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हिंदू-मुस्लिम का DNA एक’, संघ प्रमुख ने कहा, ओवैसी-दिग्विजय के पलटवार से भड़कीं VHP, कहा ये…

हिन्दू परिषद से आलोक कुमार ने कहा, ‘’हम सभी को जोड़ने वाला तत्व भारतीयता है. एक मां की हम सब संतान हैं. सारी व्यवस्थाएं अंबेडकर द्वारा बनाए संविधान से चलती हैं.

हिंदू-मुस्लिम का DNA एक’, संघ प्रमुख ने कहा, ओवैसी-दिग्विजय के पलटवार से भड़कीं VHP, कहा ये…

नई दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत के ‘भारतीयों का डीएनए एक है और मुसलमानों को ‘‘डर के इस चक्र में’’ नहीं फंसना चाहिए कि भारत में इस्लाम खतरे में है’ वाले बयान पर राजनीतिक गलियारों से खूब प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. एक तरफ असदुद्दीन ओवैसी और दिग्विजय सिंह जैसे नेताओं ने भागवत के बयान पर पलटवार किया है तो वहीं, दूसरी ओर बीजेपी और वीएचपी ने इसका स्वागत किया है. जानिए किसने क्या कहा है.

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ओवैसी ने क्या कहा:

ओवैसी ने एक के बाद एक ट्वीट करके कहा, ‘’RSS के भागवत ने कहा लिंचिंग करने वाले हिंदुत्व विरोधी. इन अपराधियों को गाय और भैंस में फ़र्क़ नहीं पता होगा, लेकिन क़त्ल करने के लिए जुनैद, अखलाक़, पहलू, रकबर, अलीमुद्दीन के नाम ही काफी थे. ये नफ़रत हिंदुत्व की देन है, इन मुजरिमों को हिंदुत्ववादी सरकार की पुश्त पनाही हासिल है.’’

औवसी ने आगे कहा, ‘’केंद्रीय मंत्री के हाथों अलीमुद्दीन के कातिलों की गुलपोशी हो जाती है, अखलाक़ के हत्यारे की लाश पर तिरंगा लगाया जाता है, आसिफ़ को मारने वालों के समर्थन में महापंचायत बुलाई जाती है, जहां बीजेपी का प्रवक्ता पूछता है कि “क्या हम मर्डर भी नहीं कर सकते?” उन्होंने कहा, ‘’केंद्रीय कायरता, हिंसा और क़त्ल करना गोडसे की हिंदुत्व वाली सोंच का अटूट हिस्सा है. मुसलमानो की लिंचिंग भी इसी सोच का नतीजा है.’’

दिग्विजय सिंह ने क्या कहा?:

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कहा, अगर आप अपने व्यक्त किए गए विचारों के प्रति ईमानदार हैं तो बीजेपी में वे सब नेता, जिन्होंने निर्दोष मुसलमानों को प्रताड़ित किया है, उन्हें उनके पदों से तत्काल हटाने का निर्देश दें. शुरूआत नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ से करें. मोहन भागवत जी यह विचार क्या आप अपने शिष्यों, प्रचारकों, विश्व हिंदू परिषद/ बजरंग दल कार्यकर्ताओं को भी देंगे? क्या यह शिक्षा आप मोदीशाह जी और बीजेपी के मुख्यमंत्री को भी देंगे?

वीएचपी ने क्या कहा?:

विश्व हिंदू परिषद से आलोक कुमार ने कहा, ‘’हम सभी को जोड़ने वाला तत्व भारतीयता है. एक मां की हम सब संतान हैं. सारी व्यवस्थाएं अंबेडकर द्वारा बनाए संविधान से चलती हैं. इसलिए हिंदू और मुसलमान हम सभी का DNA एक होने के कारण हम मे कोई मौलिक मतभेद नहीं है.’’

बीजेपी ने क्या कहा?:

केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, ‘’देश और समाज को लेकर संघ के विचार हमेशा ऐसे रहे हैं, लेकिन संघ के विचारों पर विरोधियों के दुष्प्रचार हावी रहे हैं. साल 1998 तक दूरदर्शन और AIR जैसे प्राचार माध्यमों पर संघ के विचारों पर अधिकृत रूप से प्रतिबंध लगा हुआ था. इस वजह से संघ के बारे में दुष्प्रचार करने वाली ताकतें हावी रहती थीं. जब इस तरह के विचार जनता के बीच आएंगे तो स्वाभाविक है कि ‘गुमराही गैंग’ के पेट में दर्द होगा, क्योंकि उसने खासतौर से मुस्लिम समाज में संघ को लेकर ऐसा माहौल परोसा था,अब वे एक्सपोज हो रहे हैं.’’

एनसीपी ने क्या कहा?:

एनसीपी के वरिष्ठ नेता नवाब मलिक ने कहा, ‘’मोहन भागवत का बयान कि भारत में रहने वाले सभी लोगों का DNA एक है. अगर भागवत जी का हृदय बदल रहा है तो हम उसका स्वागत करते हैं. वर्ण व्यवस्था में विश्वास करने वाला संगठन अगर धर्म की हदों को तोड़ना चाहता है तो ये अच्छी बात है.’’

महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख नाना पटोले ने कहा, ‘’कांग्रेस की भूमिका पहले से ही स्पष्ट थी कि हिन्दुस्तान के हर इंसान का डीएनए एक ही है, वो किसी भी धर्म का हो. आज मोहन भागवत जी को ये पता चला तो हम इसका स्वागत करते हैं.’’

मोहन भागवत ने क्या कहा था?:

मोहन भावत ने कहा था, ‘‘हिन्दू-मुस्लिम एकता की बात भ्रामक है क्योंकि वे अलग नहीं, बल्कि एक हैं. सभी भारतीयों का डीएनए एक है, चाहे वे किसी भी धर्म के हों.’’  आरएसएस प्रमुख ने इस बात पर जोर दिया कि एकता का आधार राष्ट्रवाद और पूर्वजों का गौरव होना चाहिए. हिन्दू-मुस्लिम संघर्ष का एकमात्र समाधान ‘संवाद’ है, न कि ‘विसंवाद’.

यदि कोई कहता है कि मुसलमानों को भारत में नहीं रहना चाहिए तो वह हिन्दू नहीं है- भागवत
आरएसएस प्रमुख ने कहा, ‘‘यदि कोई कहता है कि मुसलमानों को भारत में नहीं रहना चाहिए तो वह हिन्दू नहीं है. हम एक लोकतंत्र में हैं. यहां हिन्दुओं या मुसलमानों का प्रभुत्व नहीं हो सकता. यहां केवल भारतीयों का वर्चस्व हो सकता है.’’ उन्होंने कहा कि संघ न तो राजनीति में है और न ही यह कोई छवि बनाए रखने की चिंता करता है. उन्होंने कहा, ‘‘यह (संघ) राष्ट्र को सशक्त बनाने और समाज में सभी लोगों के कल्याण के लिए अपना कार्य जारी रखता है.’’

 

Tina Chouhan

Author, Editor, Web content writer, Article writer and Ghost writer

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