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मध्य प्रदेश के एक मंत्री का सूदखोरों के खिलाफ अभियान

भोपाल 18 अप्रैल ()। मध्य प्रदेश की सरकार इन दिनों समाज विरोधी तत्वों के खिलाफ अभियान चलाए हुए हैं और कार्रवाई का दौर जारी है। इसी क्रम में राज्य के लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव ने अपने विधानसभा क्षेत्र रहली में अवैध कब्जाधारियों और सूदखोरों के खिलाफ मुहिम शुरू कर दी है। इसके लिए बाकायदा उन्होंने सोशल मीडिया पर एक सूचना तक जारी की है।

शिवराज सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों में से है भार्गव, जो सागर जिले की रहली विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। वह उन जनप्रतिनिधियों में से एक हैं, जो अपने क्षेत्र में नवाचारों के लिए खास तौर पर पहचाने जाते हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य से लेकर अनेक सामाजिक गतिविधियां गोपाल भार्गव अपने स्तर पर रहली विधानसभा क्षेत्र में संचालित करते रहते है। अब उन्होंने अपने इलाके के सूदखोर और माफियाओं के खिलाफ अभियान शुरू करने का ऐलान कर दिया है।

मंत्री गोपाल भार्गव द्वारा सोशल मीडिया पर जारी की गई सूचना में साफ तौर पर उन्होंने कहा है कि, यदि किसी गुंडे, दादा, सूदखोर आदि ने कर्ज के नाम पर जमीन पर कब्जा कर लिया है और वह पठानी ब्याज या सूदखोरों के चंगुल में फंस गए हैं। साथ ही इन सूदखोरों ने अगर उनके मकान जमीन जायदाद आदि को धमका कर अपने नाम करा लिया है तो इस बात की शिकायत संबंधित थाने में दर्ज कराएं, ऐसे लोगों से पीड़ितों की संपत्ति वापस कराई जाएगी।

रहली विधानसभा क्षेत्र के लोगों से भार्गव ने अपनी अपील में राज्य सरकार के कानून का हवाला देते हुए कहा है कि सूदखोरों से संपत्ति मुक्त कराने के लिए राज्य सरकार ने एक अलग से कानून बनाया है।

ज्ञात हो कि भार्गव बुंदेलखंड इलाके से आते हैं, जहां ताकतवर और रसूखदार लोग गरीबों की जमीन पर कुछ रुपए कर्जे में देकर कब्जा कर लेते हैं। इसकी वजह यह होती है कि दिए गए कर्ज पर इतना ब्याज लगाया जाता है कि कोई भी व्यक्ति उसे वापस नहीं लौटा पाता और कई बार तो लोग आत्महत्या तक कर लेते हैं। यही कारण है कि भार्गव ने अपनी अपील में साफ किया है कि कोई भी व्यक्ति ऐसे सूदखोरों और गुंडों से डरकर या व्यथित होकर आत्महत्या न करें और न ही अपना नगर या क्षेत्र छोड़ें, इतना ही नहीं जो लोग गुंडों के डर और भय से क्षेत्र छोड़ कर चले गए हैं वह अपने घर लौट आए।

भार्गव ने पीड़ितों को भरोसा दिलाया है कि वे अपने जीते जी ऐसे लोगों को उजड़ने नहीं दें, साथ ही आम लोगों से भी अपील की है कि पीड़ितों तक उनका यह संदेश पहुंचाएं और जो अपना क्षेत्र छोड़ कर चले गए हैं वह वापस लौट आए।

एसएनपी/आरएचए