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इस साल 10 लाख से अधिक अफगान ईरान और पाक से लौटे : आईओएम

काबुल, 19 नवंबर ()। अंतर्राष्ट्रीय प्रवासन संगठन (आईओएम) ने शुक्रवार को कहा कि इस साल की शुरुआत से अब तक 10 लाख से अधिक अफगान शरणार्थी पड़ोसी देश पाकिस्तान और ईरान से लौट चुके हैं या उन्हें वापस भेज दिया गया है।

संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी ने ट्विटर पर कहा, अनिर्दिष्ट कर्ज के बोझ तले दबे और सामुदायिक समर्थन के बिना एक लाख से अधिक अफगान प्रवासी इस साल ईरान और पाकिस्तान से अफगानिस्तान लौट आए हैं या उन्हें वापस भेज दिया गया है और उन्हें समर्थन की तत्काल जरूरत है।

एजेंसी ने कहा कि आईओएम सुरक्षा दल चुनौतीपूर्ण समय में लौटने वालों की सहायता कर रहे हैं।

अगस्त के अंत में तालिबान के अफगानिस्तान पर कब्जे के बाद से 1,900 से अधिक प्रवासी अफगानों को पाकिस्तान और ईरान के साथ मुख्य सीमा पार करने वाले बिंदुओं पर आपातकालीन मानवीय सहायता प्राप्त हुई और अफगानिस्तान में प्रवेश करने वाले कई लोगों सहित हजारों लोगों की कोविड जांच की गई है।

साल 2021 में अफगानिस्तान के लिए संयुक्त मानवीय प्रतिक्रिया योजना (एचआरपी) के तहत आईओएम की कुल वित्तीय आवश्यकताएं 108.5 अरब डॉलर की हैं।

इस योजना में अगस्त में जारी 2.4 करोड़ डॉलर की अपील शामिल है, जो मानवीय जरूरतों को पूरा करने के लिए तत्काल धन आवश्यकताओं की रूपरेखा तैयार करती है।

आईओएम की घोषणा ऐसे समय में आई है, जब अन्य संयुक्त राष्ट्र एजेंसियां, सहायता संगठन और कई गैर-लाभकारी संगठन सर्दियों से पहले संकटग्रस्त अफगानों को जीवन रक्षक सहायता और आपूर्ति देने के लिए समय के खिलाफ दौड़ रहे हैं।

यूएनएचसीआर के अनुसार, अफगान दुनिया भर में सबसे बड़ी शरणार्थी आबादी में से एक हैं। दुनिया में 20.6 लाख पंजीकृत अफगान शरणार्थी हैं, जिनमें से 20.2 लाख अकेले ईरान और पाकिस्तान में पंजीकृत हैं।

अन्य 3.5 लाख लोग आंतरिक रूप से विस्थापित हैं, जो देश के भीतर शरण की तलाश में अपने घरों से भाग गए हैं।

साल 2021 में तेजी से बिगड़ती सुरक्षा स्थिति के कारण भागने वाले लोगों की संख्या में वृद्धि जारी रहने की संभावना है।

अफगानिस्तान 40 वर्षो से अधिक समय से संघर्ष, प्राकृतिक आपदाओं, पुरानी गरीबी और खाद्य असुरक्षा का सामना कर रहा है।

चल रहे मानवीय संकट का सामना करते हुए शरणार्थियों, आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों और मेजबान समुदायों का लचीलापन धीरे-धीरे अपनी सीमा तक पहुंच रहा है।

एसजीके/एएनएम