भारत

हरीश चौधरी व बाड़मेर एसपी की मुश्किलें बढ़ी, सीबीआई ने कमलेश प्रजापत एनकाउंटर की जांच शुरू की

कमलेश प्रजापत एनकाउंटर केस को CBI को सौंप देने की लंबे वक्त से मांग उठ रही थी अब केंद्र सरकार ने इसे स्वीकार कर लिया है

बाड़मेर के बहुचर्चित कमलेश प्रजापत एनकाउंटर मामले को सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) को सौंप देने की लंबे वक्त से मांग उठ रही थी। अब केंद्र सरकार ने इसे स्वीकार कर लिया है। उसने राजस्थान सरकार की कमलेश प्रजापत एनकाउंटर केस सीबीआई को सौंपने की अनुशंसा को स्वीकार कर लिया है। कमलेश प्रजापत एनकाउंटर मामले की जांच अब सीबीआई करेगी।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने प्रेस नोट जारी कर बताया कि कमलेश प्रजापत मामले से संबंधित मामलों में राजस्थान सरकार के अनुरोध और भारत सरकार से आगे की अधिसूचना पर मामला दर्ज कर आगे की जांच के लिए सीबीआई की टीम मौके पर पहुंच गई है।

कमलेश प्रजापत एनकाउंटर

कमलेश एनकाउंटर पहले दिन से ही सवालों के घेरे में था। पुलिस इस मामले में जो कहानी बता रही थी, उस पर किसी को यकीन नहीं हो रहा था। पचपदरा विधायक मदन प्रजापत सहित प्रजापत समाज के लोगों ने एनकाउंटर पर सवाल उठाते हुए इसकी सीबीआई जांच की मांग की थी।

कमलेश प्रजापत एनकाउंटर

राजस्व मंत्री हरीश चौधरी पर खड़े हुए है कई सवाल

दरअसल, राजस्व मंत्री हरीश चौधरी पर हाल ही में आरोप लगे हैं कि वे दिल्ली में एक केंद्रीय मंत्री से मिले हैं और कमलेश प्रजापति एनकाउंटर मामले की सीबीआई जांच नहीं कराने की मांग की है। हालांकि राजस्व मंत्री हरीश चौधरी ने इन आरोपों का खंडन किया है।

निहारिका टाइम्स ने सबसे पहले उठाया था मुद्दा

कमलेश प्रजापत के एनकाउंटर के मुद्दे में उठ रहे सवालों को सबसे पहले निहारिका टाइम्स ही सामने लाया था। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस की थ्योरी पर सवाल उठाने से लेकर एनकाउंटर के तरीके, एनकाउंटर के चार घंटे तक स्वतंत्र व्यक्ति को कमलेश के घर पर नहीं बुलाने से लेकर घटना के हर पहलू का विवेचन किया था। निहारिका टाइम्स के इस मामले का खुलासा करने के बाद विपक्षी पार्टियों ने इस एनकाउंटर की सीबीआई जांच की मांग की थी।

एक भी गोली पांव पर नहीं लगी

तस्कर कमलेश प्रजापत के 22 अप्रैल की रात को हुए पुलिस एनकाउंटर पर विवाद लगातार गहराता जा रहा था। एनकाउंटर से जुड़ा सीसीटीवी फुटेज वायरल होने के बाद एनकाउंटर सवालों के घेरे में आया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक कमलेश को 4 गोली लगी थी। चारों गोली लेफ्ट साइड से लगी थी। एक भी गोली पांव पर नहीं लगी है। चारों गोली कमर और कमर से ऊपर लगी है। पुलिस की बताई कहानी की पोल पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोल दी।

पुलिस पर कई सवाल

पुलिस की एफ़आईआर में कमलेश की गाड़ी का विंड शीट टूटा हुआ बताया गया, जबकि वायरल सीसीटीवी में पुलिसकर्मी डंडे से गाड़ी की विंडशीट तोड़ते हुए दिख रहे हैं। सवाल यह है कि पुलिस ने डंडे से विंड शीट क्यों तोड़ी? पुलिस को कमलेश पर 4 राउंड फायर करने की क्या जरूरत पड़ी, जबकि उसकी गाड़ी में कोई हथियार नहीं मिला।

Sabal Singh Bhati

The Writer and Journalist.

Adblock Detected

Please consider supporting us by disabling your ad blocker