भारत

दक्षिणपंथी संगठनों के मुस्लिम नरसंहार संबंधी बयानों पर भड़के फारूक अब्दुल्ला

श्रीनगर, 13 जनवरी ()। जम्मू-कश्मीर नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष और श्रीनगर से सांसद फारूक अब्दुल्ला ने मुसलमानों और अन्य अल्पसंख्यक समूहों के खिलाफ भड़काऊ टिप्पणियों और नरसंहार की धमकी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

श्री अब्दुल्ला ने हरिद्वार में एक कार्यक्रम और दक्षिणपंथी समूहों के इस तरह के अन्य भड़काऊ सम्मेलनों में मुसलमानों के खिलाफ ऐसे भाषणों पर गुरूवार को चिंता व्यक्त करते हुए, कहा: 17 और 19 दिसंबर 2021 के बीच हरिद्वार में दिए गए भाषण देश भर में निंदनीय है। देश में इस तरह के खुले राजद्रोह और नरसंहार के आह्वान बहुत ही परेशान करने वाले हैं।

मुस्लिम समुदाय के खिलाफ नफरत भरे भाषणों से आंखें मूंद लेने पर सरकार की निंदा करते हुए श्री अब्दुल्ला ने कहा कि सरकारी मश्ीनरी की चुप्पी एक सवालिया निशान खड़ा करती है जिसका जवाब दिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 3 सी के तहत नरसंहार के अपराध की रोकथाम और सजा पर कन्वेंशन (सीपीपीसीजी)का एक हस्ताक्षरकर्ता होने के नाते, भारत को ऐसे समूहों और व्यक्तियों के खिलाफ ²ढ़ता से कार्य करना चाहिए जो देश के मुसलमानों के नरसंहार के लिए कहते हैं।

उन्होंने कहा, ये भड़काऊ भाषा सम्मेलन भारतीय कानूनों के तहत विभिन्न प्रकार के अपराधों के दायरे में आते हैं और राष्ट्रीय अखंडता तथा शांति के विरोधी हैं। देश के मुखिया की मौजूदा चुप्पी और किसी भी दंडात्मक कार्रवाई की अनुपस्थिति ने ऐसे नफरत फैलाने वालों को प्रोत्साहित किया है।

उन्होंने कहा कि जिन्होंने इस तरह के कार्यक्रमों आ आयोजन किया है और इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करते हैं उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता है।

श्री अब्दुल्ला ने मांग की कि नफरत फैलाने वाले समूहों और व्यक्तियों पर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा, यह उचित समय है कि सरकार अपनी निष्क्रियता से इन नफरत फैलाने वालों को प्रोत्साहित करना बंद करे और कानून का शासन स्थापित करे।

जेक

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