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तमिलनाडु: राज्य में हिंदी थोपने के पक्ष में नहीं है भाजपा

चेन्नई, 13 अप्रैल ()। तमिलनाडु भाजपा विधायक दल के नेता नैनार नागेंद्रन ने कहा है कि पार्टी राज्य में हिंदी थोपने की अनुमति नहीं देगी।

उन्होंने एक बयान में कहा कि यह साबित करने के लिए कि वह एक भारतीय हैं, मजबूरी में किसी भी भाषा सीखने की कोई आवश्यकता नहीं है।

भाजपा नेता ने कहा कि पार्टी तमिलनाडु में हिंदी को जबरन थोपने का विरोध करेगी।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने भी मंगलवार को कहा था कि प्रदेश भाजपा राज्य की जनता पर हिंदी भाषा थोपने नहीं देगी।

केंद्रीय मंत्री अमित शाह की ओर से हाल ही में हिंदी को तवज्जो दिए जाने संबंधी बयान पर तमिलनाडु में तीखी आलोचना होने के बाद दोनों नेता प्रतिक्रिया दे रहे थे। शाह ने कहा था कि हिंदी को राज्यों के बीच संपर्क भाषा के रूप में अंग्रेजी की जगह लेनी चाहिए।

नैनार नागेंद्रन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय शैक्षिक नीति के मसौदे को मंजूरी नहीं दी थी, जिसमें हिंदी मुख्य भाषा थी। भाजपा विधायक दल के नेता ने कहा कि हिंदी को वैकल्पिक भाषा बनाए जाने के बाद ही प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को मंजूरी दी थी।

भाजपा की तमिलनाडु इकाई के अध्यक्ष ने कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि पार्टी ने पिछले 40 से 45 वर्षों से इस मुद्दे का राजनीतिकरण किया है और कहा कि केंद्रीय मंत्री के रूप में पी. चिदंबरम ने यूपीए के दूसरे कार्यकाल के दौरान हिंदी दिवस पर आयोजित एक समारोह के दौरान हिंदी भाषा को महत्व देने की आवश्यकता पर बल दिया था।

उन्होंने कहा कि द्रमुक यूपीए सरकार का अभिन्न अंग था और जब चिदंबरम ने केंद्रीय मंत्री के रूप में हिंदी भाषा को महत्व देने का विचार रखा था, तब पार्टी का प्रतिनिधित्व करने वाले मंत्री भी थे।

अन्नामलाई ने संगीतकार ए. आर. रहमान की उस सलाह की भी सराहना की, जिसमें कहा गया था कि तमिल राष्ट्र की संपर्क भाषा हो सकती है और कहा कि भाषा के विकास पर जोर दिया जाना चाहिए।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा था कि इस भाषा को विकसित करने के लिए तमिलनाडु में कोई प्रयास नहीं किया गया है और कहा कि तमिल माध्यम में कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा देने वाले छात्रों की संख्या में भारी कमी आ रही है। उन्होंने आगे कहा कि जल्द ही यह संख्या 50 प्रतिशत से भी नीचे आ जाएगी।

के. अन्नामलाई ने मंगलवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन को सभी मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर उस राज्य के कम से कम दस स्कूलों में तमिल में पढ़ाने और परियोजना के लिए आवश्यक धन उपलब्ध कराने के लिए कहा।

एकेके/एएनएम