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कर्नाटक: आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मंत्री के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

उडुपी (कर्नाटक), 13 अप्रैल ()। कर्नाटक पुलिस ने एक ठेकेदार और भाजपा नेता संतोष के पाटिल की आत्महत्या के मामले में ग्रामीण विकास और पंचायत राज मंत्री के.एस ईश्वरप्पा के खिलाफ आईपीसी की धारा 34 और 306 के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस महानिरीक्षक (पश्चिम) देव ज्योति रे ने बुधवार को बताया कि मंत्री ईश्वरप्पा और उनके दो सहयोगियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने पंचनामा प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह परिवार के सदस्यों की उपस्थिति में किया जा रहा है।

इस मौके पर उपलब्ध सभी डिजिटल और परिस्थितिजन्य साक्ष्य इक्ठ्ठे किए जाएंगे। पहले अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया गया था और प्राथमिकी के बाद आत्महत्या का मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा, हम हर एंगल से जांच करेंगे।

जानकारी के मुताबिक, मृतक ठेकेदार के भाई प्रशांत गौडप्पा पाटिल ने शिकायत दर्ज कराई थी और मामले में ईश्वरप्पा को मुख्य आरोपी बनाया था। उन्होंने बसवराज, रमेश और ईश्वरप्पा के सहयोगियों को भी मामले में दूसरे और तीसरे आरोपी के रूप में नामित किया है।

पुलिस ने आईपीसी 34 और 306 के तहत मामला दर्ज किया है। शिकायत में कहा गया कि मृतक संतोष पाटिल ने 2020-21 के दौरान हिंडालगा ग्राम पंचायत में धार्मिक मेले और बुनियादी ढांचे के विकास की पृष्ठभूमि में गांव के बुजुर्गों और धार्मिक संतों के साथ मंत्री ईश्वरप्पा से मुलाकात की।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मंत्री ईश्वरप्पा ने उन्हें काम शुरू करने का आश्वासन दिया था और कहा कि वह अनुदान जारी कर देंगे। गांव के बुजुर्गों ने संतोष पाटिल को काम शुरू करने को कहा था। इसी के तहत उन्होंने बिना किसी सरकारी आदेश के दूसरे ठेकेदारों को लगा कर 4 करोड़ रुपये का काम शुरू कर दिया था।

काम पूरा होने के बाद संतोष पाटिल ने धन जारी करने के लिए ईश्वरप्पा, उनके सहयोगियों बसवराजू और रमेश से कई बार संपर्क किया था। लेकिन, उन्होंने 40 प्रतिशत कटौती की मांग की और अनुदान जारी करने से इनकार कर दिया।

बेलगावी के ठेकेदार संघ ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी और संतोष पाटिल भी मीडिया के सामने आए थे और 40 फीसदी कमीशन की मांग पर चर्चा की थी। संतोष पाटिल ने अपनी पत्नी जया से कहा था कि वह अपनी परियोजनाओं के लिए धन जारी करने के लिए बार-बार बेंगलुरु गए थे।

उन्होंने मंत्री ईश्वरप्पा और अन्य दो आरोपियों को चेतावनी देते हुए एक वीडियो भी बनाया था कि अगर उन्हें कुछ हुआ तो वे जिम्मेदार होंगे। उन्होंने नई दिल्ली में भाजपा मुख्यालय से भी संपर्क किया था और 40 प्रतिशत कमीशन की मांग के संबंध में शिकायतें की थीं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के कार्यालय में भी शिकायत की थी।

बिल पास नहीं होने के कारण संतोष पाटिल ने आत्महत्या कर ली। शिकायतकर्ता ने पुलिस को दी अपनी पांच पेज की शिकायत में कहा, मौत के लिए मंत्री ईश्वरप्पा और अन्य दो आरोपी सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं। पुलिस ने मृतक का मोबाइल फोन व अन्य चीजें लॉज से अपने कब्जे में ले ली है।

परिवार के सदस्य मंत्री ईश्वरप्पा की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं और दावा कर रहे हैं कि जब तक उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जाता तब तक उन्हें शव नहीं मिलेगा। बड़े और मध्यम उद्योग मंत्री मुरुगेश निरानी ने बेलगावी में मृतक ठेकेदार के आवास का दौरा किया और परिवार के सदस्यों को समझाने का प्रयास किया।

एसएस/एएनएम