गुजरात

विधायक दल की बैठक में हुआ फैसला, भूपेंद्र रजनीकांत पटेल होंगे गुजरात के नए मुख्यमंत्री

विधायक दल की बैठक गांधीनगर में शुरू हो गई है. विधायक दल की बैठक में नए मुख्यमंत्री के नाम पर फैसला होगा. केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी और नरेंद्र सिंह तोमर बतौर पर्यवेक्षक गुजरात में मौजूद हैं.

विधायक दल की बैठक में हुआ फैसला, भूपेंद्र रजनीकांत पटेल होंगे गुजरात के नए मुख्यमंत्री

गांधीनगर. विजय रुपाणी के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद आज गुजरात में बीजेपी विधायक दल की बैठक गांधीनगर में शुरू हो गई है. विधायक दल की बैठक में नए मुख्यमंत्री के नाम पर फैसला होगा.

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी और नरेंद्र सिंह तोमर बतौर पर्यवेक्षक गुजरात में मौजूद हैं. दोनों नेताओं और प्रदेश के नेताओं के बीच कई दौर की बैठक हुई.

गुजरात का नया CM तय करने के लिए हो रही मीटिंग में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, प्रह्लाद जोशी और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ बतौर पर्यवेक्षक शामिल हैं। इससे पहले तोमर ने गुजरात भाजपा के अध्यक्ष सीआर पाटिल के घर पर भी मीटिंग की थी।

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वहीं गुजरात के डिप्टी CM नितिन पटेल कुछ देर पहले कहा था कि ऐसा व्यक्ति मुख्यमंत्री बनना चाहिए जो लोकप्रिय और अनुभवी हो, सबको साथ लेकर चलने वाला हो। साथ ही कहा कि मीडिया में मेरे नाम को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं, लेकिन पार्टी हाईकमान ही तय करेंगे कि अगला मुख्यमंत्री कौन होगा।

जोशी के अलावा भाजपा के महासचिव (संगठन) बीएल संतोष, गुजरात राज्य इकाई के प्रभारी भूपेंद्र यादव और सी आर पाटिल भी पार्टी ऑफिस पहुंच चुके हैं. तोमर ने हवाईअड्डे पर कहा, ‘हम मुद्दे (नए मुख्यमंत्री) पर चर्चा के लिए यहां आए हैं. हम भाजपा के प्रदेश नेताओं के साथ इस पर चर्चा करेंगे.’ जोशी ने कहा, ‘मैं गुजरात के नेताओं से विचार विमर्श करूंगा और उसके बाद केंद्रीय नेतृत्व फैसला लेगा.

RSS की बैठक में लिखी गई रुपाणी के इस्तीफे की स्क्रिप्ट:

सूत्रों के मुताबिक विजय रुपाणी गुजरात के लिए कभी भी स्थाई CM थे ही नहीं। उनका जाना तो तय था, बस तारीख तय नहीं थी। तारीख पर मुहर संघ प्रमुख के हाल ही में हुए गुप्त दौरे में मिले फीडबैक के बाद लगा दी गई। हालांकि उन्हें 2022 की जनवरी या फरवरी में इस्तीफा देना था, लेकिन भागवत के गुप्त दौरे ने रुपाणी के CM पद की उम्र थोड़ी कम कर दी।

उन्होंने गांधीनगर में संवाददाताओं से कहा कि वह इस चरण में किसी का नाम नहीं लेंगे और भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व नए मुख्यमंत्री के नाम पर निर्णय लेगा. यह पूछ जाने पर कि गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर कौन सबसे योग्य है, पटेल ने रविवार को कहा कि नेता को “लोकप्रिय, मजबूत, अनुभवी और सर्व स्वीकार्य होना चाहिए.”

उन्होंने गांधीनगर में अपने आवास के बाहर कहा, “मैं यहां किसी संभावित नाम पर अपनी व्यक्तिगत राय देने नहीं आया हूं. नए मुख्यमंत्री का चुनाव केवल एक खाली पद को भरने की कवायद नहीं है. गुजरात को एक सफल नेतृत्व की जरूरत है ताकि राज्य सबको साथ लेकर विकास कर सके.”

भाजपा के जिन पांच मुख्यमंत्रियों को बदला गया है, उनमें उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत का कार्यकाल सबसे छोटा रहा। उन्होंने 10 मार्च को पदभार ग्रहण किया और 2 जुलाई को इस्तीफा दे दिया। वे तीन महीने भी कुर्सी पर नहीं रह सके। तीरथ गढ़वाल से लोकसभा सांसद थे। दावा यह भी किया गया कि उत्तराखंड में एक साल बाद चुनाव होने थे।

इस वजह से चुनाव आयोग किसी भी विधानसभा सीट पर उपचुनाव नहीं करवाने वाला था। अगर तीरथ मुख्यमंत्री बने रहते तो उनके लिए विधानसभा सदस्य बन पाना मुश्किल हो सकता था। कानूनन उन्हें 10 सितंबर तक किसी भी स्थिति में विधानसभा का सदस्य होना आवश्यक था। तीरथ के बाद पुष्कर सिंह धामी को राज्य का मुख्यमंत्री बनाया गया। तीरथ अब भी लोकसभा सदस्य हैं।

 

 

Tina Chouhan

Author, Editor, Web content writer, Article writer and Ghost writer