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कश्मीर में डर पैदा करने के लिए स्थानीय आतंकियों का इस्तेमाल कर रहा पाक: सेना प्रमुख

नई दिल्ली, 9 मई ()। भारतीय सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने सोमवार को कहा कि पाकिस्तान कश्मीर में छद्म आतंकवादी समूहों के माध्यम से घाटी में डर पैदा करने के लिए स्थानीय आतंकवादियों का इस्तेमाल कर रहा है और आतंकवाद का स्वदेशी चेहरा दिखाने के सभी प्रयास कर रहा है।

पांडे ने कहा, कश्मीर में एक नया चलन है। पाकिस्तान स्थानीय लोगों का इस्तेमाल छद्म तंजीम के जरिए कर रहा है, ताकि डर पैदा किया जा सके और आतंकवाद का स्वदेशी चेहरा दिखाने के लिए मीडिया के माध्यम से ²श्यता (विजिबिलिटी) हासिल की जा सके।

सेना प्रमुख ने कहा कि गैर-स्थानीय लोगों, राजनीतिक कार्यकर्ताओं और अल्पसंख्यकों की हत्या की वर्तमान घटना सनसनी पैदा करने और यह दिखाने का प्रयास है कि कश्मीर में विद्रोह स्वदेशी है।

पांडे ने आगे कहा, आतंकवाद रोधी अभियानों के जरिए हम ऐसे प्रयासों को विफल करने में सफल रहे हैं।

जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ के बारे में बात करते हुए शीर्ष सैन्य अधिकारी ने कहा कि 2019 से सुधार हुआ है।

उन्होंने कहा, घाटी में घुसपैठ रोधी ग्रिड सफल रहा है।

हालांकि, पांडे ने कहा कि पाकिस्तान ने पंजाब में अंतरराष्ट्रीय सीमा के माध्यम से हथियारों और गोला-बारूद और ड्रग्स को धकेलना जारी रखा है।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान इन्हें ड्रोन के जरिए भेज रहा है और यह चिंता का विषय है जिस पर गौर किया जा रहा है।

पिछले कुछ महीनों में, सुरक्षा एजेंसियों ने ड्रोन का उपयोग करके पंजाब और जम्मू-कश्मीर में हथियारों और नशीले पदार्थों की खेप को सीमा पार से भेजने के प्रयासों में वृद्धि देखी है।

फरवरी में पंजाब सरकार ने गृह मामलों की एक संसदीय समिति को सूचित किया था कि पिछले दो वर्षों में पाकिस्तान सीमा के पास 130 से अधिक ड्रोन देखे गए हैं।

एकेके/एएनएम