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दंपति की जहरीली गैस के कारण हुई मौत, बंद खदान से हुआ रिसाव

दंपति की मौत की खबर न तो पुलिस को लगी और न ही खनन से जुड़े ज़िम्मेदारों को. दोनों का अंतिम संस्कार आनन-फानन में करवा दिया गया. कहा जाता है कि ज़हरीली गैस से मौतों को सिलसिला नयी बात नहीं है.

दंपति की जहरीली गैस के कारण हुई मौत, बंद खदान से हुआ रिसाव

झारखंड. सीसीएल रजरप्पा के तीन नंबर खुले खदान में शनिवार को जलावन के लिए कोयला चुनने गए पति-पत्नी की गैस रिसाव से दम घुटने से मौत हो गई। चितरपुर के मायल गांवदेवती निवासी कामेश्वर महतो 40 वर्ष और उनकी पत्नी चिंता देवी 30 वर्ष अपना घर चलाने के लिए कोयला चुनने गए थे। उस खदान पर पूर्व से ही आग लगी हुई है। जैसे ही पत्नी उस स्थान पर पहुंची, तो बेहोश होकर गिर गई। उसे देखकर पति उसे उठाने गया तो वह भी गिर गया और देखते-ही-देखते दोनों की मौत हो गयी।

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महतो दंपति की मौत की खबर न तो पुलिस को लगी और न ही खनन से जुड़े ज़िम्मेदारों को. दोनों का अंतिम संस्कार आनन-फानन में करवा दिया गया. कहा जाता है कि ज़हरीली गैस से मौतों को सिलसिला नयी बात नहीं है. यह भी बताया गया कि 22 साल पहले कोयला निकाले जाने के दौरान चट्टान खिसक गई थी और इसकी चपेट में आधा दर्जन लोग जान गंवा बैठे थे. इलाके के सैकड़ों परिवार दो वक़्त की रोटी के लिए खतरनाक और ज़हरीली गैसों से भरी सुरंगनुमा खदानों में जान दांव पर लगाकर घुस जाते हैं।

क्या होता है कोयला खनन:

सीसीएल प्रबंधन कोयला खनन करने के बाद खदानों को बैकफिलिंग करके भरने का काम नहीं करती है. इससे होता यह है कि इन बंद खदानों में बचे हुए कोयले का अवैध उत्खनन किया जाता है. बंद खदानों में पड़े कोयले में आग के कारण ज़हरीली गैसें निकलती रहती हैं और यही घातक गैसें उन लोगों की मौतों का कारण बनती हैं, जो अवैध उत्खनन के काम में मज़दूरी के लिए झोंके जाते हैं. इसी 3 जुलाई को सीसीएल रजरप्पा के बंद पड़ी तीन नंबर क्वारी में कोयला निकालने गए कामेश्वर महतो और उनकी पत्नी चिंता देवी की मौत गैस की चपेट में आने से हो गई, लेकिन किसी को कोई फर्क नहीं पड़ा।

मृतक को एक पुत्र और दो पुत्री है:

इस हृदय विदारक घटना से पूरे गांव में मातम छा गया। इधर दोनों शवों को दामोदर नदी के तट पर एक साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। मुखाग्नि उसके पुत्र ने दी। जिस जगह घटना घटी वहां आउटसोर्सिंग कंपनी का वर्कशॉप है। गैस का रिसाव हो रहा था, इसकी जानकारी न आउटसोर्सिंग कंपनी को थी और न ही सीसीएल को। ग्रामीण कहते हैं कि प्रबंधन अगर गंभीर होता तो दो लोगों की जान बच सकती थी।

मृतक दंपति के एक पुत्र औऱ दो पुत्री है। एक पुत्री की शादी हो चुकी है। एक पुत्र 18 वर्ष का है, जो चितरपुर इंटर कॉलेज में पढ़ाई कर रहा है। जबकि एक पुत्री 15 वर्ष की है। जो आरबी हाई स्कूल सांडी में पढ़ाई कर रही है।

Tina Chouhan

Author, Editor, Web content writer, Article writer and Ghost writer

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