पर्यावरण / वन्यजीव

जलवायु पर भारत-अमेरिका के बीच फोन पर चर्चा, अमेरिका को आम भी निर्यात करेगा भारत

नई दिल्ली, 11जनवरी, (आईएएनएस)। केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव और जलवायु पर अमेरिकी राष्ट्रपति के विशेष दूत जॉन केरी ने टेलीफोन पर बातचीत की। केंद्रीय मंत्री और अमेरिकी राष्ट्रपति के विशेष दूत के बीच फोन पर यह चर्चा 10 जनवरी को भारतीय समयानुसार शाम सात बजे हुई।

केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और केरी ने इस दौरान कॉप 26 के दौरान घोषित भारत के महत्वाकांक्षी जलवायु कार्यवाही लक्ष्यों सहित विस्तृत मुद्दों पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने चार मान्य स्तंभों जलवायु महžवाकांक्षा, वित्त जुटाने के प्रयास, संयोजन और अनुकूलन तथा वानिकी के जरिये इंडिया-यूएस क्लाइमेट एक्शन एंड फाइनेंस मोबिलाइजेशन डायलॉग (सीएएफएमडी – भारत-अमेरिका जलवायु कार्यवाही और वित्तीय एकजुटता संवाद) को आगे बढ़ाने पर चर्चा की।

भूपेंद्र यादव ने एल.आई.एफ.ई (लाइफस्टाइल फॉर एनवॉयरनेमेंट-जलवायु अनुकूल जीवनशैली) पर ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया। उल्लेखनीय है कि ग्लासगो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अभियान का मंत्र दिया था।

दोनों नेताओं ने मेजर इकोनॉमीज फोरम (एमईएफ-प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं का मंच) की आगामी बैठक के बारे में भी चर्चा की।

वहीं, एक अन्य निर्णय में केंद्र सरकार ने नए सीजन में अमेरिका के लिए भारतीय आमों के निर्यात के लिए यूनाइटेड स्टेट्स डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर (यूएसडीए) से मंजूरी प्राप्त कर ली है। यानी अमेरिका के उपभोक्ता अब भारत के उत्कृष्ट गुणवत्ता वाले आम प्राप्त कर सकेंगे।

भारतीय आमों के निर्यात पर अमेरिका द्वारा 2020 से ही प्रतिबंध लगा दिया गया था क्योंकि यूएसडीए के निरीक्षक कोविड-19 महामारी के कारण अंतर्राष्ट्रीय यात्रा पर लगाये गए प्रतिबंधों के कारण विकिरण (इरेडिएशन) सुविधा के निरीक्षण के लिए भारत के दौरे पर आने में असमर्थ हो गए थे।

अभी हाल में, 23 नवंबर, 2021 को आयोजित 12वीं-अमेरिकी व्यापार नीति फोरम (टीपीएफ) की बैठक के अनुसार, कृषि तथा किसान कल्याण विभाग और यूनाइटेड स्टेट्स डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर (यूएसडीए) ने 2 बनाम 2 कृषि बाजार पहुंच मुद्दों को कार्यान्वित करने के लिए एक संरचना समझौते पर हस्ताक्षर किया है।

इस समझौते के तहत, भारत और अमेरिका भारत के आमों तथा अनारों के अमेरिका को निर्यात के लिए विकिरण तथा अमेरिका से चेरी और अल्फाल्फा सूखी घास (हे) के आयात पर संयुक्त प्रोटोकॉल का अनुसरण करेंगे।

–आईएएनएस

जीसीबी/एसजीके

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