स्वास्थ्य

दिल्ली में बनेगा पहला पशुओं का शवदाह गृह, 30 किलो वजन तक के छोटे पशुओं का होगा अंतिम संस्कार

नई दिल्ली, 10 जनवरी ()। दिल्ली में छोटे पशुओं के अंतिम संस्कार के लिए पहला सीएनजी आधारित शवदाह गृह बनने जा रहा है, दक्षिणी दिल्ली नगर निगम द्वारा बनाए जा रहे शवदाह गृह में 30 किलो तक वजन के मृत पालतू कुत्तों और अन्य छोटे जानवरों का अंतिम संस्कार हो सकेगा।

निगम के पशु चिकित्सा विभाग द्वारका सेक्टर 29 में 700 वर्ग मीटर का शवदाह गृह बना रहा है। जो साल के अप्रैल महीने तक बनकर तैयार हो जाएगा, वहीं इसमें सीएनजी आधारित दो भट्टियां स्थापित की जायेंगी। इनमें 30 किलो तक के मृत छोटे पशुओं को जलाने में अधिकतम 30 मिनट का समय लगेगा।

दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के नेता सदन इंद्रजीत सहरावत ने बताया कि, दक्षिणी निगम द्वारका सेक्टर 29 में दिल्ली का पहला मृत छोटे पशुओं का सी एन जी आधारित शवदाह गृह बना रहा है। इस शवदाह गृह को पीपीपी मॉडल पर बनाने और 10 वर्षों तक चलाने व बनाये रखने के लिए ओपन टेंडर के आधार पर ग्रीन रेवोल्यूशन फाउंडेशन संस्था को चुना गया है।

अनुबंध की शर्तों के आधार पर इस शवदाह गृह के निर्माण, रख-रखाव एवं चलाने की संपूर्ण लागत ग्रीन रेवोल्यूशन फाउंडेशन संस्था को वहन करनी होगी।

दक्षिणी निगम इस मृत पशुओं के शवदाह गृह के लिए केवल 10 वर्षों के लिए जमीन आवंटित करेगा, जिसका मालिकाना हक दक्षिणी दिल्ली नगर निगम का ही रहेगा, वहीं निगम ने द्वारका सेक्टर 29 में 700 वर्ग मीटर जमीन संस्था को दी है, जिस पर उसने कार्य आरंभ कर दिया है और अप्रैल 2022 तक इसे पूरा कर लिया जाएगा।

इस शवदाह गृह में 30 किलो तक वजन के मृत पालतू कुत्तों और अन्य छोटे जानवरों इनमें बिल्ली, भेड़, बकरी, सुअर के दाह संस्कार के लिए 2000 रुपए चुकाने होंगे, वहीं 30 किलो से अधिक वजन वाले मृत कुत्तों एवं अन्य छोटे जानवरों के दाह संस्कार के लिए 3000 रुपए शुल्क निर्धारित किया गया है।

हालांकि दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के अधिकार क्षेत्र से लाए गए मृत आवारा कुत्तों के लिए क्रियाकर्म निशुल्क ही होगा, जबकि दिल्ली के अन्य निगमों जैसे उत्तरी दिल्ली नगर निगम, पूर्वी दिल्ली नगर निगम, नई दिल्ली नगर पालिका और दिल्ली छावनी परिषद के अधिकार क्षेत्र के मृत आवारा कुत्तों के लिए शवदाह गृह का शुल्क 500 रुपए प्रति मृत आवारा कुत्ते निर्धारित किया गया है।

मृत कुत्तों के शव को शवदाह गृह तक लाने की जिम्मेदारी संबंधित निगम की होगी। जबकि दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के मृत आवारा कुत्तों को शवदाह गृह तक लाने का कार्य ग्रीन रेवलूशन फाउंडेशन संस्था करेगी।

एमएसके/एएनएम