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WhatsApp New Rules Hindi: क्या अब सरकार आपके WhatsApp कॉल रिकार्ड करेगी? जानें तीन रेड के दावे का सच!

- WhatsApp New Rules Hindi: सोशल मीडिया कंपनियों पर भारत सरकार के नए आईटी नियमों को लेकर फेसबुक, व्हाट्सएप और ट्विटर पर की तरह के फेक मैसेज वायरल (three red ticks in whatsapp) हो रहे हैं। ऐसे ही एक वायरल मैसेज में दावा किया जा रहा है कि, देश में नए आईटी नियमों के लागू होने के बाद आपकी व्हाट्सएप की सभी गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी और आपके सभी व्हाट्सएप कॉल रिकॉर्ड किए जाएंगे।

इसके अलावा दावा ये भी किया जा रहा है कि व्हाट्सएप ने एक नया टिक (WhatsApp New Rules Hindi) सिस्टम लागू किया है। जिसमे दो ब्लू टिक और एक रेड टिक का मतलब ये होने वाला हैं की, सरकार कार्रवाई कर सकती है और तीन रेड टिक (three red ticks in whatsapp) का मतलब कि सरकार ने आपके खिलाफ अदालती कार्रवाई शुरू कर दी है। आपको बात दें की, ये सारे दावे फर्जी है। नए आईटी नियमों में ऐसा कुछ भी नहीं है, जिससे आपकी व्हाट्सएप की गतिविधियों पर रखी जाए।

तीन रेड टिक वाला इसी तरह का एक फर्जी मैसेज पिछले साल भी वायरल हुआ था। तब भी इस झूठे दावे को खारिज किया गया था। वायरल हो रहा फॉरवर्डेड मैसेज में दावा किया जा रहा हैं की, देश में नए आईटी नियम (WhatsApp New Rules Hindi) लागू होने के बाद, आपके सभी व्हाट्सएप कॉल (WhatsApp Calls) रिकॉर्ड किए जाएंगे और सभी सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी निगरानी राखी जाएगी। इस वायरल मैसेज में यहां तक कहा जा रहा है कि यदि कोई व्हाट्सएप यूजर सरकार के खिलाफ या किसी धार्मिक मुद्दे पर कोई नकारात्मक या गलत मैसेज शेयर करता है, तो उसको गिरफ्तार किया जाएगा। ये सब दावे एक दम से फर्जी दावे हैं।

WhatsApp New Rules Hindi: Viral three red ticks in whatsapp message

नए आईटी नियम देश में 26 मई से प्रभाव में आने वाले थे, इसकी घोषणा 25 फरवरी को की गयी थी। लेकिन अभी तक सोशल मीडिया कंपनियों ने इन नए नियमों को लागू नहीं किया है। नई गाइडलाइंस के मुताबिक, सभी सोशल मीडिया कंपनियों को उनके प्लेटफॉर्म पर किसी पोस्ट के खिलाफ शिकायत मिलने पर उसके खिलाफ कार्रवाई करनी पड़ेगी। इसके लिए कंपनियों को तीन अधिकारियों (चीफ कॉम्प्लियांस ऑफिसर, नोडल कॉन्टेक्ट पर्सन और रेसिडेंट ग्रेवांस ऑफिसर) की नियुक्ति करनी हैं। ये सभी अधिकारी भारत के नागरिक होने चाहिए। इन अधिकारियों के कॉन्टेक्ट नंबर सोशल मीडिया वेबसाइट और ऐप पर पब्लिकली उपलब्ध होना जरूरी है। ताकि यूजर्स आसानी से शिकायत कर सकें। इसके अलावा, इन अधिकारियों को 15 दिनों की तय समयसीमा के अंदर शिकायत का अपडेट देना होगा। इन सब के साथ ही इस पूरे सिस्टम पर नजर रखने के लिए कम्पनीज को स्टाफ रखने के लिए कहा गया है।

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