राजस्थान को एक और महत्वपूर्ण हाईवे मिलने जा रहा है। प्रदेश में जल्द ही कोटपूतली से किशनगढ़ तक छह लेन का ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण शुरू होगा। यह 181 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे लगभग 6,906 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, इस परियोजना का कार्य अगले महीने दिसंबर से प्रारंभ होने की संभावना है। इस एक्सप्रेसवे के निर्माण से जयपुर, सीकर सहित पांच जिलों को सीधा लाभ होगा। नए एक्सप्रेसवे के चालू होने पर कोटपूतली से किशनगढ़ की यात्रा का समय 5 घंटे से घटकर 2 घंटे हो जाएगा।
सड़क के निर्माण से दिल्ली से जयपुर की यात्रा भी और सुगम हो जाएगी। यह एक्सप्रेसवे खाटू श्यामजी, मकराना, नावा, कुचामन सिटी और किशनगढ़ जैसे प्रमुख धार्मिक और औद्योगिक स्थलों को भी जोड़ेगा। यह परियोजना राजस्थान सरकार के बजट में घोषित 9 ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे में से एक है। यह एक्सप्रेसवे किशनगढ़ के नेशनल हाईवे-48 और 448 से शुरू होकर कोटपूतली के पनियाला नेशनल हाईवे-148बी तक जाएगा। परियोजना में लगभग 1,679 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। सड़क की चौड़ाई 100 मीटर और ऊंचाई लगभग 15 फीट होगी ताकि वाहनों की सुगम आवाजाही बनी रहे।
इस एक्सप्रेसवे के चालू होने पर वाहनों की औसत गति 150 किमी प्रति घंटा तक हो सकेगी। वर्तमान में कोटपूतली से किशनगढ़ पहुंचने के लिए 225 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है, जिसमें लगभग 5 घंटे का समय लगता है। नए एक्सप्रेसवे के बन जाने के बाद दूरी घटकर 181 किलोमीटर रह जाएगी, जिससे यात्रियों को करीब तीन घंटे की बचत होगी। सरकार ने परियोजना की डीपीआर तैयार कर ली है और भूमि अधिग्रहण व निर्माण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। यह नया एक्सप्रेसवे राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़, डीडवाना-कुचामन सिटी, सीकर, जयपुर और अजमेर जिलों से होकर गुजरेगा।
मार्ग में किशनगढ़, दूदू, रेनवाल, खाटू श्यामजी, रींगस, कुचामन सिटी, नावां और मकराना जैसे प्रमुख कस्बे शामिल होंगे। एक्सप्रेसवे के शुरू होने से प्रदेश में औद्योगिक, धार्मिक और पर्यटन गतिविधियों को नया प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।


