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‘आजादी का अमृत महोत्सव जश्न ‘ के तहत जवाहरलाल नेहरू की तस्वीर नही लगाने पर विवाद, कांग्रेस ने की आलोचना

आजादी का अमृत महोत्सव’ देश की आजादी के 75 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में मनाया जा रहा है. जश्न के लिए जारी पोस्टरों में पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की तस्वीर को कथित तौर पर शामिल नहीं करने को लेकर विपक्षी पार्टियों की आलोचना

‘आजादी का अमृत महोत्सव जश्न ‘ के तहत जवाहरलाल नेहरू की तस्वीर नही लगाने पर विवाद, कांग्रेस ने की आलोचना

भारत की स्वतंत्रता के 75वें साल के जश्न के लिए जारी पोस्टरों में पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की तस्वीर को कथित तौर पर शामिल नहीं करने को लेकर विपक्षी पार्टियों की आलोचना का सामना कर रहे भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद (आईसीएचआर) ने रविवार को कहा कि इस मुद्दे पर विवाद गैर जरूरी है और आने वाले दिनों में जारी होने वाले पोस्टरों में नेहरू की तस्वीर होगी।
आईसीएचआर के एक शीर्ष अधिकारी ने इस मुद्दे पर आलोचना को खारिज करते हुए कहा, ‘हम आजादी की लड़ाई में किसी की भूमिका को कमतर करने का प्रयास नहीं कर रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि जिस पोस्टर को लेकर विवाद हुआ है वह आजादी का अमृत महोत्सव जश्न के तहत जारी होने वाले कई पोस्टरों में से एक है।

पार्टी के कई नेताओं ने आईसीएचआर की वेबसाइट पर ‘आजादी के अमृत महोत्सव’ से जुड़ीं तस्वीरों का स्क्रीनशॉट ट्विटर पर साझा किया, जिनमें महात्मा गांधी, बाबा साहब आंबेडकर, सरदार वल्लभभाई पटेल, नेताजी सुभाषचंद्र बोस, राजेंद्र प्रसाद, भगत सिंह, मदनमोहन मालवीय और वीर सावरकर के चित्र हैं, लेकिन नेहरू की तस्वीर गायब है.
समारोह के पोस्टर में नेहरू की तस्वीर न लगाने पर विवाद शुरू हो गया है, जिसके लिए विपक्षी दलों ने सरकार की आलोचना की है और इसे ‘तुच्छ एवं भद्दा’ करार दिया है.
विवाद के बाद इस मामले पर आईसीएचआर ने स्पष्ट किया है कि जवाहरलाल नेहरू देश की तस्वीर आजादी के 75वें वर्ष का जश्न मनाने से संबंधित आने वाले पोस्टरों में शामिल किए जाएंगे. आईसीएचआर की ओर से कहा गया है कि पोस्टर पर प्रतिक्रिया समय से पहले दे दी गई है. आने वाले पोस्टर में नेहरू दिखाई देंगे.
‘आजादी का अमृत महोत्सव’ देश की आजादी के 75 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में मनाया जा रहा है. आईसीएसआर शिक्षा मंत्रालय के तहत आता है.

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कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने समारोह से नेहरू की तस्वीर हटाए जाने की पृष्ठभूमि में शनिवार को कटाक्ष करते हुए कहा कि ‘देश के प्यारे पंडित नेहरू’ को लोगों के दिल से कैसे निकला जा सकेगा.
उन्होंने फेसबुक पर नेहरू के जीवन से जुड़ी कई तस्वीरें साझा करते हुए कहा, ‘देश के प्यारे पंडित नेहरू को लोगों के दिल से कैसे निकालोगे?’

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने आईसीएचआर के इस कदम को ‘भद्दा’ करार दिया.
लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई ने कहा कि कोई भी देश स्वतंत्रता संघर्ष का उल्लेख करने वाली वेबसाइट से अपने पहले प्रधानमंत्री की तस्वीर नहीं हटाएगा, लेकिन यहां पर किया गया, जो बहुत ही ‘तुच्छ’ और ‘अन्यायपूर्ण’ है.
कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि आईसीएचआर ने पंडित नेहरू की तस्वीर हटाकर खुद को कलंकित किया है.
उन्होंने कहा, ‘भारतीय स्वतंत्रता की पूर्व-प्रतिष्ठित आवाज जवाहरलाल नेहरू को छोड़कर आजादी का जश्न मनाना न केवल क्षुद्र बल्कि पूरी तरह से गैर-ऐतिहासिक है. आईसीएसआर के लिए खुद को शर्मसार करने का यह एक और मौका है. यह आदत होती जा रही है!’

पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा ने ट्वीट किया, ‘नेहरू जी की फ़ोटो हटाने से क्या खुद का कद बढ़ जाएगा? बौना, बौना ही रहेगा.’
कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने भारत के 75वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में जारी पहले डिजिटल पोस्टर में जवाहरलाल नेहरू की तस्वीर न लगाने पर भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद की रविवार को निंदा की और कहा कि इस पर दी गई सफाई हास्यास्पद है.
उन्होंने आईसीएचआर के सदस्य सचिव पर घृणा एवं पूर्वाग्रह के आगे झुकने का आरोप लगाया और उनसे पूछा कि क्या वह मोटर कार के जन्म का जश्न मनाते हुए हेनरी फोर्ड को छोड़ देंगे या विमानन के जन्म का जश्न मनाते हुए राइट बंधुओं को भूल जाएंगे.

आईसीएचआर के निदेशक ओमजी उपाध्याय ने कहा, ‘हमने केवल ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ का पहला पोस्टर जारी किया है, कई और पोस्टर अभी जारी किए जाने हैं और टीम इस पर काम कर रही है. प्रारंभिक पोस्टर के आधार पर इस तरह से प्रतिक्रिया करना जल्दबाजी है.’
उन्होंने कहा, ‘आने वाले दिनों में एक पोस्टर होगा, जिसमें जवाहरलाल नेहरू का नाम होगा. मैंने आने वाले पोस्टर देखे हैं और मुझे यकीन है कि यह वहां है. ऐसे पोस्टर होंगे जो और अधिक स्वतंत्रता सेनानियों और स्वतंत्रता आंदोलन के अधिक अध्यायों को चित्रित करेंगे. यह पोस्टर जिसके बारे में हर कोई बात कर रहा है, वह आंदोलन के केवल एक अंश का प्रतिनिधित्व करता है.’
उपाध्याय ने आगे कहा, ‘हम आंदोलन में किसी की भूमिका को कम करने की कोशिश नहीं कर रहे हैं. वास्तव में हमारा प्रयास ऐसे लोगों को उजागर करना है, जिन्हें अब तक इतिहास की किताबों में प्रमुख स्थान नहीं मिला है.’

Tina Chouhan

Author, Editor, Web content writer, Article writer and Ghost writer