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JNVU: दो महीने बाद भी पीएचडी में प्रवेश नहीं

जेएनवीयू ने अगस्त में घोषित किया था प्री पीएचडी का परिणाम 341 सीटों पर विद्यार्थियों को मिलना है प्रवेश

जोधपुर. जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय की प्री पीएचडी (एमपीईटी-2021) परीक्षा का परिणाम घोषित हुए दो महीने से अधिक समय हो गया है, लेकिन अब तक प्रवेश प्रक्रिया आरंभ नहीं हुई है। अधिकांश विभाग मैरिट लिस्ट बनाने में जुटे हुए हैं तो कुछ विभाग प्रतिशत व परेसेंटाइल के दुविधा में प्रवेश नहीं दे पा रहे हैं।
जेएनवीयू ने करीब डेढ़ साल बाद मार्च 2021 में प्री पीएचडी परीक्षा की विज्ञप्ति निकाली थी। परीक्षा का आयोजन 7 अगस्त को किया गया। पहली बार यूजीसी ऑर्डिनेंस-2016 के अनुसार परीक्षा ली गई। अगस्त के अंत में परिणाम भी घोषत कर दिया लेकिन अभी अधिकांश विभागों में मैरिट लिस्ट नहीं बनी है। मामले में शुक्रवार को ही छात्रों ने विवि प्रशासन को ज्ञापन दिया था।

341 सीटों पर मिलेगा प्रवेश
इस साल विवि की ओर से विभिन्न विभागों की 341 सीटों पर शोधार्थियों को प्रवेश मिलने वाला है। सर्वाधिक सीटें विज्ञान संकाय के वनस्पति विज्ञान, रसायन विज्ञान, भौतिक विज्ञान, भू-विज्ञान और इंजीनियरिंग में है। कला संकाय में इस बार अपेक्षाकृत सीटों की संख्या कम है।

मैरिट लिस्ट बनाना चुनौती
जेएनवीयू में सर्वाधिक सीटों वाले विभागों के लिए मैरिट लिस्ट तैयार करना चुनौती बनी हुई है। उदाहरण के तौर पर हिंदी विभाग में 24 सीट के लिए 300 से अधिक आवेदन है। इसमें अधिकांश अभ्यर्थियों का फैसला .001 प्रतिशत से हो रहा है। कोई कोलकाता से डिग्री लाया है तो कोई गुजरात की ऐसे विश्वविद्यालय से, जिसका नाम पहले नहीं सुना है। ऐसे में कुछ विभाग फूंक-फूंक कर कदम रख हैं जबकि कई विभागों में इक्का दुक्का सीटें होने के बावजूद वे हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।

Tina Chouhan

Author, Editor, Web content writer, Article writer and Ghost writer