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लुधियाना विस्फोट के आरोपी के पाकिस्तान के खालिस्तान समर्थक तत्वों से संबंध की आशंका : पंजाब डीजीपी

चंडीगढ़, 25 दिसम्बर ()। पंजाब पुलिस ने लुधियाना कोर्ट बम विस्फोट मामले में शनिवार को आरोपी-सह-पीड़ित, गगनदीप सिंह (31) की पहचान करने का दावा किया है, जिसके कथित तौर पर पाकिस्तान स्थित खालिस्तान समर्थक तत्वों के साथ संबंध थे।

लुधियाना में जिला अदालत परिसर में गुरुवार को एक सार्वजनिक शौचालय में एक उच्च तीव्रता वाला विस्फोट हुआ था, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, बम लगाने के दौरान जिस व्यक्ति की मौत हुई थी, वह सिंह था।

आरोपी के कब्जे से हेरोइन बरामद होने के बाद अगस्त 2019 में बर्खास्त होने से पहले वह पुलिस में एक कांस्टेबल के तौर पर कार्यरत था।

पंजाब के डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय ने शनिवार को यहां मीडिया से कहा, मुझे पंजाब पुलिस पर गर्व है, जिसने 24 घंटे से भी कम समय में लुधियाना विस्फोट मामले का सफलतापूर्वक पर्दाफाश कर लिया है।

जब विस्फोट हुआ, तब जिला अदालत में कामकाज हो रहा था और इसका प्रभाव इतना शक्तिशाली था कि सार्वजनिक शौचालय पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और इमारत की कई खिड़कियों के शीशे टूट गए।

चट्टोपाध्याय ने कहा कि पोस्टमार्टम के बाद पुलिस मृतक की पहचान उसके दाहिने हाथ पर बने टैटू से करने में सफल रही। उन्होंने कहा कि अलग से शव के डीएनए नमूने भी लिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि आरोपी खन्ना शहर में कार्यरत था जब उसे हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया गया और उसके खिलाफ एनडीपीएस का मामला दर्ज किया गया। डीजीपी ने कहा कि अभियोजन साक्ष्य स्तर पर मामला अभी भी विचाराधीन है।

उन्होंने कहा कि मामले के सिलसिले में लुधियाना की जेल में दो साल बिताने के बाद सिंह सितंबर में जमानत पर छूट गया था और उसे 24 दिसंबर को फिर से अदालत में पेश होना था।

डीजीपी ने कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि आरोपी अदालत परिसर में भय और दहशत पैदा करना चाहता था।

इस घटनाक्रम के पीछे पाकिस्तान स्थित खालिस्तान समर्थक संबंधों से इनकार नहीं करते हुए, डीजीपी ने कहा कि पुलिस सभी कोणों से मामले की जांच कर रही है।

चट्टोपाध्याय ने कहा, प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि आरोपी के जेल में खालिस्तान समर्थक तत्वों के साथ संबंध हो सकते हैं, जिन्होंने राज्य में शांति भंग करने के इरादे से अदालत परिसर को निशाना बनाने के लिए उसका इस्तेमाल किया।

उन्होंने कहा कि विस्फोट के लिए इस्तेमाल की गई सामग्री का अभी पता नहीं चल पाया है और नमूने फोरेंसिक लैब में भेज दिए गए हैं।

उन्होंने कहा, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) और राज्य के फोरेंसिक विशेषज्ञों की एक टीम को विस्फोट के बाद की जांच के लिए बुलाया गया था।

डीजीपी ने कहा कि विस्फोट स्थल पर मलबे को व्यवस्थित रूप से साफ करने के दौरान, फोरेंसिक टीम ने कुछ महत्वपूर्ण सुराग जैसे क्षतिग्रस्त मोबाइल सेट और पीड़ित के शरीर पर जले हुए कपड़े के अलावा अन्य भौतिक साक्ष्य एकत्र किए।

आरोपी की पत्नी जसप्रीत कौर के मुताबिक विस्फोट वाले दिन सुबह करीब साढ़े नौ बजे उसका पति घर से निकला था। उसने सिंह की बांह पर टैटू और उसके द्वारा पहने गए कपड़ों की पहचान भी की है।

एकेके/एएनएम

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