बाड़मेर

राजनाथ – गडकरी ने किया उद्धाटन, इंडो-पाक बॉर्डर पर गरजे फाइटर प्लेन, राजस्थान की धरती ने रचा इतिहास

राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) बाड़मेर पहुंचे हैं. दोनों मंत्री इस हवाई पट्टी पर वायु सेना के अभ्यास को देखेंगे. 

राजनाथ – गडकरी ने किया उद्धाटन, इंडो-पाक बॉर्डर पर गरजे फाइटर प्लेन, राजस्थान की धरती ने रचा इतिहास

बाड़मेर. देश की पश्चिमी सरहद को मजबूत करने के मकसद से बॉर्डर इलाके में भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत हाईवे बनाए गए हैं. अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर से  NH-925A पर भारतमाला परियोजना के तहत आपातकाल में फाइटर प्लेन उतारने के लिए हवाई पट्टी को बनाया गया है.

इस पट्टी का आपात स्थिति के समय वायुसेना और सेना के लिए उपयोग किया जा सकेगा. इसी का लोकार्पण करने आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) बाड़मेर पहुंचे हैं. दोनों मंत्री इस हवाई पट्टी पर वायु सेना के अभ्यास को देखेंगे.

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राजनाथ और नितिन गडकरी को लेकर सेना के सुपर हरकुलिस ने हाईवे पर बनी 3 किलोमीटर की एयर स्ट्रिप पर लैंडिंग की. इसके बाद फाइटर जेट सुखोई MKI-30 और जगुआर भी यहां उतरे. यह पाकिस्तान बॉर्डर से सटी देश की पहली इमरजेंसी हवाई पट्टी है, साथ ही पाकिस्तान सीमा से 40 किलोमीटर दूर हाईवे पर रक्षा मंत्री राजनाथ और नितिन गडकरी ने इमरजेंसी फील्ड लैंडिंग स्ट्रिप देश को सौंपी. बाद में हुए एक समारोह में राजनाथ सिंह और गड़करी ने मौजूद लोगों को संबोधित भी किया.

हवाई पट्टी के पास डोम तैयार किया गया है, जिसमें केंद्रीय मंत्रियों का कार्यक्रम हो रहा है. इस दौरान हाईवे पर कई फाइटर प्लेन का ट्रायल भी हो रहा है और बॉर्डर इलाका लड़ाकू विमानों की आवाज से गूंज उठा है. NHAI की ओर से भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत बने हाईवे पर 3 किलोमीटर लंबी हवाई पट्टी बाड़मेर-जालोर बॉर्डर पर बनाई गई है.

भारत एक्सपोर्टिंग कंट्री के रूप में पहचान बनाएगा:

राजनाथ सिंह ने एयरफोर्स अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि युद्ध के साथ प्राकृतिक आपदाओं में भी यह एयर स्ट्रिप काम आएगी। अब तक भारत दूसरे देशों से हथियार और अन्य सामग्री इंपोर्ट करता था, लेकिन अब यह निर्णय लिया गया है कि डेढ़ दशक में भारत एक्सपोर्टिंग कंट्री के रूप में अपनी पहचान बनाएगा। कार्यक्रम में उन्होंने सुखोई और जगुआर कैप्टन को बधाई भी दी।

देश की सबसे बेहतर एयर स्ट्रिप:

कार्यक्रम के दौरान नितिन गडकरी ने कहा कि यह देश की सबसे बेहतर एयर स्ट्रिप है। उन्होंने आस-पास एयरपोर्ट की कमी को देखते हुए बोले कि 350 KM की रेंज में एयरपोर्ट बनाया जाएगा। मंच से उन्होंने एयरफोर्स अधिकारियों को इसका प्रोजेक्ट बनाने की बात कहीं। साथ ही बताया कि इसे एयरफोर्स के साथ ही सिविल उपयोग में लिया जाएगा। उन्होंने दिल्ली से जयपुर के बीच इलेक्ट्रिक हाइवे प्रोजेक्ट लाने की भी बात कही।

पाकिस्तान बॉर्डर से महज 40 किमी दूर देश की पहली एयर स्ट्रिप पर सुखोई, मिग, जगुआर और हरक्यूलिस विमानों का ट्रायल भी किया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर ताराबंदी के नजदीक पहला टच एंड गो ऑपरेशन होगा। इससे पहले बुधवार को यहां करीब 3 घंटे तक रिहर्सल की गई। सबसे पहले इस एयर स्ट्रिप पर हरक्यूलिस विमान को उतारा गया। भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत बाड़मेर-जालोर की सीमा पर देश की पहली इमरजेंसी एयर स्ट्रिप तैयार की गई है।

तीन हेलीपैड भी बनाए गए:

इस एमरजेंसी लैंडिंग स्ट्रिप के अलावा एयरफोर्स और इंडियन फोर्स की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कुंदनपुरा, सिंघानिया और भाखासर गांवों में 100X30 मीटर आकार के तीन हेलीपैड भी बनाए गए हैं। इस निर्माण से इंडियन फोर्स और देश की पश्चिमी अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा तंत्र को मजबूती मिलेगी।

3 घंटे तक टेस्टिंग:

अगड़वा में बुधवार को एयरफोर्स ने सुबह 9:30 बजे रनवे टेस्टिंग शुरू की, जो करीब 12:30 बजे तक चली। तीन घंटे तक चली रिहर्सल के दौरान आसमान फाइटर प्लेन की आवाज से गरजने लगा। वहां के ग्रामीणों ने फाइटर प्लेन के रिहर्सल का लुफ्त उठाया। फाइटर प्लेन के रिहर्सल के बाद एयरफोर्स चीफ मार्शल ने सभी एयरफोर्स अधिकारियों और पायलट की मीटिंग ली। अधिकारियों ने फाइटर प्लेन के पायलट की हौसला अफजाई की।

33 मीटर चौड़ी, 3 किमी. लंबी है हवाई पट्टी :

बाड़मेर के गांधव (बाखासर) में भारत माला हाइवे NH-925A पर बनी आपातकालीन हवाई पट्टी 3000 मीटर (3 किमी.) लंबी और 33 मीटर चौड़ी है। इस हवाई पट्टी को बनाने में 32.95 करोड़ रुपए लागत आई है। भारत-पाक तारबंदी बॉर्डर से महज 40 किमी. दूरी पर यह हवाई पट्टी बनाई गई है।

 

Tina Chouhan

Author, Editor, Web content writer, Article writer and Ghost writer