राजनीति

गलत बिलिंग पर एमडी की भी तय होगी जिम्मेदारी – ऊर्जा मंत्री

लखनऊ,17 नवंबर()। उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकान्त शर्मा ने बुधवार को लखनऊ के यूनिवर्सिटी डिवीजन का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देशित किया कि बिलिंग संबंधी शिकायतों का समाधान 24 घंटे के भीतर उपभोक्ता को संतुष्ट कर किया जाए। बिलिंग संबंधी शिकायतों पर किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए। उन्होंने यूपीपीसीएल अध्यक्ष को निर्देश दिए कि नई बिलिंग एजेंसियों के कामकाज का हर दिन ऑडिट हो। पूर्व में हुई गलतियों की पुनरावृत्ति किसी भी स्थिति में न हो। उपभोक्ताओं को समय पर सही बिल हर माह उपलब्ध कराया जाए। यदि कहीं भी लापरवाही हो रही है तो बिलिंग एजेंसी से लेकर संबंधित डिस्कॉम के एमडी तक कि जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।

कहा कि समय पर बिल नहीं मिलने की शिकायतें मीडिया और उपभोक्ताओं से प्राप्त हो रही हैं। उन्होंने इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए यूपीपीसीएल अध्यक्ष को निर्देशित किया कि सही बिल-समय पर बिल उपभोक्ता को मिले जिससे वे समय पर अपने बिलों का भुगतान कर सकें। साथ ही एकमुश्त समाधान योजना का भी अधिक से अधिक लाभ ले सकें। उन्होंने उपकेंद्र पर एकमुश्त समाधान योजना की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए सभी लाभार्थी उपभोक्ताओं को इससे जोड़ने के लिए निर्देशित किया।

उन्होंने यूपीपीसीएल अध्यक्ष को निर्देशित किया कि उपभोक्ता हित में बिलिंग एजेंसियों से हुए करार का शत प्रतिशत अनुपालन हो, प्रतिदिन के लक्ष्यों की समीक्षा हो। लापरवाही पर एजेंसी व डिस्कॉम दोनों की जवाबदेही तय की जाए। सभी उपभोक्ताओं को समय से बिल मिले, बिल में किसी प्रकार की त्रुटि न रहे, हर माह मीटर की रीडिंग सुनिश्चित हो। कहीं भी कमी है तो उसे तत्काल दूर कर संबंधित को जवाबदेह बनाएं। उपभोक्ता सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने अभियंताओं के प्रमोशन से भी इसे जोड़ने के निर्देश दिए।

डिवीजन पर धीमी बिलिंग पर उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए यूपीपीसीएल अध्यक्ष व डिस्कॉम एमडी से जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए। कहा कि माह की 20वीं तारीख तक सभी उपभोक्ताओं को रीडिंग के अनुसार बिल प्राप्त हो जाने चाहिए लेकिन अभी तक केवल 34 प्रतिशत उपभोक्ताओं को ही बिल दिए गए हैं। उन्होंने यूपीपीसीएल अध्यक्ष को निर्देशित किया कि डिवीजनवार हर जनपद की बिलिंग की रोजाना समीक्षा की जाए। कमियों को तत्काल दूर किया जाए, जिससे उपभोक्ताओं को कठिनाई न हो।

विकेटी/एएनएम