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2030 में चांद बदलेगा अपनी जगह, धरती पर आएगी यह भयानक आपदा

2030 में जलवायु परिवर्तन के चलते बढ़ते समुद्र के जलस्तर के साथ चांद अपनी कक्षा से डगमगाएगा, जिससे धरती पर विनाशकारी बाढ़ आएगी। 

2030 में चांद बदलेगा अपनी जगह, धरती पर आएगी यह भयानक आपदा

नई दिल्ली. जलवायु परिवर्तन के चलते धरती पर तेजी से मौसम में बदलाव आ रहा है। इसके चलते ग्लेशियर पिघल रहे हैं और कई देशों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। वहीं अब अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने अपने एक अध्ययन में दावा किया है कि मौसम में बदलाव की वजह चांद भी हो सकता है। नासा ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि वर्ष 2030 में जलवायु परिवर्तन के चलते बढ़ते समुद्र के जलस्तर के साथ चांद अपनी कक्षा से डगमगाएगा, जिससे धरती पर विनाशकारी बाढ़ आएगी।

हाई टाइड की वजह से आने वाली बाढ़ को न्यूसेंस फ्लड (Nuisance Floods) उपद्रवी बाढ़ भी कहते हैं. ऐसे समय में समुद्र की लहरें अपनी औसत ऊंचाई से 2 फीट ज्यादा ऊंची उठती हैं. स्टॉर्म ड्रेन में पानी भर जाता है. शहरों में पानी भरने लगता है. जैसे कि मॉनसून में मुंबई की हालत खराब हो जाती है. इसकी वजह से शहर में हालत अस्त-व्यस्त हो जाती है. जितने दिन ये पानी रुकता है शहर में उतने दिन तबाही जारी रहती है.

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एक दशक तक चलेगा सिलसिला’:

नासा के अध्ययन के मुताबिक बाढ़ की ये स्थिति 2030 के मध्य में ज्यादा बनेगी और अनियमित भी होगी. अध्ययन में कहा गया है कि अमेरिकी तटीय इलाकों में समुद्र की लहरें अपनी सामान्य ऊंचाई के मुकाबले तीन से चार फीट ऊंची उठेंगी और ये सिलसिला एक दशक तक जारी रहेगा. अध्ययन में यह भी कहा गया है कि बाढ़ की ये स्थिति पूरे साल में नियमित तौर पर नहीं रहेगी, बल्कि कुछ महीनों के दरम्यान ये पूरी स्थिति बनेगी, जिससे इसका खतरा और बढ़ जाएगा.

‘तटीय इलाकों की बढ़ेगी परेशानी’:

नासा के प्रशासक बिल नेल्सन ने कहा, “समुद्र के बढ़ते जलस्तर के चलते निचले इलाकों में खतरा लगातार बढ़ रहा है और बार-बार बाढ़ आने से लोगों को मुश्किलें भी बढ़ रही हैं और आने वाले समय में और बढ़ेगी.” उन्होंने कहा, “अपनी कक्षा में चांद के जगह बदलने से गुरुत्वीय खिंचाव, बढ़ता समुद्रीय जलस्तर और क्लाइमेट चेंज एक साथ मिलकर वैश्विक स्तर पर तटीय इलाकों में बाढ़ की स्थिति पैदा करेंगे.”

जानें कैसे होगा चांद का असर:

थॉम्पसन ने कहा, “18.6 सालों में आधे समय तक यानी तकरीबन 9 साल तक पृथ्वी पर समुद्र में सामान्य टाइड का उठना कम हो जाता है. हाई टाइड की ऊंचाई सामान्य तौर पर कम होती है, लो टाइड की ऊंचाई सामान्य तौर पर ज्यादा होती है. वहीं अगले 9 साल तक इसका उल्टा होता है. अगली बार ये चक्र 2030 के आसपास बनेगा, जिससे सामान्य जिंदगी पर काफी असर पड़ेगा, खासतौर पर तटीय इलाकों में.”

 

Tina Chouhan

Author, Editor, Web content writer, Article writer and Ghost writer

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