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तालिबान के खतरे का मुकाबला करने के लिए रूस ताजिकिस्तान में रणनीतिक आधार में सुधार करेगा

नई दिल्ली, 21 अक्टूबर : रूस ताजिकिस्तान में उसके सैन्य अड्डे को साल के अंत तक पूरी तरह से आधुनिक संचार उपकरणों से लैस करेगा।

यह घोषणा रूस, बेलारूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, आर्मेनिया और मेजबान ताजिकिस्तान सहित सामूहिक सुरक्षा संधि संगठन (सीएसटीओ) के सदस्य राज्यों के सैन्य अभ्यास के तीसरे दिन की गई। सीएसटीओ अफगानिस्तान सीमा पर सैन्य अभ्यास कर रही है।

ताजिक-अफगान सीमा से महज 20 किलोमीटर की दूरी पर खटलोन क्षेत्र के हार्ब-मैडन और मोमिरक प्रशिक्षण मैदानों में इकोलोन-2021, सर्च-2021 और इंटरेक्शन-2021 विशेष सैन्य अभ्यास आयोजित किए जा रहे हैं।

मास्को ने दो ताजिक शहरों – राजधानी दुशांबे और बोख्तार में स्थित अपने 201वें सैन्य अड्डे से सैन्य अभ्यास के लिए एक बड़ी टुकड़ी भेजी है, जो मध्य एशियाई देशों द्वारा अफगानिस्तान के क्षेत्र से उत्पन्न होने वाले सुरक्षा खतरों का संयुक्त रूप से मुकाबला करने के लिए किया जा रहा है।

201 वां सैन्य अड्डा रूस की सबसे बड़ी सैन्य सुविधा है, जो इसकी सीमाओं से परे स्थित है। अक्टूबर 2012 में हस्ताक्षरित एक समझौते के अनुसार, यह 2042 तक ताजिकिस्तान में रहेगा।

4000 से अधिक सशस्त्र बलों के कर्मियों ने दक्षिणी सीमाओं पर एक साथ प्रशिक्षण जारी रखा है। इसके तहत आतंकवादियों की योजनाओं को विफल करना और अवैध सशस्त्र संरचनाओं को नष्ट करने को लेकर प्रशिक्षण किया जा रहा है।

रूस के सेंट्रल मिल्रिटी डिस्ट्रिक्ट कमांड के संचार विभाग के प्रमुख मेजर जनरल गेनेडी टुचिन ने कहा, इस साल के अंत तक, हम ताजिकिस्तान में रूसी सैन्य अड्डे की संचार इकाइयों को विशेष उपकरणों के आधुनिक नमूनों से लैस करने का काम पूरा कर लेंगे।

टुचिन ने इस डवलपमेंट की घोषणा करने के लिए 20 अक्टूबर का दिन चुना क्योंकि इसे रूस के सिग्नल सैनिकों द्वारा सैन्य सिग्नल अधिकारी दिवस के रूप में मनाया जाता है।

रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, एकीकृत कमांड और स्टाफ वाहन आर-149एमए1 को पार्किं ग में और चलते-फिरते ब्रिगेड स्तर के अधिकारियों को नियंत्रण और संचार प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया है।

इस बीच, अफगानिस्तान के साथ सीमा के करीब हार्ब-मैडन में अपने इकोलोन -2021 विशेष अभ्यास के तीसरे दिन, सीएसटीओ सैन्य टुकड़ियों ने बुधवार को बख्तरबंद वाहनों में बड़े पैमाने पर ईंधन भरने का काम किया।

सैनिकों ने नकली दुश्मन को नष्ट करने के लिए युद्ध प्रशिक्षण मिशन करने वाली इकाइयों को ईंधन और लुब्रीकेंट पहुंचाने के लिए प्रशिक्षण मैदान में कई-किलोमीटर मार्च किया।

(यह सामग्री इंडिया नैरेटिव डॉट कॉम के साथ एक व्यवस्था के तहत जारी की जा रही है।)

–इंडिया नैरेटिव

आरएचए/एएनएम