पंजाब

सिद्धू के अध्यक्ष बनाए जाने की खबरों से कैप्टन अमरिंदर नाराज, सोनिया गाँधी से कहा यह…

सिद्धू पर बिफरे कैप्टन ने सोनिया गांधी को लिखे खत में कहा है कि सिद्धू के वर्किंग स्टाइल से कांग्रेस को नुकसान होगा और कांग्रेस इससे बंट जाएगी.

सिद्धू के अध्यक्ष बनाए जाने की खबरों से कैप्टन अमरिंदर नाराज, सोनिया गाँधी से कहा यह…

पंजाब. पंजाब विवाद को कांग्रेस जितना सुलझाने की कोशिश कर रही है, वह उतना ही उलझता जा रहा है। करीब दो माह की मशक्कत के बाद पार्टी ने सुलह का फॉमूर्ला तय किया था, पर कैप्टन अमरिंदर सिंह के सख्त विरोध को देखते हुए फैसले पर रोक लगा दी है। नवजोत सिंह सिद्धू ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की है। इस मुलाकात में राहुल गांधी और प्रदेश प्रभारी हरीश रावत मौजूद थे।

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सिद्धू पर बिफरे कैप्टन ने सोनिया गांधी को लिखे खत में कहा है कि सिद्धू के वर्किंग स्टाइल से कांग्रेस को नुकसान होगा और कांग्रेस इससे बंट जाएगी. इस बीच नाराज कैप्टन को मनाने हरीश रावत कल चंडीगढ़ जा रहे हैं. वह दोपहर को सीएम से मुलाकात कर आलाकमान की बात सामने रखेंगे.

गौरतलब है कि सिद्धू को अध्यक्ष बनाए जाने की अटकल से कैप्टन नाराज हैं. हालांकि, सोनिया के साथ सिद्धू की मीटिंग के बाद फिलहाल पार्टी ने पंजाब का फैसला रोक दिया है. सिद्धू की सोनिया गांधी, राहुल गांधी और हरीश रावत से मुलाकात हुई थी. पार्टी दावा कर रही है कि सोनिया गांधी जल्दी फैसला ले लेंगी जिसे सार्वजनिक कर दिया जाएगा.

इस बीच, लोकसभा सांसद मनीष तिवारी ने एक ट्वीट कर मामले को और उलझा दिया। मनीष ने वही दलील दी है, जो सिद्धू को अध्यक्ष बनाए जाने के खिलाफ कैप्टन देते रहे हैं। उन्होंने प्रदेश की आबादी का धार्मिक और जातिगत आंकड़ा पेश करते हुए किसी हिंदू नेता को ही नया प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की वकालत की है

पंजाब विवाद पर प्रदेश प्रभारी हरीश रावत अपनी रिपोर्ट कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को सौंप चुके हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी अध्यक्ष जो फैसला करेगी, उसे घोषित कर दिया जाएगा। पर रावत ने गुरुवार को जिस तरह मीडिया में बयान दिया, उससे पार्टी नेतृत्व नाराज है। क्योंकि, हरीश रावत के बयान के बाद ही विवाद बढ़ा है।
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि रावत को मीडिया में कोई संकेत देने के पहले कैप्टन को भरोसे में लेना चाहिए था। उन्होंने कहा कि इस तरह की अटकलें कई दिन से लगाई जा रही थीं, पर उस वक्त कैप्टन ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, पर जब प्रदेश प्रभारी ने संकेत दे दिए, तो उन्हें लगा कि पार्टी फैसला कर चुकी है और विवाद बढ़ गया।

 

Tina Chouhan

Author, Editor, Web content writer, Article writer and Ghost writer

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