जयपुर

अरविंद केजरीवाल की साधना हुई समाप्त, दिल्ली लौट सीएम

अरविंद केजरीवाल शांति की तलाश में जयपुर के गलता रोड स्थित विपश्यना आश्रम में 10 दिन की विपश्यना साधना के लिए आए थे। उनकी यह साधना बुधवार को समाप्त हो गई।

अरविंद केजरीवाल की साधना हुई समाप्त, दिल्ली लौट सीएम

जयपुर. दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल शांति की तलाश में जयपुर के गलता रोड स्थित विपश्यना आश्रम में 10 दिन की विपश्यना साधना के लिए आए थे। उनकी यह साधना बुधवार को समाप्त हो गई। आश्रम सूत्रों की माने तो बुधवार सुबह 10वें दिन 10:10 पर सीएम केजरीवाल ने अपना मौन समाप्त करके साधना पूरी की। उनका अन्य साधकों की तरह ही गुरुवार को सुबह सुबह 6.30 बजे दिल्ली जाने का कार्यक्रम था। लेकिन मौन समाप्त होने के कुछ देर बाद ही दिल्ली से फोन आया और दो घंटे बाद 12:10 मिनिट पर बाद दिल्ली के लिए रवाना हो गए। सीएम केजरीवाल ने टवीट कर अपनी दस दिन की साधना समाप्त करने की जानकारी दी।

साधना समाप्त करने के बाद केजरीवाल सभी साधकों से मिले और आश्रम में उनकी सुविधाओं का ध्यान रखने वाले सेवादारों से मिले और उनको धन्यवाद दिया। सूबह करीब 10:30 बजे से अरविंद केजरीवाल के बाहर आने का इंतजार होता रहा। दोपहर करीब 12 बजे वे हाथ में सूटकेस लेकर विपश्यना केंद्र से बाहर आने लगे। इस बीच मौजूद साधकों ने केजरीवाल से मुलाकात की। उनके साथ फोटो खिंचवाने लगे। करीब 10 मिनट वहां ठहरने के बाद वे केंद्र के ऑफिस में पहुंचे। यहां उन्होंने जेब से रुपए निकालकर दान किए। इस दान को पारमी कहा जाता है। जो की 10 दिन की साधना के बाद देने के भाव को बढ़ाने के इरादे से किया जाता है।

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दान के दौरान बाहर से आए एक अनजान साधक ने केजरीवाल को देखकर पूछा- आप तो केजरीवाल जैसे दिखते हो। दिल्ली के CM बोले- हां मैं वही हूं। इसके बाद सभी से नमस्कार कर बाहर के लिए रवाना हुए। केजरीवाल बाहर खड़ी दिल्ली नंबर की गाड़ी में बैठकर जयपुर एयरपोर्ट के लिए रवाना हो गए।

आश्रम से बाहर निकलते ही आए सुरक्षा घेरे में:

सीएम केजरीवाल दस दिन की साधना के अंतिम दिन सुबह 4 बजे उठे ओर विश्राम कक्ष को व्यवस्थति करने से लेकर नल से पानी भरने तक सभी कार्य अपने हाथों से ही पूरे किए। आश्रम के सभी लोगों से मिल कर आश्रम के मुख्यद्वार पर आए और विदाई ली। मुख्य द्वार से बाहर निकलते ही दिल्ली और राजस्थान पुलिस के जवानों ने सीएम केजरीवाल को अपने सुरक्षा घेरे में ले लिया।

दरअसल, पिछले 10 दिनों से केजरीवाल जयपुर शहर से करीब 10 किलोमीटर दूर आगरा रोड घने जंगलों के बीच विपश्यना ध्यान केंद्र (धम्म थली) में थे। यहां आम लोगों का प्रवेश नहीं है। सिर्फ साधक और साधना केंद्र से जुड़े सेवक ही विपश्यना केंद्र में जाने की इजाजत है। वे यहां मोबाइल, टीवी, अखबार, लैपटॉप जैसी सुविधाओं से दूर रहे। केंद्र से बाहर आने के बाद लोगों ने उनके साथ फोटो भी खिंचवाई। हालांकि, केजरीवाल ने किसी से बात नहीं की। वे केंद्र से सीधे एयरपोर्ट के लिए रवाना हो गए। यहां से फ्लाइट के जरिए दिल्ली पहुंचेंगे।

केजरीवाल ने 10 दिन क्या किया?:

विपश्यना बहुत प्राचीन ध्यान पद्धति है। साधक नीलम चंद मुणोत ने बताया कि 10 से 11 दिन की साधना के दौरान मौन व्रत का पालन करना होता है। एक कमरे में एक व्यक्ति को रहना होता है, यानी अकेला जीवन, खुद के लिए जीवन जीना होता है। एक समय का ही भोजन करना होता है। परंपरागत जीवन से खुद को अलग करने के प्रयास में लीन होना होता है। केजरीवाल भी इसी तरह की तपस्या से गुजरे।

सुबह 4 बजे उठे केजरीवाल:

साधक नीलमचंद मुणोत ने बताया कि विपश्यना के नियमों के अनुकूल उन्हें तड़के 4 बजे से सुबह 6 बजे तक साधना कक्ष में जाना होता था। वहां साधना के बाद एक से डेढ़ घंटे के दौरान अल्प आहार, स्नान आदि कार्य किए। फिर साधना कक्ष में नियमित ध्यान पर खुद को केंद्रित किया।

यह है विपश्यना साधना:

विपश्यना की ध्यान-विधि एक ऐसा सरल और कारगर उपाय है, जिससे मन को वास्तविक शांति प्राप्त होती है और एक सुखी, उपयोगी जीवन बिताना संभव हो जाता है। विपश्यना का अभिप्राय है, जो वस्तु सचमुच जैसी हो, उसे उसी प्रकार जान लेना। आत्म-निरीक्षण द्वारा मन को निर्मल करते-करते ऐसा होने ही लगता है। हम अपने अनुभव से जानते हैं कि हमारा मानस कभी विचलित हो जाता है, कभी हताश, कभी असंतुलित।

इस कारण जब हम व्यथित हो उठते हैं, तब अपनी व्यथा अपने तक सीमित नहीं रखते, दूसरों से बांटने लगते हैं। विपश्यना हमें इस योग्य बनाती है कि हम अपने भीतर शांति और सामंजस्य का अनुभव कर सकें। यह चित्त को निर्मल बनाती है। यह चित्त की व्याकुलता और इसके कारणों को दूर करती जाती है। यदि कोई इसका अभ्यास करता रहे तो कदम-कदम आगे बढ़ता हुआ अपने मानस को विकारों से पूरी तरह मुक्त करके नितान्त विमुक्त अवस्था का साक्षात्कार कर सकता है।

दिल्ली पंजाब के बाद राजस्थान पर निगाह:

राजस्थान में 2023 में विधान सभा चुनाव होने है। आम आदमी पार्टी की दिल्ली और पंजाब के बाद राजस्थान पर निगाह है। दस दिन पहले जयपुर पहुंचने पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने टवीट कर केजरीवाल का स्वागत किया था। इसके बाद सियासी गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया था।

Tina Chouhan

Author, Editor, Web content writer, Article writer and Ghost writer