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वैक्सिनेशन ना करवाने वाले हो जाए सावधान, नए-नए वेरिएंट्स की बन सकते है ‘फैक्ट्री, WHO के विशेषज्ञों ने चेताया

वैक्सिनेशन कोरोना के प्रकोप से बचना है तो वैक्सीनेशन जरूर करवाएं। जो भी लोग वैक्सीन नही लगवाना चाहते है, उन्हें संक्रामक रोग विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है।

वैक्सिनेशन ना करवाने वाले हो जाए सावधान, नए-नए वेरिएंट्स की बन सकते है ‘फैक्ट्री, WHO के विशेषज्ञों ने चेताया

नई दिल्ली. देश मे कोविड की दूसरी लहर का प्रकोप अब कम हो गया है. हालांकि कोरोना के डेल्टा वैरिएंट की वजह से चिंता बढ़ गयी है। विशेषज्ञ लगातार इस बात और दबाव दे रहे है कि कोरोना के प्रकोप से बचना है तो वैक्सीनेशन जरूर करवाएं। जो भी लोग वैक्सीन नही लगवाना चाहते है, उन्हें संक्रामक रोग विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है। उनके अनुसार जो लोग वैक्सीन नहीं लेंगे उन्हें अन्य के मुकाबले कोरोना के अन्य वैरिएंट से खतरा ज्यादा रहेगा।

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CNN के अनुसार, एक संक्रामक रोग विशेषज्ञ ने कहा है कि असंक्रमित व्यक्ति न केवल अपने स्वास्थ्य को जोखिम में डालेंगे, बल्कि कोरोना वायरस के संभावित वैरिएंट के ‘कारखाने’ की तरह हो सकते हैं.उन्होंने कहा कि निम्न और निम्न-मध्यम आय वाले देशों में वैक्सीन की उपलब्धता की कमी के साथ-साथ दुनिया भर में वैक्सिनेशन  की हिचकिचाहट, वायरस के नए वैरिएंट और घातक म्यूटेशन को दबाने में एक बाधा की तरह का काम कर रहे हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, वेंडरबिल्ट यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर में संक्रामक रोगों के विभाग के प्रोफेसर डॉ विलियम शेफ़नर ने कहा कि असंक्रमित लोगों की संख्या जितनी अधिक होगी, वायरस के गुणा करने के उतने ही ज्यादा चांस होंगे.

WHO ने भी दी चेतावनी:

विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन के चीफ टेड्रोस अदहानोम गेब्रेयेसस ने भी कोरोना के डेल्टा वैरिएंट को लेकर चेतावनी दी है. उन्होंने आगाह करते हुए कहा है कि दुनिया कोरोना महामारी के बेहद ‘खतरनाक दौर’ में है. कोरोना के नए वेरियंट जिनमे डेल्टा जैसे वेरिएंट है ज्यादा संक्रामक हैं और वक्त के साथ लगातार बदल रहे हैं. टेड्रोस ने कहा कि करीब-करीब दुनिया के 100 देशों में यह फैल चुका डेल्टा वेरिएंट आने वालों दिनों में सबसे तेजी से फैलने वाला वेरिएंट बन जाएगा और इस तरह ये दुनिया में कोरोना का सबसे ज्यादा संक्रामक वेरिएंट होगा। वैक्सिनेशन काफी जरूरी हो गया है।

कोरोना के ‘डेल्टा जैसे स्वरूप अधिक संक्रामक है और ये कई देशों में फैल रहा है. इसी के साथ अभी हम इस महामारी के बहुत खतरनाक दौर में हैं. कोई भी देश अभी तक इस खतरे से बाहर नहीं निकला है. डेल्टा का यह वेरियंट खतरनाक है और ये वक्त के साथ और बदल रहा है, जिस पर लगातार नजर रखने की जरूरत है. जिन देशों की कम आबादी को टीके लगे हैं, वहां के अस्पतालों में फिर से मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है।

सितंबर तक कम से कम 10 प्रतिशत लोगों का वैक्सीनेशन:

विश्व स्वास्थ्य संगठन के चीफ ने दुनियाभर के नेताओं से आग्रह किया कि वे एक साथ मिलकर ये सुनिश्चित करें कि इस सितंबर के अंत तक सभी देशों के कम से कम 10 प्रतिशत लोगों को टीका लग जाए और अगले साल इस समय तक हर देश की 70 प्रतिशत आबादी का वैक्सीनेशन हो जाए।

 

Tina Chouhan

Author, Editor, Web content writer, Article writer and Ghost writer

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