राजनीति

मन की बात: मोदी ने वरुण सिंह को किया याद , ओमिक्रॉन पर लोगों को आगाह किया (लीड-1)

नई दिल्ली, 26 दिसम्बर ()। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक मन की बात में ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह को याद किया, जो 8 दिसंबर को एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे और एक हफ्ते बाद जिंदगी से जंग हार गए थे। इस दुर्घटना में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और 12 अन्य भी शहीद हो गए थे।

प्रधानमंत्री ने कहा, जब वरुण अस्पताल में थे, मैंने सोशल मीडिया पर कुछ ऐसा देखा जो मेरे दिल को छू गया। उन्हें इसी साल अगस्त में शौर्य चक्र दिया गया था। इस सम्मान के बाद उन्होंने अपने स्कूल के प्रिंसिपल को एक पत्र लिखा था। वह चाहते थे कि जिस स्कूल में उन्होंने पढ़ाई की है, उसके छात्रों का जीवन भी एक उत्सव हो। वरुण सिंह जी ने अपने पत्र में अपनी वीरता का घमंड नहीं किया, बल्कि उन्होंने अपनी असफलताओं का उल्लेख किया। उन्होंने इस बारे में बात की कि उन्होंने अपनी कमियों को कैसे क्षमताओं में बदला था।

ओमिक्रॉन खतरे के बारे में लोगों को आगाह करते हुए पीएम ने कहा, हमें यह भी ध्यान रखना होगा कि कोरोना का एक नया रूप पहले ही दरवाजे पर दस्तक दे चुका है। पिछले दो वर्षों का हमारा अनुभव यह है कि एक नागरिक के रूप में हमारा अपना प्रयास इस वैश्विक महामारी को हराने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

मोदी ने कहा, हमें बहुत कुछ सीखना है, नया करना है, नए लक्ष्य हासिल करना है, इसलिए हमें एक पल भी बर्बाद किए बिना ढृढ़ रहना होगा। हमारे सपने ऐसे हों जिसमें हमारे समाज और देश का विकास जुड़ा हो, हमारी प्रगति देश की प्रगति का मार्ग खोल देगी, इसके लिए हमें आज से काम करना है, बिना एक पल बर्बाद किए, बिना एक कण या संसाधन खोए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि नए साल में हर व्यक्ति, हर संगठन कुछ बेहतर करने का, आने वाले साल में बेहतर बनने का संकल्प लें।

प्रधानमंत्री ने इलिया, ग्रीस के एक हाई स्कूल के छात्रों द्वारा गाए गए वंदे मातरम के बारे में भी बात की।

उन्होंने कहा, जिस सुंदरता और भावना के साथ उन्होंने वंदे मातरम गाया है वह अद्भुत और प्रशंसनीय है। इस तरह के प्रयास दो देशों के लोगों को करीब लाते हैं। ग्रीस के इन छात्रों और उनके शिक्षकों को मेरा अभिवादन। मैं उनके प्रयास की सराहना करता हूं।

उन्होंने शुद्ध पानी के लिए काम कर रहे एक स्टार्टअप का जिक्र किया, मुझे साफ वाटर नाम के एक स्टार्टअप के बारे में पता चला है जिसे कुछ युवाओं ने शुरू किया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंटरनेट ऑफ थिंग्स की मदद से यह लोगों को उनके क्षेत्र में पानी की गुणवत्ता और शुद्धता से जुड़ी जानकारी देगा।

आरएचए/आरजेएस