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Moderna Vaccine: सरकार ने दी माडर्ना को मंजूरी, आपात स्थिति में किया जाएगा इस वैक्सीन का इस्तेमाल

Moderna को मंजूरी मिल गई है. केंद्र सरकार ने मंगलवार को यह जानकारी दी. नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने कहा कि इस नई वैक्सीन की अनुमति प्रतिबंधित उपयोग के लिए मिली है।

Moderna Vaccine: सरकार ने दी माडर्ना को मंजूरी, आपात स्थिति में किया जाएगा इस वैक्सीन का इस्तेमाल

नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने मंगलवार को कहा कि पहली अंतरराष्ट्रीय निर्मित वैक्सीन मॉडर्ना (Moderna) को मंजूरी मिल गई है. केंद्र सरकार ने मंगलवार को यह जानकारी दी. नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने कहा कि इस नई वैक्सीन की अनुमति प्रतिबंधित उपयोग के लिए मिली है. पॉल ने कहा कि फिलहाल भारत में इस्तेमाल के लिए कोवैक्सीन, कोविशील्ड, स्पूतनिक और Moderna चार वैक्सीन हो गई हैं. पॉल ने कहा कि हम फाइजर के साथ भी समझौता करने के करीब हैं। पॉल ने बताया कि ये चारों की वैक्सीन स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए सुरक्षित हैं. टीके का बांझपन से कोई संबंध नहीं है।

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सिप्ला ने सोमवार को किया था मंजूरी के लिए आवेदन:

बता दें कि मुंबई स्थित फार्मा कंपनी सिप्ला ने सोमवार को वैक्सीन के आयात के लिए DCGI से मंजूरी मांगी थी। कंपनी द्वारा सोमवार को DCGI को भेजे गए आवेदन में 15 अप्रैल और 1 जून के नोटिस का भी हवाला दिया था, जिसमें कहा गया था कि यदि वैक्सीन को आपात उपयोग अधिकार (EUA) के लिए अमेरिका की फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) द्वारा अनुमति मिलती है तो उसे बिना ‘ब्रिजिंग ट्रायल’ के मंजूरी दी जा सकती है।

आवेदन: माडर्ना में भी DCGI से मांगी है आपात इस्तेमाल की मंजूरी:

इससे पहले अमेरिकी फार्मा कंपनी माडर्ना ने भी DCGI के समक्ष आवेदन भेजकर वैक्सीन को भारत में आपात इस्तेमाल की मंजूरी देने की मांग की थी।ऐसे में सूत्रों का कहना है कि DCGI जल्द ही इस वैक्सीन को 18 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों में आपातकालीन इस्तेमाल के लिए मंजूरी दे सकता है।इधर, सिप्ला को वैक्सीन के आयात और मार्केटिंग संबंधी प्राधिकार की मंजूरी मिलने के बाद वैक्सीन को मंजूरी मिलने की संभावना बढ़ गई है।

भारत में ट्रायल से मिली छूट:

इसी महीने ड्रग नियामक डीसीजीआई ने भारत में कोविड वैक्‍सीन की कमी को देखते हुए एक बड़ा फैसला लिया था। इसके तहत जारी एक नोटिस में डीसीजीआई की तरफ से कहा गया था कि ऐसी वैक्‍सीन, जिसको अमेरिकी एफडीए या विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन से आपात सेवा में इस्‍तेमाल के लिए मंजूरी मिल चुकी है उसका भारत में ट्रायल नहीं किया जा सकेगा। डीसीजीआई ने अपने फैसले में उन वैक्‍सीन को भी ट्रायल से छूट प्रदान की थी, जिनको लाखों लोगों को लगाया जा चुका है।

Tina Chouhan

Author, Editor, Web content writer, Article writer and Ghost writer

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