महाराष्ट्र

डेल्टा प्लस वेरिएंट से महाराष्ट्र को क्यों है सबसे ज्यादा खतरा? केंद्र ने समझाई वजह

डेल्टा प्लस वेरियंट: म्यूटेशन के चलते ज़िंदा वायरस की संख्या काफी ज्यादा बढ़ जाती है और जब कोरोना के बहुत ज्यादा केस होते हैं तो फिर इसके और भी बढ़ने का खतरा बना रहता है. लहरें अब चिंता का विषय नहीं हैं।

डेल्टा प्लस वेरिएंट से महाराष्ट्र को क्यों है सबसे ज्यादा खतरा? केंद्र ने समझाई वजह

मुंबई. पूरे भारत में कोरोना का सबसे ज्यादा असर अब तक महाराष्ट्र पर ही दिखा है। जब कोरोना की पहली लहर आयी थी तब भी इसी राज्य से सबसे ज्यादा संक्रमित मरीज मिले थे। वहीं इस साल भी दूसरी लहर में वायरस ने महाराष्ट्र में ही जमकर तबाही मचाई।
इसी को देखते हुए एक्सपर्ट्स एक बार फिर से यहां तीसरी लहर की चेतावनी दे रहे हैं।
इसकी वजह है कोरोना का डेल्टा प्लस वेरिएंट। वैसे तो यह पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता है कि तीसरी लहर इसी वेरिएंट से आएगी, लेकिन खतरा अभी जरूर मंडरा रहा है।
वैसे यह बताया जा रहा है कि यदि महाराष्ट्र में तीसरी लहर आती है तो इससे 50 लाख लोग इस संक्रमण का शिकार हो सकते हैं।

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इन्ही में 5 लाख तक की संख्या बच्चों की हो सकती है। वैसे देखा जाए तो यह केवल एक अनुमान है तथा सरकार इन्हीं चीज़ों को लेकर एक्सपर्ट से फिलहाल बातचीत कर रही है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की अध्यक्षता में इस सप्ताह मंत्रिमंडल की बैठक में इन सभी संभावनाओं पर चर्चा की गई है।
शुक्रवार को महाराष्ट्र के खाद्य और औषधि प्रशासन मंत्री राजेंद्र शिंगणे ने कहा कि तीसरी लहर के दौरान एक्टिव मरीजों की संख्या आठ लाख हो सकती हैं।
उन्होंने यह भी कहा की, ‘इससे करीब पांच लाख बच्चे संक्रमित हो सकते हैं, जिनमें से 2.5 लाख को सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराने की जरूरत पड़ सकती है। ‘

आखिर महाराष्ट्र पर क्यों है ज्यादा खतरा:

शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि महाराष्ट्र को डेल्टा प्लस वेरिएंट से अधिक खतरा हो सकता है, यही वजह है कि राज्य पहले से ही सतर्क रहने की आवश्यकता है।
लव अग्रवाल ने बताया, ‘म्यूटेशन के चलते ज़िंदा वायरस की संख्या काफी ज्यादा बढ़ जाती है और जब कोरोना के बहुत ज्यादा केस होते हैं तो फिर इसके और भी बढ़ने का खतरा बना रहता है. लहरें अब चिंता का विषय नहीं हैं’. अग्रवाल ने आगे कहा, ‘हमने अपने लापरवाह व्यवहार से कोरोना को बढ़ने दिया है, यह चिंता का विषय है.’ आपको बता दें कि अब तक सबसे ज्यादा केस महाराष्ट्र से ही मिले हैं।

इन ज़िलों ने बढ़ाई चिंता:

शुक्रवार को भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ बलराम भार्गव ने कहा कि महाराष्ट्र के कुछ जिलों में अभी भी 5 प्रतिशत से अधिक पॉजिटिविटी रेट है, जो चिंताजनक है।
जिन जिलों में यह रेट है वे यह हैं- रायगढ़, सांगली, सिंधुदुर्ग, सतारा, पुणे, रत्नागिरी, कोहलापुर, पालघर, और उस्मानाबाद।
भार्गव ने कहा, ‘ये एक अच्छा कदम है कि सराकरा ने महाराष्ट्र में फिर से कई इलाकों में प्रतिबंध लगा दिए हैं’

डेल्टा प्लस के महाराष्ट्र में कितने है केस:

महाराष्ट्र में कोरोना का ये वेरिएंट काफी लंबे समय से है। इस साल के अप्रेल में डेल्टा प्लस का पहला सैंपल मिला था। वहीं महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के डेल्टा प्लस वेरिएंट से मौत होने का पहला मामला सामने आया है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि रत्नागिरी के सिविल अस्पताल में एक बुजुर्ग महिला की इससे से मौत हो गयी. महिला संगमेश्वर की रहने वाली थीं और उन्हें कुछ दिन पहले मुंबई से 330 किलोमीटर दूर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने कहा कि महिला की मौत की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या वह किसी अन्य गंभीर बीमारी से भी पीड़ित थीं.

अब तक कितने केस?

केंद्र सरकार ने शुक्रवार को कहा कि अब तक देश में अनुक्रमण (जीनोम) किये गये 45000 नमूनों में से कोविड के डेल्टा प्लस वेरिएंट के 48 मामले सामने आये और उनमें से सबसे अधिक 20 मामले महाराष्ट्र से हैं।

 

Tina Chouhan

Author, Editor, Web content writer, Article writer and Ghost writer

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