हरियाणा सरकार ने गेहूं के बीज पर सब्सिडी बढ़ाई

Jaswant singh

चंडीगढ़: रबी सीजन की बुवाई की तैयारियों के बीच हरियाणा सरकार ने किसानों को एक अहम राहत दी है। राज्य सरकार ने गेहूं के प्रमाणित बीज पर दी जाने वाली सब्सिडी को 1000 रुपये से बढ़ाकर 1075 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। इस फैसले का उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाले बीजों के उपयोग को बढ़ावा देना और प्रदेश में खाद्य सुरक्षा को और मजबूत करना है। सरकार के इस कदम से जहां किसानों पर बीज की लागत का बोझ कुछ कम होगा, वहीं उन्हें बेहतर पैदावार के लिए प्रोत्साहित भी किया जा सकेगा।

इसके साथ ही सब्सिडी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए कुछ नए नियम भी लागू किए गए हैं। किसानों को अब कितना चुकाना होगा? नई व्यवस्था के तहत, प्रमाणित गेहूं बीज की कीमत 4075 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित की गई है। इस पर 1075 रुपये की सब्सिडी मिलने के बाद किसानों को यह बीज लगभग 3000 रुपये प्रति क्विंटल की दर से मिलेगा। पिछले साल यह दर करीब 2875 रुपये प्रति क्विंटल थी। इस हिसाब से 40 किलो का एक बैग किसानों को लगभग 1200 रुपये में उपलब्ध होगा।

सब्सिडी के लिए नया नियम, सत्यापन अनिवार्य इस बार सब्सिडी का लाभ उठाने के लिए सरकार ने सत्यापन की प्रक्रिया को अनिवार्य कर दिया है। योजना का लाभ लेने वाले प्रत्येक किसान को अपने आधार कार्ड की एक प्रति पर गांव के सरपंच या नंबरदार से सत्यापन करवाना होगा। यह दस्तावेज बीज खरीदते समय जमा करना आवश्यक होगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि एक किसान को अधिकतम 15 बैग बीज पर ही सब्सिडी का लाभ दिया जाएगा।

अन्य फसलों पर भी जारी रहेगी सब्सिडी गेहूं के अलावा, राज्य सरकार ने अन्य रबी फसलों के लिए भी अपनी योजनाओं को जारी रखा है। सरसों और जौ के प्रमाणित बीजों पर भी किसानों को पहले की तरह सब्सिडी मिलती रहेगी। सरकार का मानना है कि इन कदमों से राज्य के कृषि ढांचे को मजबूती मिलेगी, उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और किसानों को आर्थिक रूप से लाभ होगा, जिससे बंपर पैदावार का लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी।

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Jaswant singh Harsani is news editor of a niharika times news platform