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तमिलनाडु बस कर्मचारियों को गैर जिम्मेदाराना व्यवहार के लिए यात्रियों को उतारने का अधिकार

चेन्नई, 25 दिसम्बर ()। तमिलनाडु के परिवहन विभाग ने बस कंडक्टरों और ड्राइवरों की जिम्मेदारियों से संबंधित राज्य मोटर वाहन नियम, 1989 में संशोधन करते हुए एक मसौदा राजपत्र अधिसूचना जारी की है।

मोटर वाहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, संशोधन मसौदा प्रकाशित होने के 30 दिनों के भीतर लागू हो जाएगा।

मसौदा गुरुवार को जारी किया गया था।

लोगों द्वारा अनुचित व्यवहार और इशारों से महिला यात्रियों को परेशान करने की शिकायतें मिलने के बाद परिवहन विभाग ने यह कदम उठाया है। अभी तक बसों के चालकों और परिचालकों को महिलाओं के प्रति अनुचित व्यवहार करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार नहीं था।

महिला यात्रियों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार करने वाले बस कर्मचारियों के खिलाफ कई शिकायतें थीं, एक ऐसा उदाहरण जहां कन्याकुमारी की एक मछली बेचने वाली महिला को बस से बाहर निकालने के लिए मजबूर किया गया था यह कह कर कि उसमें से मछली की गंध आ रही है।

एक अन्य घटना में, तमिलनाडु राज्य परिवहन निगम (टीएनएसटीसी) की बस के ड्राइवर और कंडक्टर को 10 दिसंबर को एक महिला द्वारा शिकायत की गई थी कि चालक दल द्वारा देर रात बस में उसके साथ छेड़छाड़ की गई थी।

परिवहन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने को बताया, पहले स्टेज कैरियर (बसों) के ड्राइवरों और कंडक्टरों के लिए ऐसे यात्रियों के खिलाफ कार्रवाई करने का कोई प्रावधान नहीं था, जो अन्य यात्रियों को परेशान करते हैं, जिनमें महिला यात्री भी शामिल हैं। परिवहन अधिनियम, वे अब ऐसे यात्रियों को वाहन से बाहर करने के लिए मजबूर कर सकते हैं।

बस कर्मचारियों को सशक्त बनाने के अलावा, संशोधन बस कर्मचारियों को महिलाओं के प्रति अनुचित व्यवहार के खिलाफ रोकता है।

महिला यात्रियों के साथ अभद्र व्यवहार करते पाए जाने पर बस के कंडक्टर व चालक के खिलाफ विभाग सख्त कार्रवाई करेगा।

एसकेके/एएनएम