राजनीति

विधानसभा उपचुनाव नजदीक आने के साथ ही केरल के राजनीतिक दल हुए सक्रिय

कोच्चि, 13 अप्रैल ()। केरल के एनार्कुलम जिले में त्रिकाकारा विधानसभा क्षेत्र के लिए उपचुनाव की तारीख की घोषणा होना अभी बाकी है, लेकिन सभी राजनीतिक दलों ने तैयारियां अभी से शुरू कर दी हैं।

22 दिसंबर, 2021 को कांग्रेस विधायक पीटी थॉमस के निधन के बाद से ही उपचुनाव का शोर है। कांग्रेस के पूरे शीर्ष नेताओं ने थॉमस के निवास का दौरा किया। इस दौरान कांग्रेस महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के. सुधाकरन, विपक्ष के नेता वी.डी. सतीसन, यूडीएफ के संयोजक एम.एम. हसन समेत कई अन्य शामिल रहे।

थॉमस ने लोकसभा में अपना पहला कार्यकाल पूरा किया था और वह चार बार विधायक रहे थे। साल 2016 और 2021 में, थॉमस ने एनार्कुलम जिले के थ्रीक्काकारा विधानसभा क्षेत्र से जीत हासिल की थी। 2016 के चुनावों में थॉमस ने वामपंथी सेबेस्टियन पॉल को 11,966 मतों के अंतर से हराया और पांच साल बाद 2021 में थॉमस ने 14,329 वोट हासिल कर जीत का डंका बजाया। दोनों मौकों पर सीपीआई-एम के नेतृत्व वाले वाम मोर्चे के पक्ष में लहर थी।

सूत्रों की मानें तो कांग्रेस अपने शीर्ष नेताओं के साथ मिलकर थॉमस की पत्नी उमा थॉमस को हरी झंडी देने पर विचार कर रही है। उमा ब्राह्मण जाति से है। उमा और थॉमस दोनों अपने छात्र जीवन के दौरान कांग्रेस की राजनीति में बहुत सक्रिय थे। इस दौरान दोनों में दोस्ती हुई और बाद में दोनों ने शादी कर ली।

वहीं उमा भी अपने भविष्य के बारे में चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन कांग्रेस पार्टी जानती है कि अगर उमा चुनावी मैदान में उतरती हैं, तो यह पार्टी के लिए एक आसान कदम होगा, जो वर्तमान में सभी मोचरें पर संघर्ष कर रही है।

नाम न छापने की शर्त पर एक मीडिया आलोचक ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के लिए उमा के नाम पर मोहर लगाना कोई मुद्दा नहीं है, क्योंकि सुधाकरन और सतीसन को उनके पद तभी मिले जब पार्टी आलाकमान ने हस्तक्षेप किया। ऐसे में पार्टी किसी अन्य उम्मीदवार को लाकर एक निश्चित जीत का जोखिम नहीं उठाना चाहती।

मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के लिए जीत महत्वपूर्ण है। निर्वाचन क्षेत्र के आकड़ें को देखते हुए, एक बड़ी ईसाई आबादी के साथ, माकपा अपने उम्मीदवार को मैदान में उतार सकती है।

बीजेपी राज्य अध्यक्ष के. सुरेंद्रन ने कहा कि वे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे। राजनीतिक दलों को उम्मीद है कि मानसून आने से पहले चुनाव हो जाएंगे।

पिंकी/एसकेपी