उत्तराखंड 9 नवंबर को अपनी 25वीं वर्षगांठ रजत जयंती के रूप में मना रहा है। राज्य के सभी जिलों में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सरकारी भवनों को सजाने का कार्य शुरू हो चुका है। 1 से 9 नवंबर तक कार्यक्रम चलेंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी राज्य के दौरे पर आ रही हैं। वे 3 और 4 नवंबर को विधानसभा के विशेष सत्र को संबोधित करेंगी। इससे पहले उत्तराखंड विधानसभा के 2015 में आयोजित एक दिन के विशेष सत्र को तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने संबोधित किया था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी राज्य स्थापना दिवस पर देहरादून आने का न्योता दिया गया है। सरकार ने 9 नवंबर को रजत जयंती समारोह में उन्हें आमंत्रित किया है। मुख्य समारोह FRI में होगा, जहां पीएम कई प्रमुख योजनाओं का उद्घाटन करेंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 2 दिवसीय नैनीताल दौरा होगा, जिसमें वे कई कार्यक्रमों में भाग लेंगी। उनकी सुरक्षा के लिए प्रशासन ने सभी तैयारियां कर ली हैं। हजारों जवान तैनात किए गए हैं और कार्यक्रम स्थलों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जाएगी।
एम्बुलेंस, विशेषज्ञ चिकित्सक दल, कार्डियोलॉजिस्ट और फिजिशियन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। राष्ट्रपति मुर्मू 2 से 4 नवंबर तक हरिद्वार, देहरादून, नैनीताल और कैंचीधाम में महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शामिल होंगी। 2 नवंबर को वे हरिद्वार पहुंचकर पतंजलि विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेंगी। इसके बाद वे देहरादून स्थित राष्ट्रपति निकेतन में रात्रि विश्राम करेंगी। 3 नवंबर को सुबह वे उत्तराखंड विधानसभा के विशेष सत्र को संबोधित करेंगी। शाम को नैनीताल राजभवन में 125 वर्ष पूर्ण होने के समारोह में शामिल होंगी। 4 नवंबर को उनका कार्यक्रम आध्यात्मिक और शैक्षणिक रहेगा।
वे सुबह कैंचीधाम में बाबा नीम करौली के दर्शन करेंगी और दोपहर में कुमाऊं विश्वविद्यालय के 20वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करेंगी।


