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DRDO: किसी भी तरह के वेरिएंट के खिलाफ है असरदार “2-DG” जानिए कैसे और कितनी मात्रा में लें

DRDO की तरफ से तैयार की गई दवा 2-DG कोरोना वायरस (Coronavirus) के खिलाफ खासी प्रभावी है। हाल ही में सामने आई एक स्टडी में इस बात का खुलासा हुआ है।

DRDO: किसी भी तरह के वेरिएंट के खिलाफ है असरदार “2-DG”

नई दिल्ली. डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (DRDO) की तरफ से तैयार की गई दवा 2-DG कोरोना वायरस (Coronavirus) के खिलाफ खासी प्रभावी है। हाल ही में सामने आई एक स्टडी में इस बात का खुलासा हुआ है। पिछले 1 जून को डीआरडीओ ने कहा था कि 2-DG दवा को अस्पताल में भर्ती मरीजों में सहायक चिकित्सा के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, नई स्टडी में दावा किया गया है कि DRDO की दवा 2-DG कोविड-19 के सभी वेरिएंट्स के खिलाफ असरदार है और यह वायरस को बढ़ने से भी रोकती है. 15 जून को प्रकाशित हुई स्टडी की अभी तक समीक्षा नहीं की गई है. इसे स्टडी में अनंत नारायण भट्ट, अभिषेक कुमार, योगेश राय, धिविय वेदागिरी और अन्य लोग शामिल थे।

इसके अलावा शुरुआती स्टडी से पता चला है कि DRDO की यह दवा सेल को संक्रमण से प्रेरित साइटोपैथिक इफेक्ट (CPE) दूर कर देती है. 2-DG को 17 मई को केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह और डॉक्टर हर्ष वर्धन ने लॉन्च किया था. लॉन्चिंग के वक्त केंद्र सरकार ने दावा किया था कि इस दवा में मरीजों के स्वस्थ होने के समय को ढाई तक कम करने और ऑक्सीजन की मांग को 40 फीसदी तक कम करने की क्षमता है.ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने एक जून को इस दवा को मध्यम से गंभीर मरीजों के सहायक इलाज के रूप में आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी दे दी थी. सरकारी अधिकारियों का कहना है कि डीआरडीओ की यह दवा बाजार में 900 रुपये प्रति पाउच होगी. इसे हैदराबाद स्थित डॉक्टर रेड्डीज लैबोरेटरी की तरफ से बेचा जाएगा. कंपनी केंद्र और राज्य सरकारों की कम कीमतों पर दवा मुहैया कराएगी।

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इस तरह काम करती है कोरोना की दवा:

यह दवा अस्पताल में भर्ती रोगियों की तेजी से रिकवरी में मदद करती है और बाहर से ऑक्सीजन देने पर निर्भरता को कम करती है. दरअसल, यह दवा ग्लूकोज का एक सब्स्टिट्यूट है. यह लगभग ग्लूकोज की तरह है, लेकिन असल में उससे बिल्कुल अलग है. यह पाउडर के रूप में है, जिसे पानी में घोलकर मरीजों को दिया जाता है. कोरोना वायरस अपनी एनर्जी के लिए मरीज के शरीर से ग्लूकोज लेता है, मगर ग्लूकोज के धोखे में वह इस दवा का इस्तेमाल करने लगता है. जिससे वायरस को एनर्जी मिलना बंद हो जाती है और उनका वायरल सिंथेसिस बंद होने लगता है. इस तरह नए वायरस का बनना बंद हो जाता है और साथ ही बाकी वायरस भी मरने लगते हैं।

कैसे दी जाती है यह दवा:

यह दवा एक शेशे के रूप में पानी मे मिलाकर दी जाती है। जो कोशिकाएं वायरस से संक्रमित होती है उसमें यह ऊर्जा उत्पादन व वायरस संश्लेषण को रोकती है।

दवा की मात्रा:

यह दवा एक पाउच के रूप में मिलती है जिसे पानी मे मिलाकर उसी तरह मरीज के मुँह ने डाला जाता है जैसे ग्लूकोज का पानी। इसे बिना डॉक्टर की सलाह व ज्यादा मात्रा में लेने से मनाही है।

आज लॉन्च हो रही है DRDO की दवा:

इस दवा की सोमवार को रक्षा अनुसंधान व विकास संगठन की ओर से इसकी पहली खेप आज रिलीज होने जा रही है।
यह दवा 1-2 दिनों बाद मरीजो को मिलना शुरू हो जाएगी।
हैदराबाद की डॉक्टर रेड्डीज लैब में इसकी 10 हजार डोज बनकर तैयार हो गई है। आज सुबह 10:30 बने यह दवा देश के लिए समर्पित की जाएगी। जो मरीज गम्भीर लक्षणों वाले होंगे यह उन्हें दी जाएगी।

Tina Chouhan

Author, Editor, Web content writer, Article writer and Ghost writer

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