जयपुर

डीजीपी की मेल आईडी को हैक करने को लेकर आई यह खबर, कोलंबिया के आईपी एड्रेस से हुई थी हैकिंग

डीजीपी एमएल लाठर की ऑफिशियल मेल आईडी काेलंबिया के आईपी एड्रेस से हैक की गई थी। इसके लिए प्राॅक्सी सर्वर यूज किया गया था। मेल काे ऑपरेट कर दाे मेल डिलीट भी की गई

डीजीपी की मेल आईडी को हैक करने को लेकर आई यह खबर, कोलंबिया के आईपी एड्रेस से हुई थी हैकिंग

जयपुर. कुछ दिन पहले डीजीपी एमएल लाठर की सरकारी ईमेल आईडी हैक हुई थी। मेल से उत्तर प्रदेश पुलिस को आतंकी हमले के अलर्ट का संदेश भेजा गया है। इसकी पुष्टि लाठर ने खुद की है। लाठर का मेल हैक होने की जानकारी मिलते ही साइबर एक्सपर्ट इसे रिकवर करने में जुट गए।

इसी बीच, सूचना मिली है कि उत्तर प्रदेश के पुलिस अधिकारियों को 13 अगस्त को मेल पर आतंकी हमले का मैसेज मिला तो उन्होंने देर रात पुलिस महानिदेशक लाठर से फोन पर बात की। लाठर ने उन्हें किसी तरह की मेल भेजने से इन्कार कर दिया। लाठर ने इन्कार किया तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। अब पुलिस मुख्यालय की साइबर टीम जांच में जुटी है कि किस तरह से और किसने मेल हैक किया है।

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कोलंबिया के आईपी एड्रेस से हैक की गई थी मेल आईडी:

डीजीपी एमएल लाठर की ऑफिशियल मेल आईडी काेलंबिया के आईपी एड्रेस से हैक की गई थी। इसके लिए प्राॅक्सी सर्वर यूज किया गया था। मेल काे ऑपरेट कर दाे मेल डिलीट भी की गई।  हैकर्स ने मेल आईडी हैक करने के लिए डीजीपी की मेल आईडी पर पीडीएफ अटैच किया और फिशिंग मेल भेजी थी। पीडीएफ पर क्लिक करते ही मेल हैक हाे गई। SOG जांच में आया पुणे में नेट प्राेवाइड करने वाली कंपनी माइक्राेस्कैन का इंटरनेट उपयाेग किया गया था। SOG ने माइक्राेस्कैन से मूल आईपी एड्रेस की जानकारी मांगी है।

13 अगस्त काे हैकर्स ने डीजीपी की ऑफिशियल मेल आईडी हैक कर यूपी पुलिस काे आतंकी अलर्ट के मेल भेजे, लेकिन हैक करने के बाद उन्होंने पासवर्ड नहीं बदला। इसके चलते साइबर एक्सपर्ट ने पुलिस मुख्यालय डीजीपी ऑफिस में ऑफिशियल मेल आईडी काे ऑपरेट करने वाले सिस्टम काे पूरी तरह से लाॅगआउट कर दूसरे सिस्टम पर मेल आईडी ओपन कर तत्काल पासवर्ड बदल लिए। इससे कुछ ही देर में डीजीपी की हैक आईडी रिकवर हाे गई। यदि हैकर ने अगर पासवर्ड बदल लेता ताे रिकवर करने में समय लग जाता।

राजस्थान में होते है फर्जी केस:

फर्जी केस दर्ज होने के मामले में राजस्थान अन्य राज्यों के मुकाबले आगे हैं। उन्होंने कहा कि देशभर में जितने फर्जी केस दर्ज होते हैं, उसमें से 37 फीसद अकेले राजस्थान में होते हैं। फर्जी केस दर्ज करवाने वालों के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान है, लेकिन काम के दबाव के कारण पुलिस ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर पाती है। बीकानेर में पत्रकारों से बात करते हुए लाठर ने कहा कि राजस्थान में महिला अपराध बढ़ने की बात कही जाती है, लेकिन हकीकत यह है कि राज्य में प्रत्येक शिकायत दर्ज की जाती है। इस कारण केस की संख्या बढ़ती है। इनमें से कई मामले जांच के बाद फर्जी निकलते हैं।

Tina Chouhan

Author, Editor, Web content writer, Article writer and Ghost writer