जयपुर

Neet Paper Leak: 35 लाख के लिए नीट का पेपर हुआ लीक, 8 लोग गिरफ्तार

Neet Paper Leak: जयपुर पुलिस ने सोमवार रात पेपर लीक मामले का खुलासा किया है। पेपर लीक करने के मामले में 8 लोगों को गिरफ्तर किया गया है। गिरफ्तार किए गए लोगों से 10 लाख की नकदी बरामद की है।

Neet Paper. जयपुर. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की ओर से रविवार को आयोजित की गई नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (Neet Paper) का पेपर लीक हो गया है। जयपुर पुलिस ने सोमवार रात पेपर लीक मामले का खुलासा किया है। पेपर लीक करने के मामले में 8 लोगों को गिरफ्तर किया गया है। गिरफ्तार किए गए लोगों से 10 लाख की नकदी बरामद की है। पुलिस की जांच में सामने आया कि यह पेपर रविवार को दोपहर 2:30 बजे ही लीक हो गया था । तीन घंटे की परीक्षा के दौरान मोबाइल के जरिए पेपर परीक्षा केंद्र से बाहर आया था

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उसके बाद जयपुर के चित्रकुट स्थित एक फ्लैट में बैठे युवक के पास पेपर पहुंचा । वहां से सीकर भेजा गया । सीकर से पेपर हल होकर वापस परीक्षा केंद्र में परीक्षार्थी के पास पहुंच गया । पेपर (Neet Paper) लीक का सौदा 35 लाख रुपए में किया गया था। पुलिस अब पेपर लीक होने की जानकारी परीक्षा आयोजित करने वाली अथॉरिटी को भेजेगी। जयपुर की सहायक पुलिस उपायुक्त रिचा तोमर ने बताया कि एक कांस्टेबल को सूचना मिली थी कि राजस्थान इंस्टीट्यृट ऑफ इंजीनियरिंग एवं टेक्नोलॉजी के परीक्षा केंद्र के इंविजीलेटर पेपर को परीक्षा केंद्र के बाहर भेजकर हल करा कर परीक्षार्थियों को नकल कराएंगे।

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि परीक्षार्थी धनेश्वरी यादव के चाचा सुनील यादव को पड़ोस के ही ई-मित्र संचालक अनिल ने नकल कराने में सहयेाग के लिए अलवर जिले के बानसूर निवासी नवरत्न स्वामी और परीक्षा केंद्र के इंविजीलेटर रामसिंह के साथ 35 लाख रुपए में सौदा हुआ था । पुलिस को शक है कि इतनी बड़ी रकम देकर केवल एक परीक्षार्थी को ही नकल नहीं कराई गई। बल्कि कई परीक्षार्थियों को नकल कराई गई होगी । जांच पूरी होने के बाद इस मामले का खुलासा हो सकेगा ।

रैकेट में परीक्षक था शामिल:

जयपुर के भांकरोटा के राजस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में 2 बजे से लेकर 5 बजे तक होने वाले नीट एग्ज़ाम (Neet Paper) में यह फर्जीवाड़ा पकड़ा गया. जैसे ही पुलिस ने आंसर शीट के साथ परीक्षा दे रही छात्रा को दबोचा उसने कहा कि यह आंसर सीट उसे परीक्षा लेने वाले कमरे में मौजूद परीक्षक ने दी है. परीक्षक ने कहा कि छात्रा के चाचा से 10 लाख रुपये में डील हुई है. गाड़ी में पैसे लेकर बैठे चाचा और दलाल को भी पुलिस ने धर दबोचा और उसके बाद कड़ियां खुलती गईं

मेडिकल ऑफिसर है गिरोह का सरगना:UUयूY

पता चला था कि इसका सरग़ना चित्तौड़गढ़ में तैनात मेडिकल ऑफ़िसर राजन गुरु है, जो राजस्थान मेडिकल एंट्रेंस टेस्ट 2010 सेकेंड टॉपर है. कोटा में बायो सर के नाम से मशहूर राजन गुरु का असली नाम राजन राजपुरोहित है. वह पिछले कई सालों से यह काम कर रहा था. वह चुनाव भी लड़ चुका है और नक़ली नाम से कोटा में अपनी कोचिंग भी चलाता है. इसके अलावा वह सरकारी मेडिकल अधिकारी भी है.

 

Tina Chouhan

Author, Editor, Web content writer, Article writer and Ghost writer