खाना खजाना

राजस्थानी कच्ची हल्दी की सब्जी बनाने की विधि

राजस्थानी कच्ची हल्दी की सब्जी ( Haldi ki Sabji ) राजस्थान की परम्परागत सब्जी है, जो शादी या अन्य मांगलिक अवसरों पर बनाई जाती है। यह सिर्फ स्‍वाद में ही लाजवाब नहीं होती है, बल्‍कि सेहत के लिए भी काफी अच्‍छी रहती है।

राजस्थान की प्रसिद्ध कैर सांगरी की चटपटी सब्जी Kair Sangri(Opens in a new browser tab)

कच्ची हल्दी की (turmeric curry) सब्जी सर्दियों के मौसम में बनाई जाती है, कच्ची हल्दी आती ही सर्दियों के मौसम में है। कच्ची हल्दी पीले कलर की अदरक की तरह गांठे होती है।

हल्दी खाने ( Haldi ki Sabji ) में बहुत गरम होती है, यह सर्दियों के लिए हर लिहाज से काफी अच्‍छी चीज हो जाती है। तो आइए जानते हैं इसकी सामग्री और बनाने का तरीका…”

कच्ची हल्दी की सब्जी - Haldi ki Sabzi Recipe - Turmeric Curry Recipe

Sabal Singh Bhati राजस्थानी कच्ची हल्दी की सब्जी बनाने की विधि राजस्थानी कच्ची हल्दी की सब्जी बनाने की विधि Print This
Serves: 05 Prep Time: Cooking Time:
Nutrition facts: calories fat
Rating: 5.0/5
( 1 voted )

Ingredients

  • आधा किलो कच्ची हल्दी की गांठ कद्दूकस किया हुआ
  • 200 ग्राम अदरक कद्दूकस किया हुआ
  • 250 ग्राम प्याज बारीक कटा हुआ
  • 6 लहसुन की कलियाँ , छिलकर बारीक पिसा हुआ
  • आधा किलो टमाटर चार टुकड़ों में कटा हुआ
  • 3 हरी मिर्च बारीक कटी हुई
  • 750 ग्राम दही
  • आधा किलो देसी घी
  • 1 बड़ा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
  • 1 बड़ा चम्मच धनिया
  • 1 बड़ा चम्मच जीरा
  • 1 बड़ा चम्मच सौंफ
  • एक बड़ा चम्मच गरम मसाला
  • हरा धनिया थोड़ा सा कटा हुआ
  • स्वादानुसार नमक

Instructions

  • हल्दी को चाकू से खुरचकर छीलिये और इसे पानी में डुबोकर धोकर कपड़े से पौंछ लीजिए। इस हल्दी को कद्दूकस कर लीजिये।

  • टमाटर को बड़े टुकड़ों में काटिये। हरी मिर्च के डंठल तोड़िए, अदरक छीलकर बड़े टुकड़ों में काट लीजिये। सारी चीजें मिक्सर में बारीक पीस लीजिये।

  • एक पैन में घी डालकर मध्यम आंच पर गर्म करें व इसमें हल्दी को तब तक तलें जब तक हल्दी का रंग सुनहरा न हो जाए। तलने के बाद हल्दी को घी से बाहर निकालकर एक बर्तन में रख लें।
  • अब इसी घी में मटर तल कर निकाल लें। और इसी घी में प्याज डालकर गुलाबी होने तक भूनें। भूनने के बाद प्याज को निकालकर एक अलग बर्तन में रख लें।
  • अब बचे हुए घी को गर्म करें और उसमें जीरा सौंफ व दरदरा मसाला डाल दें और फिर प्याज भून कर लहसुन अदरक और हरी मिर्च भी भून कर दही के मसाले वाला मिश्रण मिलाकर लगातार चलाते हुए पकाएं।
  • एक बाउल में दही लेकर इसमें मिर्ची पाउडर, धनिया, नमक आदि मसाले डालकर अच्छी तरह से मिक्स कर लें।
  • अब दूसरे एक पैन में तलने के बाद बची घी को छानकर गर्म करें और गर्म होते ही इसमें सौंफ, अदरक, गरम मसाला, जीरा, लहसुन, मिर्ची के कटे टुकड़े डालकर फ्राई करें।
  • हल्का फ्राई होने के बाद दही में तैयार किया हुआ मसाला डाले दें। इसमें उबाल आने के बाद आंच धीमी कर तब तक पकाएं जब तक दही का पानी पूरी तरह से सूख न जाए।

  • पानी सूखते ही इसमें घी की मात्रा दिखाई देने लगेगी व दही की जाली बन जाएगी। अब इस मसाले में सभी तली हल्दी और प्याज डालकर एक उबाल आने तक पकाएं। पहले उबाल के बाद कटे हुए टमाटर व हरा धनिया डालकर एक बार चला लें व बर्तन का ढक्कन बंद कर चूल्हे से उतार लें।
  • अब इसमें हरा धनिया डालकर मिला दीजिये और सब्जी को ढककर 15 मिनिट तक रखी रहने दीजिये ताकि हल्दी में सारे मसाले जज्ब हो जायें।उतारने के तकरीबन 20 मिनट बाद ढक्कन खोलें।

Notes

  • आप हल्दी की सब्जी मटर के बिना भी बना सकते हैं और चाहे तो फूलगोभी को भी छोटा-छोटा काटकर मटर की तरह तलकर यूज कीजिए।
  • अगर आप कच्ची हल्दी की सब्जी बनाने से पहले इसे तीन घंटे पहले छीलकर दूध में भिगो देंगी तो इसकी कड़वाहट कम हो जाएगी। कच्ची हल्दी का स्वाद और भी बढ़ जाएगा। अगर आप कच्ची हल्दी की सब्जी में मटर और गोभी भी मिलाकर बनाएंगी तो इसका स्वाद और भी अलग होगा। सर्दियों में कच्ची हल्दी की तरह मटर और गोभी भी लोग खूब खाते हैं।
  • कच्ची हल्दी की सब्जी को आप कई दिनों तक रख सकती हैं। अगर आप इसमें ज्यादा तेल डालकर बनाती हैं तो ये ज्यादा दिनों तक खायी जा सकती है।
  • कच्ची हल्दी के फायदे

    • कच्ची हल्दी अदरक की तरह ही होती है ये सर्दियों के मौसम में ही मिलती है। इसे खाने से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन ठीक रहता है जिस वजह से BP पर control में रहता है।
    • सर्दियों में कच्ची हल्दी का अचार बनाकर भी रख सकते हैं। ये सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है।
    • जिन लोगों को सर्दियों में सूजन की परेशानी रहती है उन्हे भी कच्ची हल्दी खाने से आराम मिलता है।
    • जोड़ों के दर्द में भी कच्ची हल्दी खाना काफी फायदेमंद होता है।

    Sabal Singh Bhati

    The Writer and Journalist.

    Adblock Detected

    Please consider supporting us by disabling your ad blocker