महाराष्ट्र

Ganesh Chaturthi 2021: कोविड संक्रमण को देखते हुए गणेशोत्सव पर लगी यह पाबंदियां, ऑनलाइन होंगे दर्शन

Ganesh Chaturthi 2021:गणेश चतुर्थी है और अगले 10 दिनों तक महाराष्ट्र के साथ पूरे देश में गणेश उत्सव मनाया जाएगा. लेकिन कोरोना के बढ़ते केस के चलते इस बार का जश्न फीका रहने वाला है.

Ganesh Chaturthi 2021

मुंबई. आज गणेश चतुर्थी है और अगले 10 दिनों तक महाराष्ट्र के साथ पूरे देश में गणेश उत्सव (Ganesh Chaturthi 2021) मनाया जाएगा. लेकिन कोरोना के बढ़ते केस के चलते इस बार का जश्न फीका रहने वाला है. मुंबई समेत महाराष्ट्र के कई हिस्सों में कोरोना का संक्रमण लगातार बढ़ रहा है. राज्य में इस वक्त एक्टिव केस की संख्या 50 हज़ार के पार पहुंच गई है. मुंबई में गुरुवार को 457 नए मामले सामने आए. यहां सात हफ्तों के बाद सबसे ज्यादा केस सामने आए हैं. लिहाज़ा सरकार ने इस बार गणेश उत्सव पर कई तरह की पाबंदियां लगा रखी हैं. महाराष्ट्र के अलावा कई और राज्यों ने भी गाइडलाइन जारी किए हैं.

कोविड-19 की स्थिति के मद्देनजर पुलिस ने मुंबई में 10 सितंबर से 19 सितंबर के बीच गणेश उत्सव (Ganesh Chaturthi 2021) के दौरान धारा 144 लागू कर दिया है. इस दौरान शहर में किसी भी प्रकार का जुलूस निकालने की अनुमति नहीं दी जाएगी और श्रद्धालुओं को गणेश पंडालों में जाने की भी इजाजत नहीं होगी. संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए महाराष्ट्र के गृह विभाग ने एक दिन पहले पंडाल में जाने पर प्रतिबंध लगा दिया।

पंडाल से केवल ऑनलाइन दर्शन की अनुमति:

महाराष्ट्र सरकार ने कहा है कि कोविड महामारी के चलते, गणेशोत्सव के दौरान लोगों को पंडाल में जाने की अनुमति नहीं होगी. राज्य के गृह विभाग की ओर से कहा गया कि पंडाल से केवल ऑनलाइन दर्शन की अनुमति दी जाएगी. इससे पहले गृह विभाग ने एक परिपत्र में कहा था कि उत्सव के दौरान सामाजिक दूरी का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए. नए परिपत्र में कहा गया है कि लोगों को गणेश पंडालों में जाने की अनुमति नहीं होगी.

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गणेश उत्सव को लेकर बीएमसी ने जारी किए दिशा-निर्देश

बीएमसी ने आज से शुरू हो रहे गणेश उत्सव के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं. जिसके तहत सार्वजनिक पंडालों में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. इसके अलावा समारोह के दौरान जुलूस में भाग लेने वालों की संख्या को भी सीमित कर दिया गया है.

सार्वजनिक पंडालों में मूर्ति लाने और विसर्जन के लिए ले जाते समय 10 से अधिक लोग मौजूद नहीं होंगे.

घर में मूर्ति लाने और विसर्जन के लिए ले जाते समय अधिकतम पांच लोग ही मौजूद रहेंगे.

सभी श्रद्धालुओं को अनिवार्य रूप से मास्क पहनना होगा और शारीरिक दूरी का पालन करना होगा.

उत्सव के दौरान जुलूस में भाग लेने वालों को अनिवार्य रूप से कोविड-19 रोधी टीके की दोनों खुराक लेनी होगी और दूसरी खुराक लिए हुए 15 दिन से अधिक समय होना चाहिए.

तीसरी लहर के खतरे के मद्देनजर लगाए गए प्रतिबंध:

कोरोना वायरस संक्रमण के नये मामलों में वृद्धि और महामारी की तीसरी लहर के खतरे के मद्देनजर, बीएमसी ने सार्वजनिक गणपति पंडालों (Ganesh Chaturthi 2021) में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है और नागरिकों से त्योहार सादगी से मनाने की अपील भी की है. बीएमसी ने कहा कि  कोविड-19 महामारी की तीसरी लहर के संभावित खतरे को देखते हुए श्रद्धालुओं को सार्वजनिक पंडालों में दर्शन करने से मना किया गया है.

बीएमसी ने घर में स्थापित किए जाने वाले गणपति की मूर्तियों की ऊंचाई दो फुट जबकि सार्वजनिक मंडलों के लिए चार फुट तक सीमित कर दी है. बीएमसी के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आईपीसी, महामारी रोग अधिनियम और आपदा प्रबंधन अधिनियम के प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी.

दिल्ली में नहीं बनेगा पंडाल:

दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने कहा है कि कोविड-19 महामारी के मद्देनजर राष्ट्रीय राजधानी में गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi 2021) पर किसी सार्वजनिक कार्यक्रम को मंजूरी नहीं दी जाएगी. डीडीएमए की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस उपायुक्त ये सुनिश्चित करेंगे कि भगवान गणेश की प्रतिमाएं टेंट और पंडाल में नहीं स्थापित की जाएं. इसके अलावा यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी धार्मिक अथवा सार्वजनिक स्थल पर लोगों की भीड़ नहीं जमा हो. किसी तरह का जुलूस निकालने की भी मंजूरी नहीं दी जाएगी. डीडीएमए ने लोगों से यह पर्व घरों में मनाने को कहा है

बेंगलुरु में सिर्फ 3 दिन पूजा:

कर्नाटक सरकार द्वारा गणेश पूजा (Ganesh Chaturthi 2021) के अवसर पर राज्य में पांच दिन सार्वजनिक रूप से उत्सव मनाने के लिए कोविड नियमों में छूट देने के बावजूद बेंगलुरु नगर निकाय ने त्योहार के मौके पर केवल तीन दिन ढील देने का निर्णय लिया है. वृहद बेंगलुरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) के मुख्य आयुक्त गौरव गुप्ता ने कहा, ‘बेंगलुरु शहर में गणेश उत्सव के लिए तीन दिन से ज्यादा की अनुमति नहीं दी जाएगी. प्रतिमा विसर्जित करने के दौरान जुलूस निकालने की इजाजत नहीं है.’

 

Tina Chouhan

Author, Editor, Web content writer, Article writer and Ghost writer