केवल सारी कोरोना वैक्सीन ही नहीं, बल्कि अलग-अलग फॉर्मूला पर काम करने वाली वैक्सीन्स से अलग रिएक्शन दिख रहा है.

हर किसी पर टीके का अलग असर:

समझने की बात ये भी है कि सारे लोगों का इम्यून सिस्टम अलग तरह से काम करता है. ऐसे में सबपर टीके का अलग असर होता है. ये ठीक वैसा ही है, जैसे एक ही बीमारी दो लोगों को अलग तरह से प्रभावित करती है. हॉर्मोन्स का असर भी टीके पर दिखता है. इस वजह से टीका लेने पर महिलाओं में, पुरुषों से ज्यादा साइड इफेक्ट दिख रहे हैं.

संक्रमित हो चुके लोगों में साइड इफेक्ट ज्यादा:

अब कई स्टडीज ये भी बता रही हैं कि जिन लोगों को पहले कोरोना हो चुका है, वे टीका लेने के बाद शुरुआती दो-एक ज्यादा परेशान हो रहे हैं. वहीं कोरोना से अब तक बचे हुए लोगों में ऐसा नहीं दिखा. इसकी वजह भी साफ है. दरअसल पहले कोरोना से संक्रमित हो चुके लोगों में एंटीबॉडी पहले से मौजूद होती है. ऐसे में वैक्सीन जाते ही शरीर में इम्युनोलॉजिकल मैमोरी सक्रिय हो जाती है. यही चीज साइड इफेक्ट दिखाती है.

किन तरह के साइड इफेक्ट दिखते हैं?:

वैक्सीन के बाद आमतौर पर हल्का बुखार, बदन दर्द, वैक्सीन वाले पॉइंट पर दर्द, प्यास लगना और थकान जैसे लक्षण दिखते हैं. हालांकि ये साइड इफेक्ट लोगों में अलग-अलग हो सकते हैं, जैसे किसी में ज्यादा तो किसी में कम. सिरदर्द, उल्टी होने या जी मिचलाने जैसे लक्षण भी दिखते हैं. यहां तक तो सामान्य लक्षण हैं लेकिन इनके गंभीर होने पर तुरंत एक्सपर्ट से संपर्क करना चाहिए.

दूसरा डोज के लिए क्या हो तैयारी?:

वैक्सीन लेने से पहले शरीर को खूब अच्छी तरह से हाइड्रेट करना चाहिए. शरीर में पानी की कमी से लक्षण ज्यादा बिगड़ते हैं. इसके अलावा वैक्सीन लेने के बाद एकाध दिन पूरी तरह से आराम करना चाहिए. कोई भी ऐसा काम करने से बचें, जिससे शरीर का इम्यून सिस्टम ज्यादा भड़कता हो. इससे साइड इफेक्ट ज्यादा लंबा खिंच जाते हैं. इसके अलावा अच्छी तरह से सोना भी जरूरी है.

 

Tina Chouhan

Author, Editor, Web content writer, Article writer and Ghost writer

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