कोरोना वायरस

कोरोना वायरस ( Coronavirus ): लक्षण और बचाव सहित सब कुछ जो आपको जानना चाहिए

- कोरोना वायरस ( Coronavirus ) एक जानलेवा बीमारी हैं। चीन के वुहान से शुरू हुए कोरोना वायरस ( COVID-19 ) ने चीन, अमेरिका, भारत समेत 130 देशों में पैर पसार लिए हैं। WHO ने कोरोना वायरस को महामारी घोषित कर दिया हैं। दुनियाभर में कोरोना वायरस ( Coronavirus Outbreak ) की वजह से 6 हजार से ज्यादा जानें जा चुकी हैं, जबकि डेढ़ लाख से ज्यादा लोग इससे संक्रमित है।

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कोरोना वायरस के मामले देश में बढ़ते जा रहे हैं। महाराष्ट्र, दिल्ली और केरल समेत देश के कई राज्य इस जानलेवा वायरस की चपेट में हैं। अबतक इस वायरस से कर्नाटक, दिल्ली और महाराष्ट्र में चार लोगों की मौत हो चुकी है. महामारी बन चुके इस वायरस को फैलने से रोकने के लिए सरकारें सतर्क हैं और लगातार लोगों से सावधानियां बरतने की अपील कर रही हैं

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दुनियाभर के वैज्ञानिक कोरोना वायरस के वैक्सीन बनाने में जुटे हुए है। कोरोना वायरस संक्रमण का असर व्यक्ति के छूने, छींकने या खांसने से फैल सकता है। हल्की बुखार, खांसी, भारीपन आदि इस वायरस के लक्षण है। ऐसे में आपको तुरंत डाॅक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

क्या है कोरोना वायरस?

कोरोना वायरस का संबंध वायरस के ऐसे परिवार से है, जिसके संक्रमण से जुकाम से लेकर सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्या हो सकती है. इस वायरस को पहले कभी नहीं देखा गया है. इस वायरस का संक्रमण दिसंबर में चीन के वुहान में शुरू हुआ था. डब्लूएचओ के मुताबिक, बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ इसके लक्षण हैं. अब तक इस वायरस को फैलने से रोकने वाला कोई टीका नहीं बना है.

कोरोना वायरस के लक्षण क्या हैं?

इसके लक्षण फ्लू से मिलते-जुलते हैं. संक्रमण के फलस्वरूप बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, नाक बहना और गले में खराश जैसी समस्या उत्पन्न होती हैं. यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है. इसलिए इसे लेकर बहुत सावधानी बरती जा रही है. कुछ मामलों में कोरोना वायरस घातक भी हो सकता है. खास तौर पर अधिक उम्र के लोग और जिन्हें पहले से अस्थमा, डायबिटीज़ और हार्ट की बीमारी है.

कोरोना वायरस के लक्षणों की कैसे पहचान करें ?

यदि किसी में कोरोना वायरस संक्रमण है तो  बुखार, बुखार के साथ सूखी खांसी, थकान, कमज़ोरी और सीने में दर्द की शिकायत, जुकाम, खांसी, गले में दर्द, सांस लेने में दिक्कत, बुखार जैसे शुरुआती लक्षण देखे जाते हैं। इसके बाद ये लक्षण निमोनिया में बदल जाते हैं और किडनी को नुकसान पहुंचाते हैं। फेफड़े में गंभीर किस्म का संक्रमण हो जाता है।

अगर यह लक्षण किसी में एक साथ देखाई दे रहे हैं तो व्यक्ति कोरोना वायरस से संक्रमित हो सकता है। लेकिन यदि आपको खांसी या छींके आ रही हैं तो आप एक बात समझ लीजिए कि आपको कोरोना वायरस नहीं है ।

दुनियाभर के स्वास्थ्य अधिकारी इस वायरस से सतर्कता बरतने की सलाह दे रहे हैं, लेकिन यह वायरस कितना खतरनाक है इसके बारे में सटीक जानकारी अब तक नहीं मिल पायी है। जेनेवा में गुरुवार को हुई विश्व स्वास्थ्य संगठन बैठक के बाद डब्ल्यूएचओ ने कहा कि अभी भी वायरस की स्थिति विकसित हो रही है।

हर छींक और खांसी कोरोना वायरस नहीं है

कोरोना को लेकर लोगों में लगातार भ्रम की स्थिति पैदा की जा रही है जिससे लोग पैनिक हो रहे हैं। कोरोना वायरस के प्रति जागरुक होना चाहिए लेकिन पैनिक होना ठीक नहीं है ।

लोगों को इस बात का ख्याल होना चाहिए कि जब मौसम बदलता है तो फ्लू की संभावना भी बढ़ती है और फ्लू में सर्दी, खांसी होना आम बात है लेकिन इसे कृपा करके कोरोना वायरस न समझें ।

कोरोना वायरस के लक्षणों के बारे में पूरी और सही जानकारी जुटाएं, बहुत सारे डॉक्टर हैं जो लगातार कोरोना वायरस के लक्षण और इससे बचाव के तरीकों से लोगों को जागरुक कर रहे हैं ।

सोशल मीडिया में कोरोना वायरस को लेकर बहुत सारी गलत और भ्रमित करने वाली खबरें चलाई जा रही हैं । लोगों को इन खबरों पर ध्यान नहीं देना है, आप केवल किसी सेर्टिफाइड डॉक्टर की सलाह मानें ।

क्या है बचाव ?

कोरोना वायरस से बचाव के लिए कुछ सावधानियां हैं जिनका आपको पालन करना है –

• जब भी बाहर से आएं तो हाथों को साबुन या हैंडवॉश से अच्छी तरह धोएं। अल्‍कोहल आधारित हैंड रब का इस्‍तेमाल भी किया जा सकता है।

• लोगों से हाथ मिलाने और गले लगने से बचें और सबका अभिवादन हाथ जोड़कर करें।

• जब भी किसी व्यक्ति या स्थान को छुएं तो फौरन हाथों को सैनिटाइज़र से साफ करें।

• खांसते और छीकते समय नाक और मुंह रूमाल या टिश्‍यू पेपर से ढककर रखें।

• जिस व्यक्ति को छीकें या खांसी आ रही हो उससे एक निश्चित दूरी बनाए रखें ।

• अगर आपको छींके या खांसी लगातार आ रही है तो मास्क पहनना आपके लिए अनिवार्य है ।

• अगर आस-पास कहीं किसी को छींकते या खांसते हुए पाएं तो उसे मास्क लगाने की सलाह दें ।

कोरोना वायरस से बचने के लिए सबसे बड़ा हथियार सावधानी ही है, इसलिए ऊपर बताए गई सावधानियों का पालन करें और मन में किसी प्रकार का कोई भ्रम न पालें ।

इनसान के बाल से 900 गुना छोटा है कोरोना

क्या आप जानते हैं कि कोरोना वायरस यानी कि Coronavirus disease (COVID-19) बहुत सूक्ष्म लेकिन प्रभावी वायरस है। कोरोना वायरस मानव के बाल की तुलना में 900 गुना छोटा है। आकार में इस छोटे वायरस ने पूरी दुनिया को डरा दिया है। इसका खौफ आज दुनियाभर में दिख रहा है।

कोरोना वायरस का नाम कोरोना ही क्यों रखा गया है? (How Corona Named)

कोरोना शब्द का लैटिन भाषा में मतलब होता है क्राउन या मुकुट. ‘कोरोना’ प्लाज्मा की एक आभा को भी कहा जाता है जो सूर्य और अन्य सितारों के चारों ओर होती है। सूर्य का कोरोना बाहरी अंतरिक्ष में लाखों किलोमीटर तक फैला होता है और इसे सबसे आसानी से पूर्ण सूर्य ग्रहण के दौरान देखा जाता है, लेकिन इसे कोरोनोग्राफ की मदद से भी साफ-साफ देखा जा सकता है।.

CORONAVIRUS
सूर्य ग्रहण और कोरोना वायरस

जब वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस को इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप के जरिये देखा तो उन्हें वायरस, क्राउन या सूर्य के करॉना जैसा दिखाई दिया। दरअसल, यह वायरस गोल है और इसकी सतह पर सूर्य के करॉना की तरह प्रोटीन की स्टेन्स यानी शाखाएं उगी हुई हैं; जो हर दिशा में फैलती हुई महसूस होती हैं ठीक जैसी कि सूर्य की आभा की किरणें. इसी कारण इसका नाम कोरोना रखा गया है।

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