जयपुर

जन्माष्टमी के अवसर पर गुलाबी नगरी में बढ़ी रौनक, पर्यटन स्थलों पर दिखी भीड़

जन्माष्टमी के एक दिन पहले रविवार को राजधानी पर्यटकों से गुलजार हुई। आमेर महल, हवामहल, जंतर—मंतर व नाहरगढ देखने के लिए सैलानियों की भीड़ उमड़ पडी।

जन्माष्टमी के अवसर पर गुलाबी नगरी में बढ़ी रौनक, पर्यटन स्थलों पर दिखी भीड़

जयपुर. जन्माष्टमी के एक दिन पहले रविवार को राजधानी पर्यटकों से गुलजार हुई। जन्माष्टमी केे मौके पर आमेर महल, हवामहल, जंतर—मंतर व नाहरगढ देखने के लिए सैलानियों की भीड़ उमड़ पडी। जन्माष्टमी मेे लॉकडाउन के बाद शहर में रिकॉर्ड 23 हजार 816 पर्यटक आए। विश्वविख्यात आमेर महल को देखने के लिए सबसे अधिक 7 हजार 157 पर्यटक पहुंचे। सुबह से ही आमेर महल पर्यटकों से गुलजार (Tourist Place) नजर आया। यहां 4 विदेश पर्यटक भी पहुंचे

आमेर के स्मारक और जलाशयों के आस-पास दिन-भर सैलानियों की चहल-कदमी देखी जा रही है. अगर जुलाई महीने की बात की जाए तो राजधानी जयपुर में 1.77 लाख से अधिक पर्यटक घूमने के लिए पहुंचे थे. आमेर के चारों तरफ पहाड़ियां है. इस बार बारिश अच्छी होने से आमेर महल समेत अन्य पर्यटक स्थलों के चारों तरफ हरियाली छाई हुई है. इस बार की बारिश से आमेर के जल स्रोतों में पानी आने से पक्षियों की चहचहाहट रहती है

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आमेर महल के बाद सबसे अधिक पर्यटक हवामहल देखने पहुंचे, यहां यहां 4 हजार 845 पर्यटक पहुंचे। यहां 2 विदेशी पर्यटक भी पहुंचे। वहीं जंतर—मंतर देखने के लिए 4 हजार 281 पर्यटक पहुंचे। अल्बर्ट देखने वालों की संख्या भी दो हजार 727 रही। वहीं नाहरगढ़ देखने के लिए भी 4 हजार 596 पर्यटक पहुंचे। आमेर महल और नाहरगढ़ देखने वाले पर्यटकों की भीड़ के चलते आमेर घाटी सहित आमेर रोड पर दिनभर जाम जैसे हालात देखने को मिले। आमेर की गलियों और सड़कों पर भी दिनभर जाम जैसे हालात रहे। दिनभर शहर के पर्यटन स्थलों पर सैलानी आते रहे। दोपहर बाद पर्यटकों की भीड़ अधिक रही।

आमेर का मावठा सरोवर, पन्ना मीणा कुण्ड और सागर बांध समेत कई जल स्रोतों पर पर्यटकों की अच्छी आवक हो रही है. हरियाली पर्यटकों को काफी लुभा रही है. आमेर के मावठा सरोवर, पन्ना मीणा कुण्ड और सागर बांध पर पहुंचने वाले पर्यटक इन खूबसूरत वादियों को अपने कैमरे और मोबाइल में कैद करते हुए नजर आते हैं. सैलानी मावठा झील के पास अलग-अलग एंगल से फोटोग्राफ्स शूट करते हैं.

मावठा झील के किनारे पर्यटकों की चहल-पहल:

मावठा से आमेर महल का नजारा काफी खूबसूरत लगता है. मावठा झील के पास बैकग्राउंड में आमेर महल की सुंदरता फोटो में चार चांद लगाती है. दिनभर मावठा झील के किनारे पर्यटकों की चहल पहल रहती है. वहीं अलसुबह से ही युवा ज्यादातर मावठा झील पर फोटो और वीडियो बनाते हुए नजर आते हैं. मावठा झील और आमेर महल का दृश्य दिखाने वाली वीडियो सोशल मीडिया पर भी काफी चलती हैं. वहीं कुछ लोग वेडिंग शूट के लिए आमेर महल, पन्ना मीणा कुंड और सागर बांध पर शूट के लिए पहुंच रहे है.

वापस लौट आई सागर बांध की रौनक:

आमेर में आखिरी बार वर्ष 2013 में बारिश होने से सागर बांध में पानी भरा था. उसके बाद बारिश की कम होने के चलते सागर बांध में धीरे-धीरे पानी सूख गया. करीब 4 साल पहले सागर बांध में पानी की एक बूंद भी नहीं बची थी. बांध में मौजूद मगरमच्छों को भी वन विभाग ने दूसरे जलाशयों में शिफ्ट कर दिया था लेकिन इस बार फिर करीब 8 साल बाद अच्छी बारिश होने से सागर बांध में पानी भरने से सागर बांध की रौनक वापस लौट आई है, यहां पर सबसे ज्यादा जयपुराइटस पहुंचने लगे हैं.

पहले सागर बांध की पहाड़ी पर जोरदार झरने चलते थे. उन दिनों बारिश काफी अच्छी होती थी, जिसकी वजह से झरनों का नजारा देखने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंचते थे. झरनों के नीचे बैठकर नहाने का भी लुत्फ उठाते थे. उन दिनों सागर बांध पर पर्यटक को की काफी भीड़ देखने को मिलती थी लेकिन धीरे-धीरे बारिश कम होने की वजह से झरने भी बंद हो गए.

जुलाई में करीब 1.77 लाख पर्यटक पहुंचे राजधानी जयपुर:

जुलाई महीने में करीब 1.77 लाख पर्यटक राजधानी जयपुर पहुंचे. वहीं, अगस्त महीने में अब तक करीब 2.26 लाख से अधिक पर्यटक जयपुर के विभिन्न पर्यटक स्थलों पर घूमने के लिए पहुंचे. लगातार पर्यटकों की संख्या में इजाफा हो रहा है. ज्यादातर पर्यटक आमेर के पर्यटक स्थलों पर पहुंच रहे हैं.

पूरे प्रदेश की बात की जाए तो जुलाई महीने में प्रदेशभर के सभी पर्यटक स्थलों पर करीब 2,26,403 पर्यटक विजिट करने पहुंचे थे. इनमें से 1,77,000 केवल राजधानी जयपुर के हैं. जुलाई और अगस्त की बात की जाए तो राजधानी जयपुर के पर्यटक स्थलों पर करीब 4.15 लाख पर्यटकों ने विजिट किया है.

लोगों को मिलने लगा रोजगार:

पर्यटकों की संख्या में इजाफा होने से पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों को भी रोजगार मिलने लगा है. कोरोना काल में पर्यटकों की संख्या कम होने से पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों की आर्थिक स्थितियां काफी खराब हो चुकी थी लेकिन लगातार बढ़ती पर्यटकों की संख्या से पर्यटन व्यवसाय में भी बढ़ोतरी हो रही है. पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों के चेहरों पर खुशी लौटने लगी है.

टूरिस्ट गाइड महेश कुमार शर्मा ने बताया कि बारिश से आमेर के सभी जल स्रोतों में पानी आया है. आमेर चारों तरफ पहाड़ियों से घिरा हुआ है, यहां पर काफी जल स्रोत हैं. आमेर में इन दिनों काफी अच्छी हरियाली भी देखने को मिल रही है

क्या कहना है पर्यटकों का:

आमेर पहुंचने वाले पर्यटकों का कहना है कि आमेर की सुंदरता अपने आप में काफी अद्भुत है. यहां घूमने के साथ ही सुंदरता और खूबसूरत पलों को अपने मोबाइल में भी कैद करते हैं. जयपुर की प्राकृतिक सुन्दरम और मनमोहक जगह आमेर है. इसके साथ ही आमेर में राजस्थानी खाना भी काफी स्वादिष्ट है.

 

Tina Chouhan

Author, Editor, Web content writer, Article writer and Ghost writer