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कद बढ़ाने में करेंगे यह योगासन मदद, आज ही अपनाएं

कद बढ़ाने के लिए भुजंगासन करना चाहिए। इससे पीठ की मांसपेशिया मजबूत बनती है, रीढ की हड्डी लचिली बनती है,शरीर का प्रारूप आदर्श करने में मदद मिलती है, तनावों का निकास होता है।

कद बढ़ाने में करेंगे यह योगासन मदद, आज ही अपनाएं

योगासन से आपकी रीढ की हड्डी खिंची जाती है, पीठ और पैरों की मांसपेशियों में खिंचाव आता है और आपकी काया में सुधार होकर उंचाई बढना मुमकिन हो पाता है। योग से शरीर के विषाक्त घटक बाहर निकाले जाते है जिससे स्वस्थ कोशिकाओं के विकास में गति आती है। नियमित योग साधना तनाव को दूर कर शरीर को विश्राम देती है। अंततः शरीर में हार्मोन्स सक्रिय होकर उंचाई बढने लगती है।

योग का अर्थ होता है शरीर और मन का मिलन। यह स्वस्थ जीवन जीने का बहुत ही आसान और प्रभावपूर्ण तरीका है जो मन को शांति प्रदान करता है और शरीर को विषमुक्त करता है। श्वास की सहायता से,आसनों के माध्यम से शरीर के विभिन्न अंगों में अपना ध्यान ले जाकर इसका अभ्यास किया जाता है। यह खून का दौरा बढ़ाता है, तब शरीर आसानी से वृद्धि हार्मोन पैदा करता है, इस वृद्धि हार्मोन से ही कद बढ़ता है। एक अच्छे अंग विन्यास को प्राप्त करना बहुत महत्वपूर्ण होता है और योग के अभ्यास के द्वारा उसे पाया जा सकता है।

भुजंगासन:

कद बढ़ाने में करेंगे यह योगासन मदद, आज ही अपनाएं
कद बढ़ाने में करेंगे यह योगासन मदद, आज ही अपनाएं

यह आसन कन्धों ,छाती और पेट की माँसपेशियों में खिचाव पैदा करता है। इसके द्वारा अंग विन्यास में सुधार होता है ,जिससे कद बढ़ता है।
पीठ की मांसपेशिया मजबूत बनती है, रीढ की हड्डी लचिली बनती है,शरीर का प्रारूप आदर्श करने में मदद मिलती है, तनावों का निकास होता है।

वृक्षासन और ताड़ासन:

यह ऐसा आदर्श आसन है जो रीढ़ की हड्डी को लम्बा और सीधा करता है। जो कद बढ़ाने में सहायक होता है। रीढकी हड्डी मजबूत होती है और उंचाई बढती है, घुटने और जंघाए मजबूत बनती है, शरीर का संतुलन सुधारता है, तथा आप स्थिर और लचिले बनते है, बौद्धिक समन्वय में सुधार होता है, सांस स्थिर और गहरी बनती है।

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नटराजासन
गर्दन और पेट की मांसपेशींयों में खिचाव महसुस होता है तथा उन्हे मजबुती प्राप्त होती है, रीढकी हड्डी के निचले हिस्सेमें और कमर की मांसपेशींयों मे खिचाव आकर उन्हे मजबुती प्राप्त होती है, रीढकी हड्डी लचिली बनती है।

मार्जरी आसन:

कद बढ़ाने में करेंगे यह योगासन मदद, आज ही अपनाएं
कद बढ़ाने में करेंगे यह योगासन मदद, आज ही अपनाएं

यह आसन करने से रीढ की हड्डी लचिली बनती है, कंधे मजबूत बनते है, शरीरमें रक्त प्रसार सुधारता है, शरीर में प्राणवायू को जमा करने की क्षमता बढती है, तनाव दूर होकर मन शांत होता है।

सूर्यनमस्कार
सभी मांसपेशीयां और जोडोंमें मजबुती प्राप्त होती है, शरीरमें रक्त प्रसार अच्छी तरह से होता है, पाचन प्रणालीमें सुधार आता है, शरीरसे विषाक्त पदार्थ बाहर निकाले जाते है, अंतःस्रावी ग्रंथीयोंके कार्यमें सुधार आता है, अनिद्रा दूर करता है, अकारण चिंताए दूर होती है।
नियमितता के साथ सूर्यनमस्कार करने से सर से लेकर पांव तक फायदा होता है। यह मांसपेशियां और जोडों के साथ शरीर के सारे अंगों को फायदा पहुंचाता है।

अगर आपको आपकी उंचाई और बढानी हों तो स्वस्थ और सात्विक आहार के साथ उपर दर्शाये गये योगासन करें। आसनो सें आपकी रीढ की हड्डी और बाकी अंग भी बढने लगते है। उसी तरह शरीर से विषाक्त द्रव्य दूर होकर स्वस्थ पेशीयां और हार्मोन्स का निर्माण होने लगता है। यह थोडा संयमका काम है। लेकिन हर रोज योग का अभ्यास करने से यह आसानी से संभव होता है। उंचाई बढानेके लिये योग बढती उम्र में करने से लाभकारी होता है।

 

Tina Chouhan

Author, Editor, Web content writer, Article writer and Ghost writer

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