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Indian flight: अफगानिस्तान के लिए हवाई यात्रा अभी शुरू होने की संभावना नहीं, सरकार विमानों के चालक दल और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित

Indian flight: युद्ध ग्रस्त देश से ज्यादातर देशों ने लोगों को निकालने का अभियान बंद कर दिया है. तालिबान ने मध्य अगस्त में काबुल (Kabul) पर कब्जा कर लिया था,

Indian flight:

नई दिल्ली. अफगानिस्तान (Afghanistan) के लिए भारतीय उड़ानों (Indian Flights) के जल्दी शुरू होने की संभावना नहीं है, क्योंकि सरकार विमानों के चालक दल और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर आशंकित है. शीर्ष सरकारी सूत्रों अनुसार अफगानिस्तान से भारतीय लोगों को निकालने के लिए फ्लाइट्स का संचालन हो सकता है, लेकिन ऐसा तभी होगा जब सुरक्षा और एयर ट्रैफिक कंट्रोल से जुड़ी चीजों की चेकिंग किसी तीसरे देश द्वारा आधिकारिक तौर पर की जाएगी.

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उन्होंने कहा कि किसी दूसरे देश या स्टेशन के लिए फ्लाइट्स भेजने का सवाल तो बनता ही नहीं है. दूसरी ओर कुछ खबरों में कहा गया है कि तालिबान (Taliban) के लड़ाके मजार ए शरीफ (Mazar e Sharif) से उड़ानों को अनुमति देने से पहले पैसे ले रहे हैं. बता दें कि युद्ध ग्रस्त देश से ज्यादातर देशों ने लोगों को निकालने का अभियान बंद कर दिया है. तालिबान ने मध्य अगस्त में काबुल (Kabul) पर कब्जा कर लिया था, लेकिन खबरों में कहा गया है कि अभी बहुत सारे लोग काबुल में फंसे हुए हैं.

भारत ने गुरुवार को कहा था कि अफगानिस्तान में फंसे लोगों को निकालने का काम उसकी प्राथमिकता में सबसे ऊपर था, लेकिन अब काबुल एयरपोर्ट (Kabul Airport) से संचालन न होने की स्थिति में इस दिशा में कोई प्रगति नहीं हो पाई है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची (Arindam Bagchi) ने कहा, ‘हम निकासी को प्राथमिकता दे रहे थे. लेकिन अब काबुल एयरपोर्ट का संचालन बंद है. एयरपोर्ट का संचालन दोबारा शुरू होने पर हम विचार करेंगे.’

विदेश मंत्रालय ने बीते दिनों कहा था कि वह अफगानिस्तान में मौजूद सिख और हिंदू लोगों के प्रतिनिधियों के साथ संपर्क में है, और उन लोगों को भारत वापस लाने के लिए विचार किया जाएगा, जो वापस स्वदेश लौटना चाहते हैं.
27 अगस्त को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अरिंदम बागची ने कहा था कि भारत ने काबुल से वाया दुशांबे 6 फ्लाइट के जरिए 550 लोगों को निकाला है. इनमें 260 भारतीय (दूतावास के अधिकारी और अन्य कर्मी) भी शामिल हैं, और अन्य लोगों में अफगान और दूसरे अधिकारी हैं.

अफगानिस्तान में फंसे लोगों के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में बागची ने कहा, ‘ज्यादातर भारतीय जो वापस आना चाहते थे, उन्हें काबुल से निकाल लिया गया है. और जो लोग अफगानिस्तान में फंसे हैं, उन्हें भी जल्द ही वापस लाया जाएगा.’ उन्होंने कहा कि इन लोगों की संख्या रिक्वेस्ट के आधार पर लगातार बदल रही है.

काबुल से निकाले गए अफगानिस्तान के लोगों को रिफ्यूजी स्टेटस दिए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अभी अफगानों को इमरजेंसी वीजा पर रखा जा रहा है. ये वीजा 6 महीने के लिए मान्य है. बागची ने कहा कि 6 महीने की समय सीमा के बाद स्थिति का आकलन कर आगे फैसला लिया जाएगा.

इस बीच रॉयटर्स ने सोमवार को जानकारी दी कि अमेरिकी नागरिकों सहित कम से कम 1 हजार लोग अफगानिस्तान में फंसे हुए हैं और अपनी चार्टर फ्लाइट के लिए क्लियरेंस का इंतजार कर रहे हैं. रॉयटर्स ने एक ऑर्गेनाइजर के हवाले से लिखा, ‘अमेरिकी गृह विभाग के चलते फ्लाइट में देरी हो रही है. अमेरिका तालिबान को उत्तरी शहर मजार ए शरीफ स्थित इंटरनेशनल एयरपोर्ट से फ्लाइट के उड़ान भरने या लैंडिंग साइट को मान्यता दिलाने को लेकर क्लियरेंस में असफल रहा है.

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अपना नाम ना बताने की शर्त पर ऑर्गेनाइजर ने कहा, ‘उन्हें लोगों के जीवन को खतरे में डालने के लिए जिम्मेदार ठहराए जाने की जरूरत है.’

 

Tina Chouhan

Author, Editor, Web content writer, Article writer and Ghost writer