दिल्ली

क्यूबा बनेगा 2 साल के बच्चों को कोरोना वैक्सीन लगवाने वाला पहला देश

क्यूबा दुनिया का पहला ऐसा देश बन गया है जिसने 2 साल के बच्चों को भी कोरोना वैक्सीन लगानी शुरू कर दी है. क्यूबा में दो कोरोना टीके लगाए जा रहे हैं

क्यूबा. कोरोना संकट काल के बीच टीकाकरण के मामले में क्यूबा ने एक नई उपलब्धि हासिल की है. क्यूबा दुनिया का पहला ऐसा देश बन गया है जिसने 2 साल के बच्चों को भी कोरोना वैक्सीन लगानी शुरू कर दी है. क्यूबा में दो कोरोना टीके लगाए जा रहे हैं, जो कि क्यूबा में ही तैयार किए गए हैं, इनको फिलहाल वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) से मान्यता नहीं मिली है.

यहां अब्दला और सोबराना नाम के 2 कोरोना टीके लगाए जा रहे हैं, दोनों ही क्यूबा ने खुद तैयार किए हैं। इनका बच्चों पर भी क्लिनिकल ट्रायल किया जा चुका है। WHO ने फिलहाल इन्हें मान्यता नहीं दी है। क्यूबा में 12 साल तक के बच्चों का वैक्सीनेशन पहले ही शुरू किया जा चुका है।

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अन्य देशों में भी 12 साल से ऊपर तक के बच्चों को लगाई जा रही वैक्सीन:

दुनिया के कई देशों में 12 साल या उससे ज्यादा उम्र के बच्चों को कोरोना टीका लगाना पहले ही शुरू कर दिया गया है. वहीं कुछ देशों में ट्रायल चल रहा है. चीन, यूएई, वेनेजुएला मे भी छोटे बच्चों को कोरोना वैक्सीन लगाने का ऐलान किया है, लेकिन क्यूबा ने उनसे पहले ऐसा कर दिया है.

हिंदुस्तान में भी 12 साल से ऊपर के बच्चों को कोविड टीका दिया जाना शुरू होगा. भारत मे इसके लिए जायडस कैडिला की कोरोना वैक्सीन को आपात इस्तेमाल की मंजूरी दे दी गई. 12 साल से अधिक उम्र के बच्चों को ये वैक्सीन लगाई जा सकती है. कोरोना की इस वैक्सीन जायडस कैडिला को ZyCoV-D नाम दिया गया है, यह डीएनए पर आधारित दुनिया की पहली स्वदेशी वैक्सीन है. वैक्सीन को ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) की ओर से मंजूरी दे गई है.

 

Tina Chouhan

Author, Editor, Web content writer, Article writer and Ghost writer