राजनीति

नवनीत राणा के डिस्चार्ज होने के बाद लीलावती अस्पताल पहुंचे शिवसेना नेताओं ने अनियमितताओं का लगाया आरोप

काईद नजमी

मुंबई, 9 मई ()। शिवसेना के वरिष्ठ नेताओं की एक टीम सोमवार को लीलावती अस्पताल में कुछ अनियमितताओं का पता लगाने पहुंची। यह घटनाक्रम ऐसे समय पर सामने आया, जब निर्दलीय सांसद नवनीत कौर राणा को जमानत मिलने के बाद पिछले सप्ताह तीन दिनों के लिए वहां भर्ती कराया गया था।

इसके साथ ही, बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के एच-वेस्ट वार्ड कार्यालय ने अस्पताल को एक कारण बताओ नोटिस जारी किया, जिसमें नवनीत को छुट्टी मिलने (8 मई) के एक दिन बाद चिकित्सा मानदंडों के कई कथित उल्लंघनों पर स्पष्टीकरण मांगा गया है।

शिवसेना के प्रवक्ताओं – डॉ. मनीषा कयांडे, पूर्व मेयर और नर्स किशोरी पेडनेकर, राहुल एन. कनाल और अनिल एस. कोकिल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल अस्पताल पहुंचा और उनके साथ ही मीडियाकर्मी भी बड़ी संख्या में पहुंच गए।

शिवसेना की टीम ने नवनीत राणा के अस्पताल में रहने के दौरान एमआरआई स्कैन रिपोर्ट का विवरण मांगा। दरअसल पिछले कुछ दिनों में सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें/वीडियो प्रसारित हो रहे हैं, जिन्हें लेकर नेताओं ने अस्पताल प्रबंधन से सवाल पूछे।

उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से प्रमुख सवाल यह किया कि इलाज के दौरान उनकी तस्वीरें लेने की इजाजत आखिर कैसे दे दी गई। इस दौरान पूर्व मेयर किशोरी पेडनेकर, डॉ. मनीषा कयांडे और शिवसेना के अन्य नेताओं ने कई अनियमितताओं को लेकर अस्पताल प्रबंधन से कई सवाल पूछे।

डॉ. कयांडे ने सवाल दागते हुए कहा, एमआरआई कक्ष के अंदर इस तरह की शूटिंग (फोटोग्राफी) की अनुमति कैसे दी गई और किन परिस्थितियों में और किसने इसे अधिकृत किया।

पेडनेकर ने कहा, एमआरआई कक्ष में मोबाइल, धातु, बिजली या इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों वाले कैमरों को अनुमति क्यों दी गई, जबकि ऐसे संवेदनशील स्थानों के लिए अस्पताल के नियमों के अनुसार इसे प्रतिबंधित किया गया है।

कनाल और कोकिल ने कुछ अनधिकृत व्यक्तियों पर भी कई सवाल दागे, जिन्हें कथित तौर पर वीवीआईपी मरीज के कमरे में प्रवेश करने की अनुमति दी गई थी और यहां तक कि सांसद के साथ सेल्फी भी ली गई थी, जिसे उन्होंने नियमों का उल्लंघन बताया।

डॉ. कयांडे और पेडनेकर ने आश्चर्य जताया कि कैसे महिला सांसद – जिन्हें पीठ में तेज दर्द और स्पोंडिलोसिस की शिकायत थी – को पीठ के बल लेटने के लिए मजबूर किया गया और एमआरआई मशीन के अंदर ले जाने पर उन्होंने अपना सिर कैसे उठाया।

डॉ. कयांडे ने कहा कि जब उन्हें अस्पताल ले जाया गया था, तो वह बहुत संकट में दिखाई दी थीं.. तब ये सभी तस्वीरें/वीडियो सामने आए और रविवार को जब उन्हें छुट्टी मिली, तो वह अपनी गंभीर चिकित्सा स्थिति से बिल्कुल फिट और ठीक थी, जिसमें संदेह पैदा किया है।

शिवसेना नेताओं के आक्रामक रुख से स्तब्ध अस्पताल प्रबंधन और कुछ डॉक्टर अपने जवाबों को महज बुदबुदाते हुए दे रहे थे या फिर चुपचाप सिर हिला रहे थे और शमिर्ंदगी में सिर लटकाकर खड़े रहे।

शिवसेना ने अस्पताल के सीओओ और सीनियर कंसल्टेंट, लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) डॉ. वी. रविशंकर को एक पत्र सौंपा, जिसमें नवनीत राणा के प्रवास के दौरान हुई कथित अनियमितताओं का जवाब मांगा गया है।

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि अगर अस्पताल प्रबंधन, डॉक्टरों या पैरामेडिकल स्टाफ पर किसी तरह का दबाव डाला गया है तो उन्हें आगे आकर ब्योरा देना चाहिए, क्योंकि किसी भी अस्पताल में ऐसी चीजों की अनुमति नहीं दी जा सकती है।

संयोग से, बांद्रा पश्चिम में लीलावती अस्पताल कई वीवीआईपी का पसंदीदा अस्पताल रहा है, जिसमें मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और उनके पिता, शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे, दिवंगत भाजपा के नेता प्रमोद महाजन, कई फिल्म-सितारे, उद्योगपति और कई बड़े सेलिब्रिटी अस्पताल में इलाज करा चुके हैं।

बीएमसी के एक अधिकारी ने कहा कि अगर अस्पताल कारण बताओ नोटिस का जवाब देने में विफल रहता है, तो नागरिक निकाय मामले में उचित कार्रवाई शुरू करेगा।

द्वारा बार-बार प्रयास करने के बावजूद, अस्पताल प्रबंधन या ट्रस्टी टिप्पणी के लिए उपलब्ध नहीं थे।

एकेके/एएनएम