जयपुर

बीजेपी ने अपने जिला परिषद और पंचायत समिति के उम्मीदवारों की की बाड़ेबंदी

बीजेपी ने अपने जिला परिषद और पंचायत समिति के उम्मीदवारों की बाड़ेबंदी कर दी है। कांग्रेस तीसरे फेज की वोटिंग होते ही उम्मीदवारों की बाड़ेबंदी की तैयारी में है।

बीजेपी ने अपने जिला परिषद और पंचायत समिति के उम्मीदवारों की की बाड़ेबंदी

जयपुर. छह जिलों के पंचायतीराज चुनाव के नतीजों से पहले ही उम्मीदवारों की बाड़ेबंदी शुरू हो गई है। बाड़ेबंदी के मामले में बीजेपी ज्यादा सतर्क है। अब तक दो फेज के चुनाव की वोटिंग के बाद विपक्षी बीजेपी ने अपने जिला परिषद और पंचायत समिति के उम्मीदवारों की बाड़ेबंदी कर दी है। कांग्रेस तीसरे फेज की वोटिंग होते ही उम्मीदवारों की बाड़ेबंदी की तैयारी में है। जयपुर, जोधपुर, सिरोही, दौसा, भरतपुर, सवाईमाधोपुर जिलों में ये चुनाव हो रहे हैं।

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कांग्रेस ने भी स्थानीय स्तर पर उम्मीदवारों को कई जगह होटलों में भेजा है, यह सब व्यवस्था स्थानीय स्तर पर की जा रही है। बीजेपी विपक्ष में होने के कारण ज्यादा सचेत है। आम तौर पर सत्ताधारी पार्टी पंचायतीराज चुनावों में बाजी मारती रही है। दूसरे दलों के जीते हुए उम्मीदवारों को पक्ष में करने में भी सत्ताधारी पार्टी को आसानी रहती है। इसी के चलते बीजेपी ने वोटिंग होने के साथ ही अपने उम्मीदवारों की बाड़ेबंदी शुरू कर दी है। बीजेपी ने जयपुर जिले के जिला परिषद उम्मीदवारों को पहले नागौर भेजा, आज उन्हें पुष्कर ले जाया जाएगा।

बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष खुद कर रहे मॉनिटरिंग :

बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया पंचायतीराज चुनाव की तैयारियों और इलेक्शन मैनेजमेंट की खुद मॉनिटरिंग कर रहे हैं। पूनिया की विधानसभा सीट आमेर के नतीजों पर भी सबकी निगाहें हैं, पूनिया ने आमेर में जमकर प्रचार किया है।
कांग्रेस में प्रभारियों और स्थानीय नेताओं के जिम्मे बाड़ेबंदी कांग्रेस में जिला और संगठन प्रभारियों को बाड़ेबंदी और इलेक्शन मैनेजमेंट का जिम्मा सौंपा हुआ है।

जिला प्रमुख और प्रधान के दावेदार नेता स्थानीय स्तर पर पूरी व्यवस्था कर रहे हैं, उम्मीदवारों को बाहर शिफ्ट करने और व्यवस्था करने की जिम्मेदारी ये नेता ही संभाल रहे हैं। कांग्रेस में अब कल वोंटिंग के बाद बाड़ेबंदी होगी। यह बाड़ेबंदी 6 जुलाई को जिला प्रमुख और पंचायत समिति प्रधानों के चुनाव तक चलेगी।

सियासी पर्यटन पर उम्मीदवार:

जिला परिषद ओर पंचायत समिति उम्मीदवारों के लिए यह सियासी पर्यटन का सीजन है। उम्मीदवारों को सैर सपाटा भी करवाया जा रहा है। बीजेपी की बाड़ेबंदी में रह रहे उम्मीदवारों को अलग-अलग जगहों पर घुमाया जा रहा है।
मजबूत र्निदलियों पर निगाह, कांग्रेस की जो जीते वह अपना पॉलिसी जनाधार वाले निर्दलियों पर कांग्रेस और बीजेपी दोनों की निगाह है।

कांग्रेस के रणनीतिकारों ने निर्दलीयों को अपने पक्ष में करने के लिए स्थानीय नेताओं को जिम्मेदारी दी है। मजबूत निर्दलियों और बागियों से पहले ही संपर्क साध लिया गया है। कांग्रेस ने किसी भी बागी को अब तक नोटिस देकर सस्पेंड नहीं किया है, जो भी बागी उम्मीदवार जीतकर आएगा, कांग्रेस उसे वापस लेने की रणनीति पर चल रही है।

4 सितंबर को रिजल्ट आने के बाद कड़ी होगी बाड़ेबंदी:

बाड़ेबंदी में रखे गए उम्मीदवारों को अभी सैर सपाटा करवाया जा रहा है। 4 सितंबर को रिजल्ट आने के बाद असली बाड़ेबंदी शुरू होगी। रिजल्ट आने के बाद ही ​पंचायत समिति और जिला परिषद में बहुमत के आंकड़े के बारे में पता लगेगा, बहुमत पूरा करने के लिए जोड़-तोड़ होना तय माना जा रहा है। सत्ताधारी कांग्रेस और विपक्षी बीजेपी दोनों एक दूसरे के जीते हुए उम्मीदवारों को तोड़ने की कोशिश करेंगे। 4 सितंबर को रिजल्ट आने के बाद बाड़ेबंदी से उम्मीदवारों को निकलने पर पाबंदी लगाई जाएगी। फिर सीधे 6 सितंबर को जिला प्रमुख और प्रधान के चुनाव के दिन ही बाहर निकाला जाएगा।

 

 

Tina Chouhan

Author, Editor, Web content writer, Article writer and Ghost writer