राजनीति

चीन की मदद से बैलिस्टिक मिसाइल बना रहा सऊदी अरब

नई दिल्ली, 24 दिसम्बर ()। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का आकलन है कि सऊदी अरब अब चीन की मदद से अपनी खुद की बैलिस्टिक मिसाइलों का सक्रिय रूप से निर्माण कर रहा है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि इस कदम का पूरे मध्य पूर्व में महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है और यह सऊदी के शीर्ष क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वी ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं पर लगाम लगाने के जो बाइडेन प्रशासन के प्रयासों को जटिल बना सकता है।

नवीनतम खुफिया जानकारी से परिचित तीन सूत्रों के अनुसार, सऊदी अरब को अतीत में चीन से बैलिस्टिक मिसाइल खरीदने के लिए जाना जाता है, लेकिन वह अब तक अपनी खुद की मिसाइल बनाने में सक्षम नहीं है। सीएनएन द्वारा प्राप्त उपग्रह छवियों (सैटेलाइट इमेज) से यह भी पता चला है कि देश वर्तमान में कम से कम एक स्थान पर हथियारों का निर्माण कर रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार, व्हाइट हाउस में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सहित कई एजेंसियों के अमेरिकी अधिकारियों को हाल के महीनों में जुटाई गई खुफिया जानकारी के बारे में जानकारी दी गई है, जिसमें चीन और सऊदी अरब के बीच संवेदनशील बैलिस्टिक मिसाइल प्रौद्योगिकी के कई बड़े पैमाने पर हस्तांतरण का खुलासा हुआ है।

बाइडेन प्रशासन अब इस बारे में तेजी से जरूरी सवालों का सामना कर रहा है कि क्या सऊदी की बैलिस्टिक मिसाइल प्रगति क्षेत्रीय शक्ति की गतिशीलता को नाटकीय रूप से बदल सकती है? इसके अलावा एक और सवाल बना हुआ है कि क्या यह कदम ईरान के साथ परमाणु समझौते की शर्तों को भी प्रभावित कर सकता है?

रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान और सऊदी अरब एक-दूसरे के कट्टर दुश्मन हैं और अगर सऊदी अरब ने इस तरह का अपना खुद का निर्माण शुरू कर दिया है तो तेहरान की ओर से भी बैलिस्टिक मिसाइल बनाने से रोकने को लेकर सहमति की संभावना नहीं है।

एकेके/एएनएम